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नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र में एनएच-31 पर गोपी ढाबा के पास हुए सड़क हादसे के बाद अनुमंडल अस्पताल में परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई।
समर्थ कुमार
नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र में एनएच-31 पर गोपी ढाबा के पास हुए सड़क हादसे के बाद अनुमंडल अस्पताल में परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई।
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- Post by Abhishek ranjan C E O1
- रिपोर्ट --शंभु कुमार गोस्वामी भागलपुर भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत सनोखर थाना क्षेत्र के छोटी नाकी गांव में जहां चर्चित प्रमिला देवी हत्याकांड में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है बताया जा रहा है कि प्रमिला देवी, जो कि चिंतामन साह की पत्नी थीं, की कुछ दिन पहले निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नामजद आरोपी रंजन साह, पिता प्रेमानंद साह, घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और लगातार पुलिस से बचता रहा।लगातार कई महीनों तक फरार रहने के बाद अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है सनोखर थाना क्षेत्र के छोटी नाकी गांव स्थित आरोपी के घर पर कोर्ट के आदेश के अनुसार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर विधि-सम्मत तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।सनोखर थाना अध्यक्ष पंकज किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था, जिसके चलते न्यायालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आरोपी पर दबाव बनाया जाता है, ताकि वह जल्द सरेंडर करे या पुलिस के हत्थे चढ़ सके।पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस सख्ती से अपराधियों में डर का माहौल बनेगा और कानून व्यवस्था और मजबूत होगी फिलहाल, पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई जारी है1
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- Post by Dipak Kumar2
- भागलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कथित फेक एनकाउंटर मामले में रामधनी यादव के छोटे बेटे अंकित यादव ने बड़ा बयान दिया है। अंकित यादव का कहना है कि, “मेरे पिता का एनकाउंटर पूरी तरह से फर्जी है। उन्हें पहले से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में कहानी बनाकर एनकाउंटर दिखाया गया। हमें न्याय चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और मीडिया में सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही है। परिवार ने राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की CBI या न्यायिक जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।1
- गोगरी नगर परिषद के सभी टेंपो स्टैंड का डाक सम्पन्न, 20 लाख 100 रुपये पर अंतिम बोली गोगरी। गोगरी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत सभी टेंपो स्टैंडों के लिए शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में डाक प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सम्पन्न हुई। शाम पांच बजे तक चली इस प्रक्रिया में कुल तीन बोलीदाताओं ने भाग लिया। डाक के दौरान प्रतिस्पर्धा के बीच अंतिम बोली 20 लाख 100 रुपये पर जाकर रुकी, जिस पर ऋषभ कुमार ने बाजी मारते हुए टेंपो स्टैंड का ठेका अपने नाम किया। डाक प्रक्रिया के दौरान पूरे परिसर में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इस मौके पर नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी, उप सभापति राजेश कुमार पंडित सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। बताया जाता है कि नगर परिषद को इस डाक से अच्छी राजस्व प्राप्ति होने की उम्मीद है, जिससे शहर के विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।1
- Post by समर्थ कुमार1
- Post by Abhishek ranjan C E O1
- कटिहार में जमीन दस्तावेज चोरी गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार कटिहार पुलिस की विशेष सूचना पर बिहार के कई जिलों में सक्रिय एक शातिर जमीन दस्तावेज चोरी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पटना पुलिस ने पहले गिरोह के कुछ सदस्यों को राजधानी से गिरफ्तार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर कटिहार से तीन आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पटना पुलिस अपने साथ ले गई है। कटिहार सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अभिजीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि डंडखोरा थाना क्षेत्र से मसीयूर रहमान उर्फ मुन्ना खान, जबकि मुफस्सिल थाना क्षेत्र से चाचा और भतीजा सुरेश कुमार सिंह और प्रद्युम्न कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने रजिस्ट्री कार्यालय से जमीन संबंधी मूल दस्तावेज चोरी करने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क कटिहार, पटना, भागलपुर समेत बिहार के कई जिलों तक फैला हुआ है। आरोपी दिन के समय रजिस्ट्री कार्यालयों में पहुंचकर रिकॉर्ड रूम और सुरक्षा व्यवस्था की रेकी करते थे। रात होने पर कार्यालय में घुसकर जमीन से जुड़े पुराने मूल दस्तावेज, खासकर वर्षों पुराने केवाला और रजिस्ट्री कागजात चोरी कर लेते थे। जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी किए गए दस्तावेजों में जहां नाम खाली रहता था, वहां उसी रंग की स्याही और हस्ताक्षर की शैली का इस्तेमाल कर नए नाम दर्ज कर देता था। इसके बाद बिचौलियों के साथ मिलकर जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री और म्यूटेशन कराया जाता था। इतना ही नहीं, जिन जमीनों पर पहले से लोग बसे होते थे, उन्हें कब्जा खाली कराने का दबाव बनाया जाता था। कई मामलों में उन्हीं लोगों को दोबारा वही जमीन बेचकर मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जल्द सामने आ सकती है।2