*रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित करें: अपर मुख्य सचिव* *रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 की संभागीय समीक्षा बैठक संपन्न* ----------- रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं एवं उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसान भाई स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही उपार्जन करें। इसी के साथ प्रदेश में पेट्रोल डीजल एवं गैस की कोई कमी नहीं है, चिंता करने की कोई बात नहीं। उक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग रश्मि अरुण शमी ने वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन की तैयारी हेतु आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में दिए। गेहूं उपार्जन की तैयारी हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संभागीय समीक्षा बैठक वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से एनआईसी भोपाल से बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी व्हीसी कक्ष में कलेक्टर ऊषा परमार एवं अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे सहित कृषि, सहकारिता, सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, वेयरहाउस, खाद्य, नापतौल विभाग के अधिकारी सहित मंडी सचिव एवं एसडीएम व तहसीलदार भी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि एसडीएम एवं तहसीलदार पंजीकृत किसानों का शत प्रतिशत सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन में किसान द्वारा उल्लेखित फसल व रकबा एवं गिरदावरी में दर्ज फसल रकबा में भिन्नता, विगत वर्ष के पंजीयन से 50 प्रतिशत अधिक पंजीकृत रकबा वाले किसान, 5 हेक्टेयर से अधिक रकबे वाले किसान, सिकमी, बटाईदार, कोटवार वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन किया जाए। इसी प्रकार भू-अभिलेख डाटा एवं पंजीयन में किसान के नाम में भिन्नता की भी जांच की जाए। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उपार्जन केंद्र पर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन एवं विद्युत-जनरेटर सुविधा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कम्प्यूटर, प्रिंटर, डोंगल, स्कैनर, लैपटॉप, बैटरी जैसी तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था की जावे। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल का उपार्जन कराने आए किसानों की सुविधाओं प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी, पेयजल, शौचालय, छाया, बिजली आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन सही हो, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों पर नमी मापक यंत्र, बड़ा छन्ना, पंखे, परखी एवं ग्रेडिंग मशीन जैसे उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को उपार्जन एवं मौसम संबंधी जानकारी त्वरित गति से मिल सके। इस हेतु सूचना पटल उपार्जन बैनर, भुगतान एवं टोल फ्री नंबर का प्रदर्शन किया जाए। मौसम संबंधी घटनाओं एवं वर्षा से किसानों की फसल को नुकसान न हो, इस हेतु उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, कवर, ड्रेनेज व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, रेत, बाल्टियां जैसी सुरक्षात्मक सुविधाएं, न्यूनतम 4 बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे एवं धर्मकांटा, परखी, इनेमल प्लेट, प्लास्टिक की सैम्पल थैलियों, कपडे़ की थैलियां चपड़ा, मोमबत्ती, माचिस, एजेंसी की पीतल की सील, साफ-सफाई हेतु कस्टम हायरिंग व आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से आवश्यक सफाई उपकरण की उपलब्धता, बायोमैट्रिक उपकरण, हेल्पडेस्क, प्रशासनिक हॉल, गुणवत्ता परीक्षण कक्ष और उपकरण, अनलोडिंग क्षेत्र, तौल मशीन एवं प्रमाणीकरण, अस्थाई भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन में किसी भी प्रकार की अभिलेखीय देरी से बचने एवं किसानों को उनके उपार्जन संबंधी समस्त रशीदें तुरंत उपलब्ध कराने हेतु उपार्जन केन्द्रों पर उपार्जन केन्द्र हेतु नामित अथवा नियोजित प्रबंधन प्रभारी, संस्था द्वारा नियोजित डाटा