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गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र अंतर्गत परती कुस्वानी से एक नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या का चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की छानबीन में यह सामने आया कि सोते हुए हालात में नाबालिग के अपने पिता ने ही रस्सी से उसका गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है।
The Update Abtak
गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र अंतर्गत परती कुस्वानी से एक नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या का चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की छानबीन में यह सामने आया कि सोते हुए हालात में नाबालिग के अपने पिता ने ही रस्सी से उसका गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है।
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- गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र अंतर्गत परती कुस्वानी से एक नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या का चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की छानबीन में यह सामने आया कि सोते हुए हालात में नाबालिग के अपने पिता ने ही रस्सी से उसका गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है।1
- बकरीद त्योहार के अवसर पर, डंडई पुलिस ने ठंडाई प्रखंड क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। यह कदम सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि बकरीद का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।1
- बकरीद के त्योहार को देखते हुए सोनभद्र पुलिस ने पूरे जिले में अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिलेभर में फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।1
- मेदिनीनगर के सदर प्रखंड और आसपास के क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे बकरीद पर्व शांति, सौहार्द और अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर विभिन्न मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की गई, जिनमें जामा मस्जिद तेलियाबांध, भीमगढ़ा, कौड़िया मस्जिद, भौसही मस्जिद, पोखराहा मस्जिद और सारजा मस्जिद प्रमुख थीं। बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगीं। बकरीद को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। थाना प्रभारी ने सभी को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मो. अली अंसारी, हाजी सुलेमान मास्टर, कलाम अंसारी, ताहिर अंसारी, आबिद अंसारी, अब्दुल सईद अंसारी, आजम अंसारी, दिलशाद अंसारी और सलमान अंसारी समेत अनेक लोगों ने नमाज अदा की। खतीब-ओ-इमाम जामा मस्जिद नूरी चियांकी तेलियाबांध के मौलाना शाहिद रजा ने अपने संबोधन में बकरीद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे त्याग, कुर्बानी, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व बताया। उन्होंने करीब साढ़े चार हजार वर्ष पहले हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम द्वारा अल्लाह की रजा के लिए अपने बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने के फैसले का जिक्र किया। मौलाना रजा ने बताया कि अल्लाह ने इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी कबूल कर उन्हें इम्तेहान में कामयाब किया। उन्होंने यह भी बताया कि जब बादशाह नमरूद ने इब्राहिम अलैहिस्सलाम को आग में डलवा दिया था, तब अल्लाह ने उस आग को उनके लिए गुलजार बना दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बकरीद का मूल उद्देश्य यही है कि इंसान अल्लाह की राह में त्याग और समर्पण की भावना रखे, जैसा कि इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अपने वतन, माल और जान की कुर्बानी देकर प्रदर्शित किया। नमाज के उपरांत लोगों ने सलातो-सलाम पढ़ा, मुसाफा किया और एक-दूसरे के घरों पर जाकर सेवइयां खाईं-खिलाईं। इसके साथ ही कुर्बानी की रस्म भी अदा की गई। पूरे सदर प्रखंड क्षेत्र में बकरीद का यह पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय, बालिकाओं के लिए एक प्रमुख कन्या गुरुकुल है, जो प्राचीन भारतीय परंपराओं और सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार शिक्षा प्रदान करता है। इस गुरुकुल में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ वेदों, शास्त्रों (जिसमें संस्कृत व्याकरण और दर्शन शामिल हैं) और आत्मरक्षा के लिए शस्त्र प्रशिक्षण की विशेष शिक्षा दी जाती है। यह महाविद्यालय पूरी तरह से आवासीय गुरुकुल प्रणाली पर आधारित है, जहाँ छात्राओं को वेद पाठ और संस्कृत में निपुण बनाने के साथ-साथ तलवारबाजी जैसे शस्त्र प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यहाँ कड़े अनुशासन का पालन किया जाता है; परिसर में हर समय वर्दी पहनना अनिवार्य है, छात्राओं को सीधे फ़ोन कॉल करने की अनुमति नहीं होती, और माता-पिता केवल महीने में एक बार (रविवार को) सीमित समय के लिए अपनी बेटियों से मिल सकते हैं। पाणिनि कन्या महाविद्यालय में छह महीने के लिए शुल्क ₹49,600 निर्धारित है। प्रवेश प्रक्रिया के तहत दाखिले के लिए पंजीकरण आमतौर पर मार्च के महीने में किए जाते हैं, जिसके बाद मई में प्रवेश शिविर और संबंधित परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।2
- पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद और आंचलिक क्षेत्र में बकरीद का पर्व अमन और हर्षोल्लास के बीच मनाया गया। इस पावन अवसर पर, क्षेत्र की सभी मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाएँ दीं, जिससे भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहा।1
- आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए चिनीयां पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। बुधवार शाम 5:30 बजे, थाना प्रभारी बिकू कुमार रजक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने चिनीयां के बाज़ार क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च थाना मोड़ से शुरू होकर बस स्टैंड, रंका मोड़, रानी चेरी मस्जिद सहित कई प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस जवान मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों के साथ लगातार गश्त करते दिखे। पुलिस की इस सक्रिय मौजूदगी से आम लोगों में सुरक्षा के प्रति भरोसा बढ़ा, जबकि असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया। थाना प्रभारी बिकू कुमार रजक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बकरीद आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व है, जिसे सभी लोग शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए मनाएं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, माहौल खराब करने या कानून हाथ में लेने वालों पर प्रशासन की कड़ी नज़र है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील भी की है। पर्व को लेकर क्षेत्र में लगातार गश्ती अभियान जारी रखने की बात भी कही गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि शांति भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।1
- अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी के सबसे कम उम्र के बाल संत, महंत सूरज दास (बाल योगी) मुख्य रूप से अयोध्या, उत्तर प्रदेश में ही निवास करते हैं। वे अपना अधिकांश समय हनुमानगढ़ी के विभिन्न सेवाकार्यों में लीन रहकर व्यतीत करते हैं। यह 12 वर्षीय बाल संत हाल ही में बाला जी के सारण पहुँचे, जहाँ उनके द्वारा कही गई बातों को सुनकर उपस्थित लोग आश्चर्यचकित रह गए और पूरी तरह दंग रह गए।1