रेलवे यात्रियों ने भारत सरकार रेलवे विभाग से आरोप लगाया है कि आखिर क्यों बिहार में बिहार के यात्रियों के लिए ऐसे ऐसे पुराने रेलगाड़ी देते हैं जिनमें कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं बताया कि शौचालय में पानी तक नहीं आता है आधा से ज्यादा बोगियों में शौचालय ख़राब है। रेलवे यात्रियों ने भारत सरकार रेलवे विभाग से आरोप लगाया है कि आखिर क्यों बिहार में बिहार के यात्रियों के लिए ऐसे ऐसे पुराने रेलगाड़ी देते हैं जिनमें कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं बताया कि शौचालय में पानी तक नहीं आता है आधा से ज्यादा बोगियों में शौचालय ख़राब है। भारत सरकार बिहार में आने जाने वाले रेलगाड़ी में अगर शौचालय चालू कंडीशन में नहीं है तो फिर ऐसे बोगियों को बदल दें बोगियों के शौचालय में गेट नहीं है तो बहुत मे गेट टूट हुआ है बहुत दिनों से बहुत मे दरवाजा जाम है ऐसा लग रहा है कि सालों से ऐसा हाल है यहां तक कि खिड़की भी ख़राब है टूटा हुआ है लोग खिड़की पर पर्दा डाल कर या फिर कूट कागज़ डाल कर मजबूर हो के यात्रा करने को मजबूर है।
रेलवे यात्रियों ने भारत सरकार रेलवे विभाग से आरोप लगाया है कि आखिर क्यों बिहार में बिहार के यात्रियों के लिए ऐसे ऐसे पुराने रेलगाड़ी देते हैं जिनमें कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं बताया कि शौचालय में पानी तक नहीं आता है आधा से ज्यादा बोगियों में शौचालय ख़राब है। रेलवे यात्रियों ने भारत सरकार रेलवे विभाग से आरोप लगाया है कि आखिर क्यों बिहार में बिहार के यात्रियों के लिए ऐसे ऐसे पुराने रेलगाड़ी देते हैं जिनमें कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं बताया कि शौचालय में पानी तक नहीं आता है आधा से ज्यादा बोगियों में शौचालय ख़राब है। भारत सरकार बिहार में आने जाने वाले रेलगाड़ी में अगर शौचालय चालू कंडीशन में नहीं है तो फिर ऐसे बोगियों को बदल दें बोगियों के शौचालय में गेट नहीं है तो बहुत मे गेट टूट हुआ है बहुत दिनों से बहुत मे दरवाजा जाम है ऐसा लग रहा है कि सालों से ऐसा हाल है यहां तक कि खिड़की भी ख़राब है टूटा हुआ है लोग खिड़की पर पर्दा डाल कर या फिर कूट कागज़ डाल कर मजबूर हो के यात्रा करने को मजबूर है।
- Basant kumarRaghopur, Supaulबिल्कुल सही कहा आपने5 hrs ago
- 45वीं बटालियन के कमांडेंट ने लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है और इससे बचाव के लिए समाज को जागरूक रहना आवश्यक है। कमांडेंट ने अभिभावकों और युवाओं से सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। #girls #girlpower #SSB #fb #highlight #insta #follower #studentlife #highlight #schooldays #studentsuccess #student #teachers Bihar Education Department1
- सुपौल में आज भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में आयोजित एआई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान राहुल गाँधी द्वारा किए गए विरोध के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत शहर के गांधी मैदान से हुई, जहां बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता एकत्रित हुए और विरोध सभा आयोजित की गई। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से महावीर चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पूरे रास्ते राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रदर्शनकारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को धूमिल करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महावीर चौक पहुंचने पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक नारेबाजी होती रही और माहौल राजनीतिक नारों से गूंजता रहा। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और प्रशासनिक व्यवस्था भी सतर्क रही। प्रदर्शन में भाजपा नेता विजय शंकर चौधरी उर्फ खोखा बाबू, भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष जयंत मिश्रा, रणधीर ठाकुर, नागेंद्र नारायण ठाकुर, महेश, कुणाल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। नेताओं ने कहा कि देश के विकास, तकनीकी प्रगति और वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति देशहित से ऊपर नहीं हो सकती। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।1
- इन देशों में बच्चों के लिए बैन है Insta-Facebook, जानें भारत में क्या है नियम? ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. यह कानून दिसंबर 2025 में पूरी तरह से लागू हुआ और इसके तहत प्लेटफार्म ने उम्र वेरिफिकेशन को सख्ती से लागू किया गया. जो कंपनियां इसका पालन नहीं करती उन्हें भारी पेनल्टी लग सकती है. फ्रांस ने भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति के बिना सोशल मीडिया एक्सेस पर बैन लगाकर कड़ा रुख अपनाया है. फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने बच्चों की डिजिटल सेफ्टी पर दुनिया भर में मजबूत सहयोग की खुलकर वकालत की है और भारत समेत कुछ दूसरे देशों को भी ऐसे ही सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए कहा है.1
- शराबबंदी खत्म होने वाला है? सरकार की आई बहुत बड़ी अपडेट शराबबंदी पर। पूरी खबर जानना हो तो वीडियो को पूरा देखें।1
- चम्पानगर मार्ग पर 45 पेटी नेपाली शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार1
- भलुआही में बुजुर्ग के साथ मारपीट सर में रोड से मारा1
- फारबिसगंज पोस्ट ऑफिस चौक के पास सड़क निर्माण पर उठे सवाल, विधायक मनोज विश्वास ने दिए जांच के आदेश1
- बिहार के मधेपुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मॉडल सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि महिला डॉक्टर ने न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि निजी अस्पताल में इलाज कराने का दबाव भी बनाया। जिला प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला बिहार के मधेपुरा जिले के मॉडल अस्पताल का है, जहां इलाज कराने पहुंची एक गर्भवती महिला ने महिला डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महर्षि मेही नगर, वार्ड संख्या 5 निवासी प्रियंका प्रिया, जो दो माह की गर्भवती हैं, ने बताया कि पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ के बाद वह मॉडल सदर अस्पताल पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान सुधार नहीं हुआ। जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर शिखा कुमारी को जानकारी दी, तो कथित तौर पर उन्हें निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। परिवार का दावा है कि जिस निजी अस्पताल का नाम लिया गया, वह अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सचिन कुमार की पत्नी का है। विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। यहां तक कि मरीज का पुर्जा भी छीन लेने का आरोप है। इस दौरान का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। पीड़िता का कहना है कि हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें मिशन अस्पताल ले गए, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी और गर्भ में पल रहे शिशु की जान बच सकी। मामले की शिकायत मिलने के बाद मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट – प्रियंका प्रिया, पीड़िता: मैं दो महीने की प्रेग्नेंट हूं। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन डॉक्टर ने ठीक से नहीं देखा। हमें निजी अस्पताल जाने को कहा गया। जब हमने मना किया तो हमारे साथ बदसलूकी की गई। अगर हम दूसरे अस्पताल नहीं जाते तो मेरी और मेरे बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती थी।” सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीज अगर खुद को असुरक्षित महसूस करें, तो यह व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।4
- बिहार में शराबबंदी पर बड़ा अपडेट | पूरी जानकारी! शराबबंदी को लेकर नया फैसला? बिहार की रिपोर्ट की सच्चाई आया सामने।1