एन्ट्री आपरेटर जो कि सीपीसीटी अथवा डिप्लोमा या डिग्रीधारी व्यक्ति हों। तौल-कांटे संचालन करने हेतु आवश्यक संस्था में तुलावटी एवं हम्माल, वे-ब्रिज की दशा में नियोजित व नामित वे-ब्रिज प्रभारी, गुणवत्ता परीक्षक व सर्वेयर को नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक उपार्जन मात्रा की संभावना वाले केन्द्रों में उपार्जन मात्रा के आधार पर अतिरिक्त कर्मचारियों, तौल कांटों, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था संस्था द्वारा स्वयं की आय व कमीशन में से सुनिश्चित की जाएगी। *स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था* किसान अपनी फसल के उपार्जन हेतु ऑनलाइन माध्यम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। किसान ई उपार्जन पोर्टल पर स्लाट बुकिंग में दिनांक, विक्रय योग्य की मात्रा, उपार्जन केंद्र का कोड एवं नाम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग की पुष्टि एसएमएस एवं ओटीपी के माध्यम से सोमवार से शुक्रवार तक की जा सकेगी। स्लॉट की बुकिंग किसी भी उपार्जन केन्द्र के लिए की जा सकती है। स्लॉट बुकिंग कुल विक्रय योग्य मात्रा की एक बार में ही करनी होगी। स्लॉट बुकिंग की वैधता अवधि 7 कार्य दिवस तक रहेगी। *गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के द्वारा किया जाएगा* फसल खरीदी में फसल की गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जायेगा। यह मोबाइल ऐप 2 स्तरों पर कार्यरत रहेगा। उपार्जन केन्द्र सर्वेयर एप गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) द्वारा किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाएगी, अमानक होने पर दोबारा प्रविष्टि का प्रावधान (48 घण्टे बाद) अमानक होने पर केन्द्र परिवर्तन प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में एकीकृत सर्वेयर एप के द्वारा गोदाम स्तर पर ट्रक प्राप्त होने पर गोदाम सर्वेयर द्वारा गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाएगी। इस बार ट्रक के आंशिक अस्वीकृति का प्रावधान किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर गुणवत्ता जांच हेतु प्रशिक्षित सर्वेयर अथवा प्रभारी को नामित किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा किसान की ट्रैक्टर ट्रॉली विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्र पर आने पर सैम्पलिंग की जायेगी। प्राप्त सेम्पल स्कंध का निर्धारित गुणवत्ता मानक अनुसार परीक्षण किया जाये। निर्धारित मानक का स्कंध नहीं पाये जाने पर किसान को स्कंध निर्धारित मानक के अनुसार अपग्रेड करने हेतु समझाइश दी जायेगी। अमान्य किये गये अमानक स्तर के स्कंध का सेम्पल सुरक्षित रखा जायेगा। समीक्षा बैठक में संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी ने बताया कि इस वर्ष सागर संभाग के 85 हजार 371 किसानों ने रबी उपार्जन हेतु पंजीयन कराया है। संभाग का कुल रकबा 170001 हे. है। संभाग में रबी उपार्जन के लिए 437 उपार्जन केंद्र प्रस्थापित किए गए हैं। रबी उपार्जन के लिए वर्ष 2026 में गेहूं का कुल उपार्जन अनुमान के अनुसार संभाग में 6 लाख 61 हजार 686 मेट्रिक टन होगा। कमिश्नर श्री सुचारी ने कहा कि संभाग में किसानों के पंजीयन का सत्यापन समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ समय पर बारदाना प्राप्त होते जाए तो परिवहन भी समय पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वीकृति पत्रक समय पर जारी हों, जिससे कि किसान भाइयों को समय पर भुगतान किया जा सके।
*रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित करें: अपर मुख्य सचिव* *रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 की संभागीय समीक्षा बैठक संपन्न* ----------- रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं एवं उपार्जन के साथ परिवहन भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसान भाई स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही उपार्जन करें। इसी के साथ प्रदेश में पेट्रोल डीजल एवं गैस की कोई कमी नहीं है, चिंता करने की कोई बात नहीं। उक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग रश्मि अरुण शमी ने वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन की तैयारी हेतु आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में दिए। गेहूं उपार्जन की तैयारी हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संभागीय समीक्षा बैठक वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से एनआईसी भोपाल से बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी व्हीसी कक्ष में कलेक्टर ऊषा परमार एवं अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे सहित कृषि, सहकारिता, सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, वेयरहाउस, खाद्य, नापतौल विभाग के अधिकारी सहित मंडी सचिव एवं एसडीएम व तहसीलदार भी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि एसडीएम एवं तहसीलदार पंजीकृत किसानों का शत प्रतिशत सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन में किसान द्वारा उल्लेखित फसल व रकबा एवं गिरदावरी में दर्ज फसल रकबा में भिन्नता, विगत वर्ष के पंजीयन से 50 प्रतिशत अधिक पंजीकृत रकबा वाले किसान, 5 हेक्टेयर से अधिक रकबे वाले किसान, सिकमी, बटाईदार, कोटवार वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन किया जाए। इसी प्रकार भू-अभिलेख डाटा एवं पंजीयन में किसान के नाम में भिन्नता की भी जांच की जाए। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उपार्जन केंद्र पर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन एवं विद्युत-जनरेटर सुविधा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कम्प्यूटर, प्रिंटर, डोंगल, स्कैनर, लैपटॉप, बैटरी जैसी तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था की जावे। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल का उपार्जन कराने आए किसानों की सुविधाओं प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी, पेयजल, शौचालय, छाया, बिजली आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन सही हो, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों पर नमी मापक यंत्र, बड़ा छन्ना, पंखे, परखी एवं ग्रेडिंग मशीन जैसे उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को उपार्जन एवं मौसम संबंधी जानकारी त्वरित गति से मिल सके। इस हेतु सूचना पटल उपार्जन बैनर, भुगतान एवं टोल फ्री नंबर का प्रदर्शन किया जाए। मौसम संबंधी घटनाओं एवं वर्षा से किसानों की फसल को नुकसान न हो, इस हेतु उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, कवर, ड्रेनेज व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, रेत, बाल्टियां जैसी सुरक्षात्मक सुविधाएं, न्यूनतम 4 बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे एवं धर्मकांटा, परखी, इनेमल प्लेट, प्लास्टिक की सैम्पल थैलियों, कपडे़ की थैलियां चपड़ा, मोमबत्ती, माचिस, एजेंसी की पीतल की सील, साफ-सफाई हेतु कस्टम हायरिंग व आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से आवश्यक सफाई उपकरण की उपलब्धता, बायोमैट्रिक उपकरण, हेल्पडेस्क, प्रशासनिक हॉल, गुणवत्ता परीक्षण कक्ष और उपकरण, अनलोडिंग क्षेत्र, तौल मशीन एवं प्रमाणीकरण, अस्थाई भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन में किसी भी प्रकार की अभिलेखीय देरी से बचने एवं किसानों को उनके उपार्जन संबंधी समस्त रशीदें तुरंत उपलब्ध कराने हेतु उपार्जन केन्द्रों पर उपार्जन केन्द्र हेतु नामित अथवा नियोजित प्रबंधन प्रभारी, संस्था द्वारा नियोजित डाटा एन्ट्री आपरेटर जो कि सीपीसीटी अथवा डिप्लोमा या डिग्रीधारी व्यक्ति हों। तौल-कांटे संचालन करने हेतु आवश्यक संस्था में तुलावटी एवं हम्माल, वे-ब्रिज की दशा में नियोजित व नामित वे-ब्रिज प्रभारी, गुणवत्ता परीक्षक व सर्वेयर को नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक उपार्जन मात्रा की संभावना वाले केन्द्रों में उपार्जन मात्रा के आधार पर अतिरिक्त कर्मचारियों, तौल कांटों, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था संस्था द्वारा स्वयं की आय व कमीशन में से सुनिश्चित