राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीपली डोडियान में शनिवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर नशे के गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन, शिक्षा और सकारात्मक सोच को अपनाकर नशे से दूर रहने का आह्वान किया। वहीं मुख्य अतिथि उप जिला शिक्षा अधिकारी छगनलाल पूर्बिया ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करके ही स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ समाज में भी इसका संदेश फैलाने का आग्रह किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और प्रश्नोत्तरी व विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जन-चेतना का संदेश दिया। विद्यालय परिवार ने "नशे से दूरी है जरूरी" और "नशामुक्त युवा, विकसित भारत" का संदेश देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य कृष्णगोपाल नंदवाना, रसायन शास्त्र व्याख्याता शशिकांत बुनकर, राजेश शर्मा, रोशनलाल रेगर, दीपिका पहाड़िया, दीपिका सालवी, नितेश सिंगारिया, राकेश कुमावत सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीपली डोडियान में शनिवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर नशे के गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन, शिक्षा और सकारात्मक सोच को अपनाकर नशे से दूर रहने का आह्वान किया। वहीं मुख्य अतिथि उप जिला शिक्षा अधिकारी छगनलाल पूर्बिया ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के
प्रति जागरूक करके ही स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ समाज में भी इसका संदेश फैलाने का आग्रह किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और प्रश्नोत्तरी व विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जन-चेतना का संदेश दिया। विद्यालय परिवार ने "नशे से दूरी है जरूरी" और "नशामुक्त युवा, विकसित भारत" का संदेश देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य कृष्णगोपाल नंदवाना, रसायन शास्त्र व्याख्याता शशिकांत बुनकर, राजेश शर्मा, रोशनलाल रेगर, दीपिका पहाड़िया, दीपिका सालवी, नितेश सिंगारिया, राकेश कुमावत सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- राजसमंद के सलोदा गांव में संपूर्ण मेवाड़ में पालीवाल समाज द्वारा चलाए जा रहे परिवार परिचय एवं जनगणना अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में 24 श्रेणी पालीवाल समाज सेवा समिति के मनोनीत उपाध्यक्ष गोपाल जी कटारा, समाजसेवी दिनेश जी पालीवाल (उनवास), संजय जी पालीवाल (केलवा), गिरिराज व्यास (मुंडोल) और युवा संयोजक मनोज जी पालीवाल (भगवान्दा) व हर्ष जी पालीवाल (उनवास) उपस्थित रहे। बैठक सालोर गांव के प्रतिनिधि सदस्यों राजेंद्र जी पालीवाल, विनोद जी पालीवाल, ओम जी पालीवाल, गिरिराज जी पालीवाल, बंशी लाल जी पालीवाल, गोपी लाल जी पालीवाल, तरुण जी पालीवाल, प्रकाश जी पालीवाल, श्याम जी पालीवाल और रमेश जी पालीवाल के सानिध्य में संपन्न हुई। बैठक के दौरान समाज के युवा संयोजकों हर्ष जी उनवास और मनोज जी पालीवाल ने अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस मुहिम के तहत अब तक मेवाड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में जनसंपर्क किया जा चुका है, जहां बुजुर्गों के साथ-साथ सैकड़ों युवाओं का भी भारी उत्साह और समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, राजेंद्र जी पालीवाल और विनोद जी पालीवाल ने समाज में लिए गए कई सकारात्मक निर्णयों की जानकारी दी। वहीं, ओम जी पालीवाल और तरुण जी पालीवाल ने युवाओं से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। गांव के वरिष्ठ समाजजन गिरिराज जी पालीवाल, गोपी लाल जी पालीवाल और बंशी लाल जी पालीवाल ने भी समाज के उत्थान के लिए अपने सुझाव रखे। इस अभियान को सलोदा में सुचारू रूप से चलाने के लिए गांव में जनगणना हेतु गिरिराज जी पालीवाल, राजेंद्र जी पालीवाल, सुरेश जी पालीवाल, ओम जी पालीवाल और कृष्ण गोपाल जी पालीवाल को सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में उपस्थित सभी समाजजनों द्वारा परिवार परिचय एवं जनगणना के पोस्टर का विमोचन कर सलोदा गांव में इस अभियान की शुरुआत की गई। बैठक के अंत में ओम जी पालीवाल और रमेश जी पालीवाल ने सभी उपस्थित वरिष्ठ जनों और युवाओं का आभार प्रकट किया।1
- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- चित्तौड़गढ़ के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल में श्वास, दमा और अस्थमा जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से इन रोगों के उपचार का दावा किया गया है और मरीज स्वयं अपने सफल इलाज का अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल इस समय प्रसूताओं की लगातार मौतों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस अस्पताल में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बीच, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सैम्पलिंग रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ओटी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि विभाग द्वारा स्टरलाइजेशन और डिसइंफेक्शन में बरती गई लापरवाही ही इन प्रसूताओं के लिए जानलेवा साबित हुई है। फिलहाल, प्रसूताओं की हुई मौतों और ओटी में मिले बैक्टीरिया के बीच सीधे संबंध की जांच की जा रही है।1
- राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे के पुराने सामुदायिक चिकित्सालय भवन में जनता क्लिनिक संचालित करने का प्रस्ताव चिकित्सा विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। इससे स्थानीय क्षेत्रवासियों में कस्बा स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पुनः बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद अस्पताल कस्बे के अंतिम छोर पर चला गया है, जिसके कारण बुजुर्गों, महिलाओं और आकस्मिक रोगियों को इलाज के लिए करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रोशनलाल टुकलिया ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, चिकित्सा मंत्री, सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और जिला कलक्टर अरुण हसीजा को ज्ञापन व पत्र सौंपकर मांग की गई थी। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद जिला चिकित्सा विभाग ने रेलमगरा के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनता क्लिनिक संचालन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिसके बाद 23 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है। रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, सांसद और विधायक से इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने नए भवन में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की भी मांग उठाई है, ताकि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो सके, मरीजों को बेहतर उपचार मिले और अनावश्यक रेफरल की समस्या से राहत मिल सके।1