बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में मोटरसाइकिल और टेंपो के बीच टक्कर होने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते एक बड़े विवाद में बदल गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही इस्लामनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवाद में शामिल दोनों पक्षों के कुल 9 लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. हृदेश कठेरिया ने पुष्टि की कि मोटरसाइकिल और टेंपो की टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने समय रहते मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रण में लिया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है, और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में मोटरसाइकिल और टेंपो के बीच टक्कर होने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते एक बड़े विवाद में बदल गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही इस्लामनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस
ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवाद में शामिल दोनों पक्षों के कुल 9 लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. हृदेश कठेरिया ने पुष्टि की कि मोटरसाइकिल और टेंपो की टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उन्होंने
बताया कि पुलिस ने समय रहते मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रण में लिया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है, और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- जिला बदायूं के अलापुर नगर और आसपास के गांवों में शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख पर अकीदत और ग़मगीन माहौल के बीच ताज़िए और मेहंदी के जुलूस निकाले गए। इस दौरान पूरा नगर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा और अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों, विशेषकर हज़रत इमाम हुसैन की याद में ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की। इमामबाड़ों से निकले ये ताज़िए ककराला रोड से होते हुए जामा मस्जिद चौराहा, महल मोहल्ला, अंसारी मोहल्ला और लुहार वाला मोहल्ला जैसे निर्धारित मार्गों पर भ्रमण करने के बाद वापस इमामबाड़ों में रख दिए गए। इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल थे। मार्ग में लोगों ने जगह-जगह शर्बत और पानी की सबीलें लगाकर अज़ादारों और राहगीरों की सेवा की। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी निगरानी रखी। मुहर्रम के इस ग़मगीन माहौल में, लोगों ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।3
- मीडिया आउटलेट 'आज की खबर' ने दर्शकों से अपनी टीवी स्क्रीन पर सबसे तेज़ और सबसे सटीक खबरें सबसे पहले देखने का आग्रह किया है। प्लेटफॉर्म का दावा है कि वह हर बड़ी खबर को त्वरित और सही जानकारी के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे दर्शक प्रमुख घटनाक्रमों से तुरंत अपडेट रह सकें।1
- भमोरा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। आंवला की एसडीएम विदुषी सिंह को नौगांव अहिरान और हजरतपुर गांव के बीच स्थित इफ्को फैक्ट्री के पास अवैध खनन होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद भमोरा पुलिस को मौके पर भेजा गया। भमोरा के एसएचओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मशीन अवैध खनन कार्य में लगी पाई गईं। जब इन वाहनों से संबंधित लोगों से खनन के वैध दस्तावेज़ मांगे गए, तो वे कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को थाने लाकर सीज कर दिया। एसडीएम विदुषी सिंह ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि जांच में दोनों वाहन अवैध खनन में लिप्त पाए गए, जिन पर विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।3
- बरेली के अलीगंज कस्बे के मुस्लिम समाज के लोगों ने 25 जून 2026 को एसडीएम आंवला को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाजिया इलाही खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया है कि नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया के एक ऑनलाइन मंच पर पैगंबर मोहम्मद साहब और उनके परिवार के संबंध में आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियां की हैं। इन टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य और तनाव पैदा कर सकते हैं। इस विरोध प्रदर्शन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी धर्म या महापुरुष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, जिनमें रिजवान खान, आरिश खान, परवेज खान, रवि आजाद, मोनिस कुरैशी, दानिश कुरैशी, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद शकील, मोहम्मद इमरान, नबी अहमद, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद जुनैद खान और शाहिद प्रमुख थे।1
- बदायूं में मोहर्रम के त्योहार के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी क्रम में, एडीएम (ई) और एसपी सिटी ने शहर के संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया। इस दौरान, अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं।1
- बदायूं के उसावां में शुक्रवार, 26 जून 2026 को, उसावां नगर पंचायत से हजरतपुर तक जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और कम चौड़ाई को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जय किसान आंदोलन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। यह मार्ग नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर और मियाऊं होते हुए हजरतपुर तक जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क का शीघ्र चौड़ीकरण करने, बदहाल हिस्सों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह सड़क उसावां, नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर, मियाऊं और हजरतपुर सहित कई गांवों को जोड़ती है और क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क पहले से ही संकरी है, जिससे बड़े वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है। अब यह कई जगहों पर टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगभग छह महीने पहले ही इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने के कारण यह इतनी जल्दी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मरम्मत कार्य कराने वाली संस्था पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। आंदोलनकारियों ने सिद्ध बाबा स्थान के पास सिंयोढ़िया तालाब के किनारे सड़क पर खड़े होकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन से सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने, मार्ग का चौड़ीकरण करने और भविष्य में निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित संस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक ने जानकारी दी कि उन्होंने इस समस्या को आई.जी.आर.एस. (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के संज्ञान में भी लाया है और विभाग से जल्द से जल्द सड़क का चौड़ीकरण कर स्थिति सुधारने का आग्रह किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रामबाबू सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जय किसान आंदोलन के जिला अध्यक्ष धनुलाल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक, संतोष कुमार पाल, राजू पाल, जागेश्वर शर्मा, सुदीप कुमार शर्मा, गणेश सिंह, आशीष कुमार सिंह सहित दर्जनों क्षेत्रीय नागरिक एवं किसान उपस्थित रहे। (स्पष्टीकरण: सड़क निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग और गुणवत्ता में अनियमितता के आरोप प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग अथवा निर्माण संस्था का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।)4
- एक बेहद हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक बेटे ने अपने ही पिता को बेरहमी से पीटा है। जिस पिता ने अपने बेटे के लिए पूरी दुनिया से संघर्ष किया और उसे उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी पर बेटे ने हाथ उठा दिया। यह घटना सिर्फ एक वीडियो का दृश्य नहीं, बल्कि यह इस बात पर गंभीर सवाल खड़ा करती है कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। इस पोस्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि बुजुर्ग माँ-बाप कभी बोझ नहीं होते; वे हमारी जड़ें हैं। उन्हें मार नहीं, बल्कि सहारे और सम्मान की आवश्यकता होती है। सभी से आग्रह किया गया है कि अगर उनके घरों में भी किसी बुजुर्ग से ऊंची आवाज में बात होती है, तो उसे आज ही रोक दें, क्योंकि कल देर हो सकती है। इस घटना के वीडियो को साझा करने का मकसद नफरत फैलाना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घर में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण नौबत न आए। अंत में, यह विनम्र अनुरोध किया गया है कि सभी अपने माँ-बाप को इज्जत दें, क्योंकि वे अनमोल हैं।1