20–25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता पर उठे सवाल, सरकार से विशेष छूट की मांग। आगरा। विशिष्ट बीटीसी प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण छूट अथवा विशेष प्रावधान दिए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान और प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, जबकि वर्तमान में 20–25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे इन शिक्षकों पर पूर्व प्रभाव से टीईटी लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। संगठन का कहना है कि लंबे अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर वरिष्ठ शिक्षकों को नवयुवक अभ्यर्थियों के समान परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना उनके सम्मान और सेवा सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान ने कहा कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव और योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें टीईटी से मुक्त करने या विशेष व्यवस्था लागू करने पर विचार करना चाहिए। वहीं प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार ने सुझाव दिया कि यदि पूर्ण छूट संभव न हो तो अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष दो अंक उत्तीर्णांक में जोड़े जाएं, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पृथक परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए तथा परीक्षा अवधि 150 मिनट के स्थान पर 180 मिनट की जाए। साथ ही कार्यदिवस में परीक्षा होने पर विशेष अवकाश और टीईटी परीक्षा वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित करने की मांग भी रखी गई। संगठन के पदाधिकारी संजय सिंह तोमर ने कहा कि कार्यरत शिक्षकों की सेवा प्रभावित किए बिना उनके लिए अलग परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि वे सहजता से परीक्षा में सम्मिलित हो सकें। ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट, द्वारा प्राप्त किया गया। इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, विजय यादव, जयप्रकाश, प्रमोद राठौर, अजय प्रकाश सिंह, मानवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और न्यायोचित हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय बुलबुल शर्मा ब्यूरो चीफ आगरा
20–25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता पर उठे सवाल, सरकार से विशेष छूट की मांग। आगरा। विशिष्ट बीटीसी प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण छूट अथवा विशेष प्रावधान दिए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान और प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, जबकि वर्तमान में 20–25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे इन शिक्षकों पर पूर्व प्रभाव से टीईटी लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। संगठन का कहना है कि लंबे अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर वरिष्ठ शिक्षकों को नवयुवक अभ्यर्थियों के समान परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना उनके सम्मान और सेवा सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान ने कहा कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव और योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें टीईटी से मुक्त करने या विशेष व्यवस्था लागू करने पर विचार करना चाहिए। वहीं प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार ने सुझाव दिया कि यदि पूर्ण छूट संभव न हो तो अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष दो अंक उत्तीर्णांक में जोड़े जाएं, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पृथक परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए तथा परीक्षा अवधि 150 मिनट के स्थान पर 180 मिनट की जाए। साथ ही कार्यदिवस में परीक्षा होने पर विशेष अवकाश और टीईटी परीक्षा वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित करने की मांग भी रखी गई। संगठन के पदाधिकारी संजय सिंह तोमर ने कहा कि कार्यरत शिक्षकों की सेवा प्रभावित किए बिना उनके लिए अलग परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि वे सहजता से परीक्षा में सम्मिलित हो सकें। ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट, द्वारा प्राप्त किया गया। इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, विजय यादव, जयप्रकाश, प्रमोद राठौर, अजय प्रकाश सिंह, मानवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और न्यायोचित हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय बुलबुल शर्मा ब्यूरो चीफ आगरा
- शराब घोटाले में बरी होने के बाद रो पड़े अरविंद केजरीवाल...* दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला।।1
