तिजारा:गोवंश संरक्षण को लेकर कठोर कानून की मांग, राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु कठोर कानून बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में सामाजिक संगठनों और साधु संतों ओर अनेकों लोगों ने सौंपा ज्ञापन प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि गोवंश राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। स्वतंत्रता के समय जहां प्रति व्यक्ति लगभग 10 गोवंश उपलब्ध थे, वहीं अब यह अनुपात घटकर प्रति 10 व्यक्तियों पर मात्र 1 गोवंश रह गया है। ज्ञापन में गोवंश के तेजी से घटते आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा गया है कि देशी नस्ल का गोवंश विलुप्ति की कगार पर पहुंच रहा है। इसके पीछे गो तस्करी, अवैध बूचड़खानों में वध, सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाएं और नगरीय क्षेत्रों में पॉलिथीन खाने जैसी समस्याओं को प्रमुख कारण बताया गया है। संगठनों ने मांग की है कि गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया जाए, अवैध वध और तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा गौशालाओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश के लिए ठोस व्यवस्थाएं करने की भी मांग उठाई गई है। संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी प्रभावित होगी।
तिजारा:गोवंश संरक्षण को लेकर कठोर कानून की मांग, राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु कठोर कानून बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में सामाजिक संगठनों और साधु संतों ओर अनेकों लोगों ने सौंपा ज्ञापन प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि गोवंश राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। स्वतंत्रता के समय जहां प्रति व्यक्ति लगभग 10 गोवंश उपलब्ध थे, वहीं अब यह अनुपात घटकर प्रति 10 व्यक्तियों पर मात्र 1 गोवंश रह गया है। ज्ञापन में गोवंश के तेजी से घटते आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा गया है कि देशी नस्ल का गोवंश विलुप्ति की कगार पर पहुंच रहा है। इसके पीछे गो तस्करी, अवैध बूचड़खानों में वध, सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाएं और नगरीय क्षेत्रों में पॉलिथीन खाने जैसी समस्याओं को प्रमुख कारण बताया गया है। संगठनों ने मांग की है कि गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया जाए, अवैध वध और तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा गौशालाओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश के लिए ठोस व्यवस्थाएं करने की भी मांग उठाई गई है। संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी प्रभावित होगी।
- Vijay Krishna Dasकामाँ, भरतपुर, राजस्थान🙏8 hrs ago
- प्रस्तुत हैं अब तक की देश और दुनियां की महत्वपूर्ण खबरें। news update के लिए आप हमें Follow 🎉 करें। और जानकारी पसंद आई है तो लाइक, शेयर और कमेंट करें। मिलते हैं अगली news update के साथ तब तक बने रहे शुरू ऐप पर। आज की ताजा न्यूज अपडेट नदबई भरतपुर से लाइव।1
- मथुरा जनपद के कोसीकला में विद्युत विभाग के अवर अभियंता के निलंबन के विरोध में कर्मचारियों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। समस्त विद्युत कर्मी कोसीकला स्थित एक्सईएन कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और निलंबन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने निलंबन की कार्रवाई को एकतरफा और अनुचित करार देते हुए विभागीय अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि निलंबित अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान कर्मचार ने विभाग में संसाधनों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बावजूद उनसे बेहतर कार्य की अपेक्षा की जाती है, जो व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने विभाग से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की, ताकि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके। धरना प्रदर्शन के चलते एक्सईएन कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- 🎬 बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा पहुंचे धर्मनगरी वृन्दावन, भक्तिमय माहौल में दिखे रंगे1
- Post by RPR NEWS TV1
- Post by Rahul1
- thanks for watching1
- अगर आप भी परेशान हैं किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से तो आप हमें कमेंट करके बताइए। आपको समाधान शीघ्र मिल जाएगा। जानकारी पसंद आई है तो लाइक शेयर और कमेंट करके Follow 🎉 करें।1
- सोमवार 27 अप्रैल जनपद मथुरा के कस्बा छाता में स्थानीय गौ भक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 'गौ माँ सम्मान आवाहन' के बैनर तले एक विशाल पदयात्रा रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने और उनके संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने की माँग करना था। तहसील छाता से कस्बा के प्रमुख मार्गो होते हुए भक्ति और उत्साह के साथ सैकड़ों की संख्या में एकत्रित गौ भक्तों ने पदयात्रा निकाली। "गौ माता की जय" और "गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो" जैसे नारों से पूरा कस्बा छाता वातावरण गूँज उठा। भक्तों का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं, इसलिए उन्हें संवैधानिक रूप से सर्वोच्च सम्मान मिलना अनिवार्य है। इस रैली में ब्रज के तमाम संत बड़े-बड़े साधु संत भी पधारे। स्वयं रमेश बाबा भी बरसाना से चलकर रैली में सम्मिलित हुए, रैली के समापन पर सभी प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने उप जिला अधिकारी (SDM) वैभव गुप्ता को देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, राज्यपाल उत्तर प्रदेश,मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखी गईं: गौ माता को अविलंब 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिया जाए। गौ तस्करी और गौ हत्या के विरुद्ध देशव्यापी सख्त कानून बने। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी गौशालाओं का प्रभावी संचालन हो। सड़कों पर लावारिस घूम रहे गोवंश के लिए उचित आश्रय और चारे की व्यवस्था की जाए। रैली को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि पर्यावरण और कृषि की रक्षा के लिए भी गौ रक्षा आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आगामी दिनों में यह राम मंदिर जैसा आंदोलन बन व्यापक रूप लेगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।4
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter4