सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए। पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए। पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
- सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए। पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।1
- ##### Hamare dada g ke jamane ka Bahut hi badhiya nuska ghar ka nuska #### Dosto aap bhi ghar bethe ese bana sakte hai our use bhi kar sakte hai1
- विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने से मवेशी द्वारा कर दिया जाता है गंदगी नगर पंचायत सौर बाजार के सौतारी भरना स्थित प्राथमिक विद्यालय में मुख्य गेट नहीं रहने से विद्यालय के बच्चे एवं शिक्षक को कई परेशानी झेलनी पड़ती है। इसको लेकर विद्यालय के शिक्षक ने बताया की विद्यालय में मुख्य गेट नहीं रहने से विद्यालय बंद होने के बाद मवेशी घुस आते हैं जिससे विद्यालय परिसर गंदा हो जाता है जिससे साफ सफाई करने में भारी परेशानी होती है इसके अलावा विद्यालय में चोरी की घटना की भय भी बढ़ जाती है। विद्यालय परिसर में पीने के शुद्ध पानी को लेकर बोरिंग किया गया था जो अब तक अधूरा पड़ा है जिससे विद्यालय के बच्चे एवं शिक्षक आयरन युक्त पानी पीने पर मजबूर है। विद्यालय परिसर में मात्र एक हेडपंप लगा हुआ है जिससे आयरन युक्त पानी निकलता है जो पीने लायक नहीं रहता है जिससे बाहर से पानी लाना पड़ता है।1
- 13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है। बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।3
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है दिल्ली// पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है1
- मध्य विद्यालय राटन के समीप वार्ड नंबर 8 में बनाए गए यात्री प्रतिक्षालय करीब 15 लाख से बनाया गया नगर परिषद गोगरी जमालपुर के द्वारा छः महीने में देखिए क्या हाल है यात्री प्रतिक्षालय का Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar Urban Development & Housing Dept, Govt. of Bihar Nitish Mishra District Administration, Khagaria - Bihar #zerotolerancepolicy #Corruption Nagar Parishad Gogri Jamalpur1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में 12 महिलाओं का सफल बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी के लिए जागरूकता अभियान तेज गोगरी अनुमंडल अस्पताल में शुक्रवार को परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत बंध्याकरण शिविर का आयोजन किया गया। वहीं दूसरी ओर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश के निर्देश पर क्षेत्र में आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार नियोजन को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। शिविर में महिला चिकित्सक डॉ. शोभा रानी ने कुल 12 महिलाओं का सफल बंध्याकरण ऑपरेशन किया। सभी महिलाओं का ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल भी उपलब्ध कराई गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने शुक्रवार की शाम छह बजे बताया कि सरकार के निर्देशानुसार परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी नसबंदी के प्रति प्रेरित और जागरूक किया जा रहा है, ताकि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी दोनों की सहभागिता से पूरी हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटे एवं स्वस्थ परिवार के निर्माण के लिए सरकार द्वारा संचालित परिवार नियोजन कार्यक्रम का लाभ उठाएं तथा आवश्यक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।1
- गोगरी में यूडीआईडी कार्ड निर्माण शिविर आयोजित, दोपहर तक 105 दिव्यांगजनों की हुई जांच। गोगरी में यूडीआईडी कार्ड निर्माण शिविर आयोजित, दोपहर तक 105 दिव्यांगजनों की हुई जांच गोगरी मुख्यालय स्थित ट्रायसेम भवन में शुक्रवार को दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के चिकित्सकों की टीम ने दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर पात्र लाभुकों के यूडीआईडी कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूरी की। शिविर में कान रोग विशेषज्ञ डॉ. केशव सुमन सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे और लाभुकों की जांच की। वहीं, दिव्यांग संघ के जिला अध्यक्ष पवन कुमार पासवान भी शिविर में उपस्थित रहकर दिव्यांगजनों को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे। दोपहर 2 बजे तक कुल 105 लाभुकों की चिकित्सीय जांच कर उनके यूडीआईडी कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी। शिविर के दौरान लाभुकों से आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन स्वीकार किए गए। पूरे आयोजन में व्यवस्था सुचारु रही और दिव्यांगजनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई।1