“सुख-दुख में भक्त को ‘बुलेटप्रूफ’ बनाते हैं भगवान: बांसिया राम कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब सीमलवाड़ा। बांसिया मुख्य गांव के रावला परिसर में आयोजित संगीतमय राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिकता के रस में सराबोर नजर आए। कथा वाचन करते हुए पूज्य श्याम महाराज ने भक्तों को जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया और धर्म, भक्ति एवं आस्था का महत्व समझाया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि भगवान अपने सच्चे भक्तों को सुख-दुख के माध्यम से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार बुलेट प्रूफ जैकेट व्यक्ति को बाहरी हमलों से सुरक्षित रखती है, उसी प्रकार ईश्वर अपने भक्त को ऐसी आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं कि जीवन की बड़ी से बड़ी विपत्ति भी उसे विचलित नहीं कर पाती। दूसरे दिन की कथा में शिव-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके साथ ही भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय द्वारा ताड़कासुर वध की कथा का भी मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के दौरान संगीतमय भजनों और प्रसंगों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रशंसा व्यक्ति के लिए अत्यंत घातक हो सकती है। अधिक प्रशंसा से मन में अहंकार उत्पन्न होता है, जो व्यक्ति को भक्ति और ईश्वर से दूर कर देता है। उन्होंने कहा कि सिद्धि और प्रसिद्धि के लिए किए गए कार्य सच्ची भक्ति नहीं कहलाते, बल्कि निष्काम भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर तक पहुंचने का सच्चा मार्ग है। कार्यक्रम में दूसरे दिन के यजमान जयपाल सिंह चौहान रहे, जिन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि यह संगीतमय राम कथा शुक्रवार से प्रारंभ हुई है। पहले दिन ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान एवं उनके परिवार द्वारा पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया गया था। राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना हुआ है। संगीतमय कथा में आचार्य शिव पूजन मिश्रा, संगीत पवन महराज, तबला वादक कुंदन, गणेश मिश्रा ने भी सहयोग दिया था रहा है। इस दौरान लक्ष्मण सिंह चौहान, करण सिंह चौहान,विक्रम सिंह चौहान,महिपाल सिंह चौहान, देवीलाल कलाल,गुणवंत कलाल, हमराज सिंह,जयदीप सिंह,जितेंद्र सिंह,भूपेंद्र सिंह, जयपाल सिंह,राजेंद्र सिंह चुंडावत, अजय दर्जी,हरेंद्रप्रताप सिंह सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।
“सुख-दुख में भक्त को ‘बुलेटप्रूफ’ बनाते हैं भगवान: बांसिया राम कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब सीमलवाड़ा। बांसिया मुख्य गांव के रावला परिसर में आयोजित संगीतमय राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिकता के रस में सराबोर नजर आए। कथा वाचन करते हुए पूज्य श्याम महाराज ने भक्तों को जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया और धर्म, भक्ति एवं आस्था का महत्व समझाया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि भगवान अपने सच्चे भक्तों को सुख-दुख के माध्यम से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार बुलेट प्रूफ जैकेट व्यक्ति को बाहरी हमलों से सुरक्षित रखती है, उसी प्रकार ईश्वर अपने भक्त को ऐसी आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं कि जीवन की बड़ी से बड़ी विपत्ति भी उसे विचलित नहीं कर पाती। दूसरे दिन की कथा में शिव-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके साथ ही भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय द्वारा ताड़कासुर वध की कथा का भी मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के दौरान संगीतमय भजनों और प्रसंगों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रशंसा व्यक्ति के लिए अत्यंत घातक हो सकती है। अधिक प्रशंसा से मन में अहंकार उत्पन्न होता है, जो व्यक्ति को भक्ति और ईश्वर से दूर कर देता है। उन्होंने कहा कि सिद्धि और प्रसिद्धि के लिए किए गए कार्य सच्ची भक्ति नहीं कहलाते, बल्कि निष्काम भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर तक पहुंचने का सच्चा मार्ग है। कार्यक्रम में दूसरे दिन के यजमान जयपाल सिंह चौहान रहे, जिन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि यह संगीतमय राम कथा शुक्रवार से प्रारंभ हुई है। पहले दिन ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान एवं उनके परिवार द्वारा पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया गया था। राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना हुआ है। संगीतमय कथा में आचार्य शिव पूजन मिश्रा, संगीत पवन महराज, तबला वादक कुंदन, गणेश मिश्रा ने भी सहयोग दिया था रहा है। इस दौरान लक्ष्मण सिंह चौहान, करण सिंह चौहान,विक्रम सिंह चौहान,महिपाल सिंह चौहान, देवीलाल कलाल,गुणवंत कलाल, हमराज सिंह,जयदीप सिंह,जितेंद्र सिंह,भूपेंद्र सिंह, जयपाल सिंह,राजेंद्र सिंह चुंडावत, अजय दर्जी,हरेंद्रप्रताप सिंह सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।
