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पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है दिल्ली// पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है
Pintu Bihari
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है दिल्ली// पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने पाखंडी साधु बनकर चंदा चोरों की रेलाई की है
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- श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा पर खगड़िया जिला प्रशासन की पैनी नगर, व्यवस्था चाक चौबंद1
- श्रावणी मेला: कच्ची पथ पर नहीं गूंजी ‘हर हर महादेव’, जन सूचना से कांवरिया खो जाने पर माइक से आवाज देते हैं तो जल्द मिल जाता है कांवरिया कांवरियों ने की धोनी विस्तारक यंत्र सिस्टम लगाने की मांग* रिपोर्टर - साहिल राज आगाज टाइम *श्रावणी मेला: कच्ची पथ पर नहीं गूंजी ‘हर हर महादेव’, जन सूचना से कांवरिया खो जाने पर माइक से आवाज देते हैं तो जल्द मिल जाता है कांवरिया कांवरियों ने की धोनी विस्तारक यंत्र सिस्टम लगाने की मांग* *तारापुर।* विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का आगाज हो चुका है। महादेव के भक्त लाखों की संख्या में कच्ची कांवरिया पथ पर देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन ने कांवरिया विधि-व्यवस्था के लिए एक महीना पूर्व से ही तैयारी शुरू कर दी थी। पथ पर पेयजल, शौचालय, टेंट सिटी, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लेकिन इस बार 26 किलोमीटर लंबे तारापुर विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाले कच्ची कांवरिया पथ पर एक अहम कमी देखी जा रही है। हर साल इस पूरे पथ में धोनी विस्तारक सूचना केंद्र के माध्यम से यंत्र यानी साउंड सिस्टम लगाए जाते थे, जिससे पूरे रास्ते "हर हर शंभू" और "हर हर महादेव" की गूंज सुनाई पड़ती थी और कांवरियों का उत्साह दोगुना हो जाता था। *कांवरियों ने की मांग* गोरखपुर से आए कांवरिया श्याम सुंदर ने कहा, “सरकार की व्यवस्था ठीक है। पेयजल, रास्ता सब बढ़िया है। परंतु इस बार हर महादेव की गुंज नहीं सुनाई पड़ रही है। जिला प्रशासन से आग्रह है कि यह छोटी सी व्यवस्था जल्द कर दें। अभी एक महीना श्रावणी मेला बचा है।” कई अन्य कांवरियों ने भी कहा कि इससे कोई हुए कांवरिया का सूचना भी मिल जाता है साउंड सिस्टम से भक्ति का माहौल बनता है और थकान भी दूर होती है। प्रशासन से उम्मीद है कि कांवरियों की इस भावनात्मक मांग पर जल्द विचार कर कच्ची पथ पर धोनी विस्तारक यंत्र की व्यवस्था की जाएगी।3
- 13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है। बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।3
- ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र अब एक वर्ष तक रहेगा मान्य, छात्रों के लिए छात्रावास की भी तैयारी : राजकुमार सिंह मुंगेर। उच्च जातियों के लिए आयोग (सवर्ण आयोग) के सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का प्रमाण पत्र अब निर्गत होने की तिथि से पूरे एक वर्ष तक मान्य रहेगा। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार प्रमाण पत्र बनवाने की परेशानी से राहत मिलेगी और विभिन्न भर्ती एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में सुविधा होगी। शुक्रवार को मुंगेर पहुंचे राजकुमार सिंह ने सबसे पहले एक नंबर ट्रैफिक चौक स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार की ओर से ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न 19,800 से अधिक सिपाही भर्ती में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 1,983 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग के 26 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार सवर्ण समाज के करीब 52 प्रतिशत लोग ईडब्ल्यूएस के दायरे में आते हैं। राजकुमार सिंह ने कहा कि आयोग का प्रयास है कि अन्य आरक्षण प्राप्त वर्गों की तरह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों को भी शिक्षा, छात्रावास और अन्य सरकारी सुविधाओं का समान लाभ मिले। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए प्रमंडल स्तर पर छात्रावास निर्माण तथा बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोग आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रेस वार्ता के दौरान आयोग की विभिन्न योजनाओं और सरकार की पहलों की भी जानकारी दी गई। ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र अब एक वर्ष तक रहेगा मान्य, छात्रों के लिए छात्रावास की भी तैयारी : राजकुमार सिंह मुंगेर। उच्च जातियों के लिए आयोग (सवर्ण आयोग) के सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का प्रमाण पत्र अब निर्गत होने की तिथि से पूरे एक वर्ष तक मान्य रहेगा। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार प्रमाण पत्र बनवाने की परेशानी से राहत मिलेगी और विभिन्न भर्ती एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में सुविधा होगी। शुक्रवार को मुंगेर पहुंचे राजकुमार सिंह ने सबसे पहले एक नंबर ट्रैफिक चौक स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार की ओर से ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न 19,800 से अधिक सिपाही भर्ती में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 1,983 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग के 26 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार सवर्ण समाज के करीब 52 प्रतिशत लोग ईडब्ल्यूएस के दायरे में आते हैं। राजकुमार सिंह ने कहा कि आयोग का प्रयास है कि अन्य आरक्षण प्राप्त वर्गों की तरह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों को भी शिक्षा, छात्रावास और अन्य सरकारी सुविधाओं का समान लाभ मिले। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए प्रमंडल स्तर पर छात्रावास निर्माण तथा बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोग आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रेस वार्ता के दौरान आयोग की विभिन्न योजनाओं और सरकार की पहलों की भी जानकारी दी गई।1
- 4 महीने की गर्भवती पत्नी को अपनाने से पति ने किया इनकार? इंसाफ के लिए महिला आयोग पहुंची1
- गृह मंत्री की अनुपस्थिति का उठा मुद्दा, पप्पू यादव ने साधू वेश में चंदा चोरी का उठाया मुद्दा गृह मंत्री की अनुपस्थिति का उठा मुद्दा, पप्पू यादव ने साधू वेश में चंदा चोरी का उठाया मुद्दा1
- नर्मदेश्वर शिवलिंग सपरिवार की प्रतिमा स्थापित, पालकी पर नाग देवता के दिखने से बढ़ी श्रद्धालुओं की आस्था नर्मदेश्वर शिवलिंग सपरिवार की प्रतिमा स्थापित, पालकी पर नाग देवता के दिखने से बढ़ी श्रद्धालुओं की आस्था रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम सोनवर्षा राज (सहरसा): प्रखंड क्षेत्र के महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव सपरिवार की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत स्थापना की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा मंदिर परिसर से पुरे नगर भ्रमण करते हुए पहुंची, मंदिर जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल लेकर पुनः यज्ञ स्थल पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के भगवान शिव सपरिवार के प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। वहीं, प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने से,श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई। लोगों के बीच इसकी चर्चा होने लगी और श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित सुशील चौधरी, बबलू भगत, प्रकाश चौधरी, दीपक जायसवाल, विकास अग्रवाल, राकेश जायसवाल, संजीव जायसवाल, संजीव स्वर्णकार, खगेश, प्रमोद चौधरी, संतोष चौधरी, ललन जायसवाल, भातू स्वर्णकार, पप्पू साह, वीरेंद्र जायसवाल, प्रकाश अग्रवाल, राणा कुमार, रोशन, सुरेश मुखिया,बजरग अग्रवाल, अजीत चौधरी, समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- जमीन बेच पत्नी को बनाया BPSC टीचर, अब प्रेमी संग कमरे में पकड़ने का पति का दावा!1
- एक पेड़ मां के नाम 03/ वृक्षारोपण कस्तुरबा आवासीय विद्यालय आरार घुवाबै में। भागलपुर जिला अन्तर्गत सन्हौला प्रखंड आरार कस्तूरबा विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के कार्यक्रम के उपलक्ष्य पर प्रधानाध्यापक श्री अरुण कुमार सिंह एवं इको क्लब के नोडल शिक्षक श्री अभिषेक कुमार के नेतृत्व में स्कुली छात्र छात्राओं प्रिया कुमारी,साक्षी कुमारी,सुरुची कुमारी,शीमा कुमारी,आयूषी कुमारी,सुरज कुमार,राजा कुमार,सुमन कुमार ने पेड़ लगाने के दौरान क्या कहा। अजय आजाद संवाददाता भागलपुर बिहार।1