गाजियाबाद में बकरीद पर धोखे से बुलाकर सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 मई 2026 को खोडा थाना क्षेत्र में हुई थी, जब असद नामक युवक ने सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या चौहान की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी असद पुत्र नवाब फरार चल रहा था। शनिवार, 31 मई को पुलिस की इस आरोपी से मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में असद घायल हो गया, जिसकी पहचान असद पुत्र नवाब निवासी मदरसे वाली गली, थाना खोडा, गाजियाबाद के रूप में हुई। घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गाजियाबाद में बकरीद पर धोखे से बुलाकर सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 मई 2026 को खोडा थाना क्षेत्र में हुई थी, जब असद नामक
युवक ने सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या चौहान की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया
था, जबकि मुख्य आरोपी असद पुत्र नवाब फरार चल रहा था। शनिवार, 31 मई को पुलिस की इस आरोपी से मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में असद घायल हो गया, जिसकी पहचान असद पुत्र नवाब निवासी मदरसे वाली गली, थाना खोडा, गाजियाबाद के रूप में हुई। घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
- गोंडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल द्वारा अपनी मां के प्रति व्यक्त किए गए सम्मान और प्रेम भरे शब्दों ने लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने अपनी मां को अपनी ताकत और विश्वास बताते हुए कहा, "मां मेरी ताकत हैं, मां मेरा विश्वास हैं। इस दुनिया में मां से बढ़कर और कोई नहीं।" एसपी जायसवाल का यह भावुक संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने व्यापक चर्चा बटोरी है। लोगों ने इस बयान को मां के प्रति सच्ची श्रद्धा और भारतीय संस्कारों का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बताया है, जिसके चलते यह प्रेरणादायक संदेश खूब सुर्खियां बटोर रहा है।1
- गोण्डा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने 30 मई, 2026 को बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों और तीमारदारों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने सुव्यवस्थित पार्किंग, मरीजों और उनके परिजनों के लिए पर्याप्त व आरामदायक बैठने की व्यवस्था, ओपीडी तथा वेटिंग रूम की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, मरीजों के पर्चों पर लिखी जाने वाली दवाओं का ऑनलाइन कम्प्यूटर अपडेट समयबद्ध और शत-प्रतिशत करने को कहा, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पूरे परिसर में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी विशेष निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर कम से कम पांच व्हीलचेयर उपलब्ध रहें और डॉक्टरों, नर्सों, कम्पाउंडरों सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती हो, जिससे गुणवत्तापूर्ण और त्वरित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन आगामी 15 दिनों के भीतर पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। श्रीमती प्रियंका निरंजन ने दोहराया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज और तीमारदार को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और अधिकारियों को ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जिससे लोगों को सहज एवं सम्मानजनक वातावरण में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों।3
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।1
- जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया। किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।1
- अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित अमानीगंज ब्लॉक का श्री राम जानकी महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधनों से अपनी पहचान बना रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण छात्रों को आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इस प्रयोगशाला में लगे आधुनिक और उन्नत मशीन उपकरण किसी बड़े संस्थान से कम नहीं हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से संस्थान में एक एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। यहां केवल परीक्षा पास करने की तैयारी ही नहीं कराई जाती, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और संस्कारों के अनूठे समन्वय के माध्यम से छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य भी बनाया जाता है। प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला की पहल से महाविद्यालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ है, जिसमें बेहतर वातावरण, आधुनिक प्रयोगशाला, स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शामिल है। अनुभवी शिक्षकों की टीम के साथ ये सभी प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय शिक्षा का सपना साकार किया जा सकता है। यही कारण है कि यह महाविद्यालय क्षेत्र के अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच तेजी से विश्वास का केंद्र बनता जा रहा है, और यह बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक प्रयोगात्मक ज्ञान, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य देने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।1