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आगरा ब्रेकिंग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने आगरा के सर्किट हाउस में की जनसुनवाई जन सुनवाई में सबसे ज्यादा आए घरेलू हिंसा के मामले घरेलू हिंसा जैसे मामले आयोग में आने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी अचंभित महिला अपराधों पर पुलिस की इस तरह की कार्यशैली पर सवाल अगर पुलिस थाने पर ही कर लेती सुनवाई तो आयोग में आने की शायद नहीं पड़ती जरूरत शायद अभी नहीं बन पाई है पुलिस,मित्र पुलिस घरेलू हिंसा के लिए परिवार भी जिम्मेदार आपसी विवाद होने पर परिवार को समझाने का करना चाहिए प्रयास बेटी के परिवार को भी दिखानी चाहिए समझदारी बेटी नहीं बोझ,अगर बेटी का ससुराल में हो रहा हो उत्पीड़न तो बेटी का दें साथ लेकिन नाजायज मामलों पर बेटी को समझाएं ऐसे ही समझदारी से बचते है घर बाइट बबीता चौहान/अध्यक्ष राज्य महिला आयोग
Gyadeen Verma
आगरा ब्रेकिंग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने आगरा के सर्किट हाउस में की जनसुनवाई जन सुनवाई में सबसे ज्यादा आए घरेलू हिंसा के मामले घरेलू हिंसा जैसे मामले आयोग में आने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी अचंभित महिला अपराधों पर पुलिस की इस तरह की कार्यशैली पर सवाल अगर पुलिस थाने पर ही कर लेती सुनवाई तो आयोग में आने की शायद नहीं पड़ती जरूरत शायद अभी नहीं बन पाई है पुलिस,मित्र पुलिस घरेलू हिंसा के लिए परिवार भी जिम्मेदार आपसी विवाद होने पर परिवार को समझाने का करना चाहिए प्रयास बेटी के परिवार को भी दिखानी चाहिए समझदारी बेटी नहीं बोझ,अगर बेटी का ससुराल में हो रहा हो उत्पीड़न तो बेटी का दें साथ लेकिन नाजायज मामलों पर बेटी को समझाएं ऐसे ही समझदारी से बचते है घर बाइट बबीता चौहान/अध्यक्ष राज्य महिला आयोग
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- नाबालिग के हाथ में सरकारी एंबुलेंस का स्टेयरिंग, तेज रफ्तार से दौड़ाने का वीडियो वायरल फतेहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहाबाद में सरकारी एंबुलेंस की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार सुबह एक कथित नाबालिग युवक सरकारी एंबुलेंस को तेज रफ्तार से दौड़ाता नजर आया। एंबुलेंस चलाते हुए युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया कैंटीन संचालक बताया जा रहा युवक वायरल वीडियो में एंबुलेंस चलाते दिखाई दे रहे युवक की पहचान सीएचसी परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन के संचालक के रूप में बताई जा रही है। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अस्पताल परिसर में खड़ी सरकारी एंबुलेंस की चाबी आखिर नाबालिग युवक तक कैसे पहुंची और उसे सरकारी वाहन चलाने की अनुमति किसने दी मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सरकारी 102 एंबुलेंस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उपयोग मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऐसे में किसी कथित नाबालिग द्वारा एंबुलेंस चलाया जाना मरीजों और आमजन की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं सीएमओ ने जांच कराने की कही बात मामले को लेकर डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 108 एंबुलेंस को नाबालिग द्वारा चलाए जाने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।1
- आगरा ब्रेकिंग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने आगरा के सर्किट हाउस में की जनसुनवाई जन सुनवाई में सबसे ज्यादा आए घरेलू हिंसा के मामले घरेलू हिंसा जैसे मामले आयोग में आने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी अचंभित महिला अपराधों पर पुलिस की इस तरह की कार्यशैली पर सवाल अगर पुलिस थाने पर ही कर लेती सुनवाई तो आयोग में आने की शायद नहीं पड़ती जरूरत शायद अभी नहीं बन पाई है पुलिस,मित्र पुलिस घरेलू हिंसा के लिए परिवार भी जिम्मेदार आपसी विवाद होने पर परिवार को समझाने का करना चाहिए प्रयास बेटी के परिवार को भी दिखानी चाहिए समझदारी बेटी नहीं बोझ,अगर बेटी का ससुराल में हो रहा हो उत्पीड़न तो बेटी का दें साथ लेकिन नाजायज मामलों पर बेटी को समझाएं ऐसे ही समझदारी से बचते है घर बाइट बबीता चौहान/अध्यक्ष राज्य महिला आयोग1
- सड़क पर भिड़ते रहे गोवंश, राहगीरों में दहशत बाह रोड पर दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास बनी रही हादसे की आशंका, जिम्मेदार बेपरवाह संसू, जागरण-फतेहाबाद: कस्बे में आवारा गोवंश की समस्या राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बाह रोड स्थित दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास शुक्रवार को सड़क पर आवारा गोवंश आपस में भिड़ गए। काफी देर तक सड़क पर उनकी लड़ाई चलती रही। इससे राहगीरों और वाहन चालकों में अफरातफरी का माहौल रहा। गोवंश की लड़ाई के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही। कस्बे के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर आवारा गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार गोवंश अचानक सड़क पर आपस में भिड़ जाते हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरकर घायल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, चारपहिया वाहनों को भी निकलने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा गोवंश की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने नगर पंचायत और प्रशासन से आवारा गोवंश को पकड़वाकर गोशाला में संरक्षित कराने की मांग की है, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1