- आगरा। विशिष्ट बीटीसी प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण छूट अथवा विशेष प्रावधान दिए जाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान और प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, जबकि वर्तमान में 20–25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे इन शिक्षकों पर पूर्व प्रभाव से टीईटी लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। संगठन का कहना है कि लंबे अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर वरिष्ठ शिक्षकों को नवयुवक अभ्यर्थियों के समान परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करना उनके सम्मान और सेवा सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष हरेश चौहान ने कहा कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव और योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें टीईटी से मुक्त करने या विशेष व्यवस्था लागू करने पर विचार करना चाहिए। वहीं प्रदेश महामंत्री अजय सिकरवार ने सुझाव दिया कि यदि पूर्ण छूट संभव न हो तो अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष दो अंक उत्तीर्णांक में जोड़े जाएं, वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पृथक परीक्षा व्यवस्था बनाई जाए तथा परीक्षा अवधि 150 मिनट के स्थान पर 180 मिनट की जाए। साथ ही कार्यदिवस में परीक्षा होने पर विशेष अवकाश और टीईटी परीक्षा वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित करने की मांग भी रखी गई। संगठन के पदाधिकारी संजय सिंह तोमर ने कहा कि कार्यरत शिक्षकों की सेवा प्रभावित किए बिना उनके लिए अलग परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि वे सहजता से परीक्षा में सम्मिलित हो सकें। ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट, द्वारा प्राप्त किया गया। इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, विजय यादव, जयप्रकाश, प्रमोद राठौर, अजय प्रकाश सिंह, मानवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और न्यायोचित हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय बुलबुल शर्मा ब्यूरो चीफ आगरा1
- 👉 होली पर आगरा पुलिस हाई अलर्ट, फ्लैग मार्च और पीस मीटिंग शुरू 👉 बलवे से निपटने के लिए पुलिस लाइन में मॉकड्रिल, वाटर कैनन का प्रदर्शन 👉 एडिशनल डीसीपी अक्षय महाडिक बोले – माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई आगरा शहर में होली के त्योहार को सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आगरा पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। किसी भी संभावित बलवे या अराजकता से निपटने के लिए पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है, वहीं थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर पुलिस लाइन ग्राउंड में बलवे की स्थिति से निपटने के लिए विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल के दौरान बलवाइयों को पहले समझाने, चेतावनी देने और इसके बाद उन्हें काबू करने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रदर्शन किया गया।पुलिस अधिकारियों ने दंगा नियंत्रण उपकरणों और रणनीतियों का भी अभ्यास किया, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।इस दौरान एडिशनल डीसीपी अक्षय महाडिक ने बताया कि होली के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में शहर का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।1
- पुलिस कमिश्नर, आगरा के निर्देशन में #आगरा_पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्यवाही निरंतर जारी है:-दयालबाग क्षेत्र में सुबह टहलने निकलीं महिला पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने वाले अभियुक्त को थाना न्यू आगरा पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया गया।अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 चाकू बरामद किया गया है। बाइट- महाडिक अक्षय संजय, अपर पुलिस उपायुक्त/सहायक पुलिस आयुक्त, हरीपर्वत/लाइन्स। Updated News -27/Feb/26- अखण्ड इंडिया न्यूज़ नेटवर्क से संपादक अनुज रावत सभी प्रकार की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले |1
- BJP विधायक पुत्र ने जिस टोल कर्मचारी को थप्पड़ मारा था, पुलिस उसी टोलकर्मी के घर आधी रात को पहुंच गई !! आगरा, उत्तर प्रदेश ll यह घटना आगरा के रायभा टोल प्लाजा (Google Maps) से जुड़ी है, जहाँ फतेहपुर सीकरी से बीजेपी विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे सुरेश चौधरी ने एक टोलकर्मी को थप्पड़ मारा था। पीड़ित टोलकर्मी का नाम संजय सिंह है और वह आगरा के ही अछनेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके का रहने वाला है। आधी रात को पुलिस की दस्तक: विवाद के बाद पुलिस आधी रात को पीड़ित टोलकर्मी के घर पहुंची। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने रात में ही टोलकर्मी से एक समझौता पत्र (Compromise Letter) लिखवा लिया, जिसमें घटना को आपसी गलतफहमी बताया गया। टोलकर्मी के भाई का बयान: टोलकर्मी के भाई का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसने पुलिस पर विधायक के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। घटना का कारण: मंगलवार दोपहर को विधायक के बेटे की गाड़ी पर FASTag नहीं था और बैरियर खोलने में हुई देरी के कारण विवाद हुआ, जिसके बाद विधायक पुत्र ने टोलकर्मी को थप्पड़ जड़ दिए।1
- Post by Kattar Nishad raj1
- आनंद विहार1
- वाराणसी के कैंटोनमेंट स्थित होटल क्लार्क में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अनुराग श्रीवास्तव संस्थापक एवं सीईओ मेडीवेज हेल्थ फाऊंडेशन बृजेश श्रीवास्तव सह संस्थापक एवं मेडीवेज हेल्थ फाउंडेशन से जुड़े लोगों संयुक्त रूप से बताया कि She Shield Conclave 2026 के आयोजन से पूर्व एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया जा रहा है यह राष्ट्रीय स्तर का मंच जलवायु परिवर्तन और महिला स्वास्थ्य जैसे समकालीन व महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का पहला संवाद है इस पूर्व-प्रेस संवाद का उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को कॉन्क्लेव की थीम, उद्देश्य, सामाजिक प्रासंगिकता एवं विशिष्ट सहभागियों से अवगत कराना है मुख्य कॉन्क्लेव: 28 फरवरी 2026 होटल ताज गंगेज वाराणसी किया जा रहा है जिसमें कई विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी जिसमें देश विदेश से बड़ी संख्या में एक्सपर्ट जुटेगें1