की जाएगी। *स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था* किसान अपनी फसल के उपार्जन हेतु ऑनलाइन माध्यम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। किसान ई उपार्जन पोर्टल पर स्लाट बुकिंग में दिनांक, विक्रय योग्य की मात्रा, उपार्जन केंद्र का कोड एवं नाम से स्लॉट बुक कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग की पुष्टि एसएमएस एवं ओटीपी के माध्यम से सोमवार से शुक्रवार तक की जा सकेगी। स्लॉट की बुकिंग किसी भी उपार्जन केन्द्र के लिए की जा सकती है। स्लॉट बुकिंग कुल विक्रय योग्य मात्रा की एक बार में ही करनी होगी। स्लॉट बुकिंग की वैधता अवधि 7 कार्य दिवस तक रहेगी। *गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के द्वारा किया जाएगा* फसल खरीदी में फसल की गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जायेगा। यह मोबाइल ऐप 2 स्तरों पर कार्यरत रहेगा। उपार्जन केन्द्र सर्वेयर एप गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) द्वारा किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाएगी, अमानक होने पर दोबारा प्रविष्टि का प्रावधान (48 घण्टे बाद) अमानक होने पर केन्द्र परिवर्तन प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में एकीकृत सर्वेयर एप के द्वारा गोदाम स्तर पर ट्रक प्राप्त होने पर गोदाम सर्वेयर द्वारा गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाएगी। इस बार ट्रक के आंशिक अस्वीकृति का प्रावधान किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर गुणवत्ता जांच हेतु प्रशिक्षित सर्वेयर अथवा प्रभारी को नामित किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा किसान की ट्रैक्टर ट्रॉली विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्र पर आने पर सैम्पलिंग की जायेगी। प्राप्त सेम्पल स्कंध का निर्धारित गुणवत्ता मानक अनुसार परीक्षण किया जाये। निर्धारित मानक का स्कंध नहीं पाये जाने पर किसान को स्कंध निर्धारित मानक के अनुसार अपग्रेड करने हेतु समझाइश दी जायेगी। अमान्य किये गये अमानक स्तर के स्कंध का सेम्पल सुरक्षित रखा जायेगा। समीक्षा बैठक में संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी ने बताया कि इस वर्ष सागर संभाग के 85 हजार 371 किसानों ने रबी उपार्जन हेतु पंजीयन कराया है। संभाग का कुल रकबा 170001 हे. है। संभाग में रबी उपार्जन के लिए 437 उपार्जन केंद्र प्रस्थापित किए गए हैं। रबी उपार्जन के लिए वर्ष 2026 में गेहूं का कुल उपार्जन अनुमान के अनुसार संभाग में 6 लाख 61 हजार 686 मेट्रिक टन होगा। कमिश्नर श्री सुचारी ने कहा कि संभाग में किसानों के पंजीयन का सत्यापन समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ समय पर बारदाना प्राप्त होते जाए तो परिवहन भी समय पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वीकृति पत्रक समय पर जारी हों, जिससे कि किसान भाइयों को समय पर भुगतान किया जा सके।
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- *जिला स्तरीय जनसुनवाई में 145 आवेदनों पर हुई सुनवाई* *दिव्यांगों को सुनवाई अलग से की गई* --- मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई सम्पन्न हुई। जनसुनवाई डिप्टी कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला पं.सीईओ आयशा अंसारी, संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर अखिल राठौर, एसडीएम प्रशांत अग्रवाल सहित विभागीय जिलाधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त 145 शिकायती आवेदनों का परीक्षण करते हुए संबंधित विभाग को आवेदन निराकरण करने के लिए निर्देशित किया एवं समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में शिक्षा, राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, ग्रामीण विकास, विद्युत मंडल, स्वास्थ्य, खाद्य, आदिम जाति, श्रम, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न शिकायती आवेदन प्राप्त हुए। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का प्रमुखता के साथ निराकरण करें। जनसुनवाई में दिव्यांग की सुनवाई अलग से की गई।3
