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राजस्थान की राजनीति में एक सनसनीखेज बयान देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि किरोड़ी लाल मीणा, अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे। डोटासरा के अनुसार, इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत से अपने सभी मुकदमों को हटवाने की गुहार लगाई थी। यह बयान राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
Vivek singh jadoun
राजस्थान की राजनीति में एक सनसनीखेज बयान देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि किरोड़ी लाल मीणा, अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे। डोटासरा के अनुसार, इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत से अपने सभी मुकदमों को हटवाने की गुहार लगाई थी। यह बयान राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
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- राजस्थान की राजनीति में एक सनसनीखेज बयान देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि किरोड़ी लाल मीणा, अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे। डोटासरा के अनुसार, इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत से अपने सभी मुकदमों को हटवाने की गुहार लगाई थी। यह बयान राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।1
- राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में, डोटासरा ने किरोड़ी मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और किसी से डरने वाले नहीं हैं।1
- देर रात बीच सड़क पर एक युवती का फुल नशे में 'हाईवोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला, जिससे आने-जाने वाले लोग काफी परेशान हुए। युवती कभी राहगीरों को रोकती, कभी अपनी स्कूटी पर गुस्सा उतारती, तो कभी सड़क पर ही नाचने लगती। इस हंगामे के चलते मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।1
- जयपुर में वीआईपी मूवमेंट के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के कारण एक महिला फूड स्टॉल संचालक गंभीर रूप से झुलस गई, जिससे उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान खौलते पानी से भरा बर्तन पलट गया, जिसके चलते महिला का आधा शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली है, और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रशासन की कार्यशैली और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- जयपुर के जयसिंहपूरा खोर क्षेत्र में मानबाग से 2 नम्बर तक के रोड के चौड़ीकरण को लेकर सवाल उठाया गया है। स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि इस सड़क का चौड़ीकरण आखिर कब तक पूरा होगा।1
- जोधपुर जिले के ओसियां में आयोजित माहेश्वरी समाज क्रिकेट लीग के दौरान शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों और क्रिकेट प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर विधायक भाटी का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया, और उनके आयोजन स्थल पर पहुंचते ही समर्थकों तथा युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान रविन्द्र सिंह भाटी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेलों को समाज में एकता, अनुशासन एवं प्रतिभा निखारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस क्रिकेट लीग में विभिन्न टीमों के बीच मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिसने खेल भावना के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का भी संदेश दिया। विधायक भाटी की मौजूदगी से कार्यक्रम का उत्साह और बढ़ गया, तथा प्रतिभागियों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।1
- बिहार कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आया है, जहाँ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के कामकाज को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है। अखिलेश प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया है कि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में संगठन की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपी गई है, जिसका सक्रिय राजनीति और जमीनी संगठन से सीमित जुड़ाव रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान को बिहार कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों से जोड़ा जा रहा है। उनका आकलन है कि विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के सार्वजनिक बयान पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अखिलेश प्रसाद की नाराजगी ने बिहार कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है।1
- जयपुर के जगतपुरा इलाके में एक मोमोज ठेला लगाने वाली महिला रेशु गुप्ता, वीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बीच खौलते पानी से झुलस गईं। इस घटना के बाद पुलिस पर लापरवाही और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि यह पूरा मामला मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर की गई कार्रवाई से जुड़ा है। दर्द से कराहती हुई महिला रेशु गुप्ता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए केवल इतना कहा, 'एक बार कह तो देते…', जिससे इस कार्रवाई को लेकर पुलिस पर लापरवाही और बदसलूकी के आरोप और गहरा गए हैं।1