- सीमलवाड़ा। बांसिया मुख्य गांव के रावला परिसर में आयोजित संगीतमय राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिकता के रस में सराबोर नजर आए। कथा वाचन करते हुए पूज्य श्याम महाराज ने भक्तों को जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया और धर्म, भक्ति एवं आस्था का महत्व समझाया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि भगवान अपने सच्चे भक्तों को सुख-दुख के माध्यम से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार बुलेट प्रूफ जैकेट व्यक्ति को बाहरी हमलों से सुरक्षित रखती है, उसी प्रकार ईश्वर अपने भक्त को ऐसी आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं कि जीवन की बड़ी से बड़ी विपत्ति भी उसे विचलित नहीं कर पाती। दूसरे दिन की कथा में शिव-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके साथ ही भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय द्वारा ताड़कासुर वध की कथा का भी मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के दौरान संगीतमय भजनों और प्रसंगों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रशंसा व्यक्ति के लिए अत्यंत घातक हो सकती है। अधिक प्रशंसा से मन में अहंकार उत्पन्न होता है, जो व्यक्ति को भक्ति और ईश्वर से दूर कर देता है। उन्होंने कहा कि सिद्धि और प्रसिद्धि के लिए किए गए कार्य सच्ची भक्ति नहीं कहलाते, बल्कि निष्काम भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर तक पहुंचने का सच्चा मार्ग है। कार्यक्रम में दूसरे दिन के यजमान जयपाल सिंह चौहान रहे, जिन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि यह संगीतमय राम कथा शुक्रवार से प्रारंभ हुई है। पहले दिन ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान एवं उनके परिवार द्वारा पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया गया था। राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना हुआ है। संगीतमय कथा में आचार्य शिव पूजन मिश्रा, संगीत पवन महराज, तबला वादक कुंदन, गणेश मिश्रा ने भी सहयोग दिया था रहा है। इस दौरान लक्ष्मण सिंह चौहान, करण सिंह चौहान,विक्रम सिंह चौहान,महिपाल सिंह चौहान, देवीलाल कलाल,गुणवंत कलाल, हमराज सिंह,जयदीप सिंह,जितेंद्र सिंह,भूपेंद्र सिंह, जयपाल सिंह,राजेंद्र सिंह चुंडावत, अजय दर्जी,हरेंद्रप्रताप सिंह सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का ताजा अपडेट। सूवे के प्रशासनिक मुखिया चीफ सेक्रेटरी वी श्रीनिवास ने आज कोटा टैगोर हॉल में जिला और संभाग के प्रमुखों की मीटिंग ली। और हवाई अड्डे की समीक्षा की। कोटा शहर में जिले में संभाग में गैस की चल रही कि किल्लत की भी समीक्षा की। और अखबार नवीसू से भी मुखातु हुए।1
- डूंगरपुर। सेटिंग काम के दौरान टेको में छुपे जहरीले जानवर ने युवक के पैर पर काट लिया। जिस पर युवक की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहा अब युवक का उपचार चल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार परसाद निवासी लाल शंकर पिता रमेश खराड़ी रविवार को बौखला गांव में पानी के टेक की साइड पर गया हुआ था। तभी युवक टैंक के निकट पड़े सेन्ट्रिग के लकड़ी के टेको जो हटा रहा था। तभी युवक के पैर पर जहरीले जानवर ने काट लिया जिस पर उसे जलन होने की साथ ही चक्कर ओर उल्टी की शिकायत होने पर उसकी तबियत बिगड़ गई।1
- खेरवाडा विधानसभा क्षेत्र के आस-पास की पालो के आदिवासी निवासी मुलतः किसान है। पर्याप्त जमीन नही होने और उपलब्ध जमीन पर सिंचाई की सुविधा नही होने से उन्हे शहरों और कस्बो की ओर रोजगार के लिए भटकना पडता है जहां उनका भारी शोषण होता है। कार्यस्थल पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं कर मजदूरों का जीवन खतरे में डालकर काम कराया जाता है। और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती है कभी-कभी कम कर कर मजदूरी भी नहीं दी जाती है। इस शोषण की वजह से आर्थिक और सामाजिक हालत पीढी दर पीढी लगातार खराब होती जाती है। खेतोंको बारह मास पानी मिलेगा। किसान एक बजाय 4-4 फसले ले पायेगा तो अपने किसान का विकास होगा। रोजगार के लिए शहरो की तरफ नही भागना पडेगा। बेरोजगारी घटेगी। वेतन ज्यादा मिलेगा तो बाजार से ज्यादा वस्तुए खरीद पायेगा। बिक्री ज्यादा होगी तो माल की मांग बढेगी। मांग बढेगी तो नये उधोग लगेंगे। नये उधोग कितने भी लगे लोगो की क्रय शक्ति नही होगी और सामान नही बिकेगा तो उसे एक न एक दिन बंद होना ही है। उधोग धंधे चले उसके लिए भी मजदूर और किसान की आय बढना जरुरी है।1