- फिरोजाबाद में एक युवक ने बिजली के पोल पर चढ़कर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। युवक को पोल पर चढ़ा देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।1
- 1 नवंबर | रामलीला मैदान मिलते हैं! MTF NEWS Digital..1
- राजाखेड़ा पंचायत समिति के सवलापुरा ग्रामवासी करेंगे पंचायत चुनाव का बहिष्कार,एसडीएम को दिया ज्ञापन धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में शुक्रवार को सवलापुरा गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में गांववासियों ने आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। ग्रामवासियों का आरोप है कि उनके गांव को गन्हेंदी ग्राम पंचायत से हटाकर नागर ग्राम पंचायत में शामिल करने का निर्णय उनके पुरजोर विरोध के बावजूद लिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ ही उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ज्ञापन में रामेश, सत्यदेव, बनवारीलाल, भूरा, पंकज कुमार, राजेश, रामवीर, योगेश कुमार, रविन्द्र, एदल सिंह समेत कई अन्य ग्रामवासियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक गांव को गन्हेंदी पंचायत में ही रखने की मांग पर विचार नहीं किया जाता, वे चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत परिवर्तन से उनके गांव के विकास और प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसलिए वे इस फैसले के खिलाफ हैं। राजाखेड़ा पंचायत समिति के सवलापुरा ग्रामवासी करेंगे पंचायत चुनाव का बहिष्कार,एसडीएम को दिया ज्ञापन धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में शुक्रवार को सवलापुरा गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में गांववासियों ने आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। ग्रामवासियों का आरोप है कि उनके गांव को गन्हेंदी ग्राम पंचायत से हटाकर नागर ग्राम पंचायत में शामिल करने का निर्णय उनके पुरजोर विरोध के बावजूद लिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ ही उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ज्ञापन में रामेश, सत्यदेव, बनवारीलाल, भूरा, पंकज कुमार, राजेश, रामवीर, योगेश कुमार, रविन्द्र, एदल सिंह समेत कई अन्य ग्रामवासियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक गांव को गन्हेंदी पंचायत में ही रखने की मांग पर विचार नहीं किया जाता, वे चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत परिवर्तन से उनके गांव के विकास और प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसलिए वे इस फैसले के खिलाफ हैं।1
- होटलो पर हुई रेड को लेकर क्या कहा एसपी सिटी प्रीति सिंह ने,सुनिए,, होटलो पर हुई रेड को लेकर क्या कहा एसपी सिटी प्रीति सिंह ने,सुनिए,,1
- रास्ते की मांग को लेकर निर्माणाधीन टावर पर चढ़ा किसान का बेटा 9 अक्टूबर को पावर ग्रिड और किसान के बीच अंडरपाथ बनाने पर बनी थी सहमति, अधिकारियों के आश्वासन पर चार घंटे बाद उतरा युवक फतेहाबाद : मौजा कुतकपुर गुर्जर में खेत तक रास्ता नहीं बनने से नाराज किसान का बेटा शुक्रवार को निर्माणाधीन विद्युत टावर पर चढ़ गया। सुबह करीब 11:45 बजे टावर पर चढ़े हरिकेश को शाम करीब चार बजे पुलिस और पावर ग्रिड के अधिकारियों की वार्ता के बाद नीचे उतारा जा सका। अधिकारियों ने रास्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस हरिकेश, उसके पिता सेवानिवृत्त सैनिक एवं किसान राजन सिंह फौजी और आसपास के दो किसानों को थाने ले गई। किसान के अनुसार, चकमार्ग की गाटा संख्या 11 है, जबकि उनके खेत की गाटा संख्या 10 है। खेत के आगे सांकुरी सीमा लगती है। चकमार्ग के नीचे विद्युत टावर स्थापित होने से खेत तक ट्रैक्टर पहुंचने का रास्ता बाधित हो जाएगा। इसके समाधान के लिए 9 अक्टूबर को पावर ग्रिड और किसान के बीच टावर के नीचे अंडरपाथ बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन किसान का आरोप है कि अब तक निर्माण नहीं कराया गया। तहसीलदार की मौजूदगी में भी हुई वार्ता : भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह और फौजी संगठन ने गुरुवार को तहसीलदार को ज्ञापन देकर समस्या उठाई थी। तहसीलदार की मौजूदगी में प्रशासन, पावर ग्रिड अधिकारियों, किसान और संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच रास्ता बनवाने पर सहमति बनी थी। बताया गया कि आसपास के खेतों के किसान भी रास्ता निर्माण का विरोध कर रहे थे। शुक्रवार को पुलिस के हस्तक्षेप और अधिकारियों के आश्वासन के बाद हरिकेश टावर से नीचे उतरा।1