- “देश की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी। नई महिला सहायता योजना के तहत हर महीने आर्थिक सहायता देने की तैयारी शुरू हो गई है।”1000 MONTHLY WOMEN SUPPORT SCHEME”1
- राजेंद्र नगर से रेलवे कॉलोनी मोड़ के पास पुलिस ने ट्रैक्टर रैली को रोका। रेलवे ग्राउंड में लगवाए जा रहे हैं ट्रैक्टर। यहां से किसान कलेक्ट्रेट जायेंगे पैदल।1
- सतना। धर्मनगरी मैहर में मां शारदा देवी प्रबंध समिति की स्वच्छता व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। जैसे ही सफाई विभाग की कमान नए प्रभारी अजय सनाढ्य के हाथों में सौंपी गई है, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी का अंबार नजर आने लगा है। व्यवस्थाओं पर उठे सवाल श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मैहर में स्वच्छता को लेकर हमेशा विशेष जोर दिया जाता रहा है, लेकिन हालिया बदलाव के बाद तस्वीर इसके उलट दिख रही है। स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों का कहना है कि: नियमित सफाई का अभाव: डस्टबिन समय पर खाली नहीं किए जा रहे हैं। दुर्गंध से परेशानी: कचरे के ढेर जमा होने के कारण श्रद्धालुओं को मार्ग से गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन की लापरवाही: नए प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं कि आखिर जिम्मेदारी संभालते ही व्यवस्थाएं इतनी खराब कैसे हो गईं। भक्तों में आक्रोश दूर-दराज से आने वाले भक्तों का कहना है कि मां के दरबार में ऐसी गंदगी देखकर मन आहत होता है। प्रबंध समिति द्वारा लाखों रुपये सफाई पर खर्च किए जाते हैं, फिर भी धरातल पर परिणाम शून्य नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि सफाई विभाग के नए नेतृत्व और जमीनी स्तर के कर्मचारियों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा मंदिर की छवि को भुगतना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रबंध समिति के उच्च अधिकारी इस बदहाली पर क्या संज्ञान लेते हैं।1
- Post by गणेश यादव1
- “देश के छात्रों के लिए बड़ी घोषणा। नई परिवहन सहायता योजना के तहत विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक बाइक देने की तैयारी शुरू हो गई है।”“FREE ELECTRIC BIKE FOR STUDENTS 2026”1
- “शहर की बदहाल सड़कों को लेकर जल्द होगा उग्र आंदोलन — ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष जतिन शाह का ऐलान।”1
- मैहर। मैहर–बरही रोड की बदहाल और गड्ढों से भरी सड़क के बावजूद सोनवारी टोल प्लाजा पर धड़ल्ले से टोल वसूली जारी है। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद टोल की पूरी दर से वसूली की जा रही है। टोल प्लाजा पर अव्यवस्थाओं के कारण आए दिन लंबा जाम लग रहा है। यहां अभी भी पुरानी व्यवस्था के तहत केवल दो ही लाइनें संचालित हो रही हैं, जिससे बाइक, चार पहिया और भारी वाहन एक ही कतार में लगने को मजबूर हैं। टोल पर खड़े बड़े वाहनों की वजह से छोटे चार पहिया वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि टोल ठेकेदार द्वारा केवल वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था सुधारने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टोल प्लाजा के पास किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं। यहां तक कि मौके पर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था नहीं बताई जा रही है। टोल में कार्यरत कर्मचारियों के पास भी कोई सुरक्षा किट या आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। जानकारों का कहना है कि मजदूरों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उनके अनुरूप भी यहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बावजूद टोल संचालन में मनमानी जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक रसूख के दम पर यह टोल प्लाजा मनमाने तरीके से संचालित किया जा रहा है और मेंटेनेंस के नाम पर केवल वसूली का खेल चल रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, टोल प्लाजा की व्यवस्थाओं की जांच हो और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।1