- चन्द्रशेखर ने कहा ST SC OBC एवं जनरल सभी आरक्षण का लाभ ले रहे है फिर भी जातिवादी मानसिकता के लोग मात्र जाति विषेश को टारगेट कर रहे है जो गलत है । चैनल को सबस्क्राईब जरूर करे । @awajtv3indianews1
- सज्जनगढ़ ब्लॉक में विश्व जल दिवस के अवसर पर कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन तथा वाग्धारा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 118 ग्रामों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। “जल एवं लैंगिक समानता” विषय पर केंद्रित इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को जल के महत्व, संरक्षण और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, कृषि और सामाजिक संतुलन का आधार है। जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण परिवारों पर पड़ता है, इसलिए जल प्रबंधन में महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। इस दौरान बाबूलाल डोडियार, मानसिंह कटारा, सोहननाथ जोगी, प्रभुलाल गरासिया और मानसिंह गरासिया ने जल संरक्षण, टिकाऊ प्रबंधन और सतत कृषि के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण के लिए समुदाय एवं सरकार के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों ने पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों को पुनर्जीवित करने हेतु सामुदायिक हलमा आयोजित कर सोखता गड्ढों और जल स्रोतों की सामूहिक सफाई की। इस अवसर पर कमला भगोरा, इंद्रजीत डोडियार, कमलेश चरपोटा, लालसिंह डोडियार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रयासों से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधन सुरक्षित रह सकें।1
- विधि-विधान के साथ की गई गणगौर पूजा, महिलाओं ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना बांसवाड़ा। गणगौर के पावन अवसर पर नागरवाड़ा के महिलाएं द्वारा संयुक्त गणगौर पूजन आयोजन किया । इस वर्ष विधि-विधान के साथ भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। राधा जोशी ने बताया कि गणगौर का पर्व मुख्य रूप से शिव-पार्वती की आराधना का प्रतीक है, जिसमें महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन एवं परिवार की खुशहाली के लिए श्रद्धा भाव से पूजा करती हैं। यह पूजा लगातार 16 दिनों तक घर-घर में की जाती है और अंतिम दिन तालाब पर जा सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतानों की दीर्घायु की कामना करती है। यह आयोजन सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का भी एक सुंदर उदाहरण बना है।1
- सीमलवाड़ा। कस्बे में मुस्लिम समाज द्वारा पवित्र रमजान माह के समापन पर शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बे में पारंपरिक जुलूस निकाला गया तथा मस्जिदों और ईदगाह पर हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ नमाज अदा कर देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। सुबह से ही कस्बे में मुस्लिम समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होने लगे। बच्चे रंग-बिरंगी पोशाकों में विशेष उत्साह के साथ नजर आए। इसके बाद पूरे कस्बे में पारंपरिक जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। पठान समाज की ओर से स्थानीय मस्जिद में नमाज अदा की गई, जहां मौलाना मोहम्मद शोएब ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद पठान समाज के सदर मुश्ताक अहमद पठान के नेतृत्व में लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। वहीं शेख समाज की ओर से ईदगाह पर मौलाना आदम ने नमाज पढ़ाई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने सजदे में सिर झुकाकर अल्लाह की इबादत की। नमाज के दौरान सभी ने देश में शांति, सद्भाव और समृद्धि की कामना की। नमाज के पश्चात लोगों ने आपस में गले मिलकर ईद की बधाई दी और भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। ईद के मौके पर बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ईदी मिलने पर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी ईदगाह पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए जिले में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। शांति और भाईचारे का दिया संदेश पठान समाज के सदर मुश्ताक अहमद पठान ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि दुनिया में जहां-जहां युद्ध की स्थिति बनी हुई है, वहां शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्लाह का पैगाम है कि “खुद भी जियो और दूसरों को भी जीने दो।” सभी को एक-दूसरे की मदद करते हुए आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहिए। उन्होंने देश में अमन-चैन और सौहार्द बनाए रखने की दुआ भी मांगी। उल्लेखनीय है कि सीमलवाड़ा के साथ ही पीठ कस्बे में भी मुस्लिम समाज द्वारा ईद-उल-फितर का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, जहां नमाज अदा कर देश की खुशहाली की कामना की गई।1