मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सुल्तानपुर को विकास की नई सौगात देते हुए ₹819 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसे उन्होंने 'सेवा सुशासन का संकल्प' बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर की धरती से विकास, सुशासन और जनसेवा के नए संकल्प की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता का जीवन आसान बनाना और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देना है। उन्होंने नागरिकों से विकास कार्यों में सक्रिय रूप से सहभागी बनने और प्रदेश की उन्नति व जनकल्याण के लिए समर्पित रहने का आह्वान भी किया। उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री के संबोधन और इन विकास योजनाओं का स्वागत करते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सुल्तानपुर को विकास की नई सौगात देते हुए ₹819 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसे उन्होंने 'सेवा सुशासन का संकल्प' बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर की धरती से विकास, सुशासन और जनसेवा के नए संकल्प की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता का जीवन आसान बनाना और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देना है। उन्होंने नागरिकों से विकास कार्यों में सक्रिय रूप से सहभागी बनने और प्रदेश की उन्नति व जनकल्याण के लिए समर्पित रहने का आह्वान भी किया। उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री के संबोधन और इन विकास योजनाओं का स्वागत करते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- अंबेडकर नगर जिले के इब्राहिमपुर स्थित चिनगी गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। इस संबंध में सीओ टांडा प्रदीप सिंह चंदेल ने भी अपनी बाइट दी है।1
- जनपद अम्बेडकरनगर के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिनगी (गजराज का पूरा) में जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें लाठियां भी चटकीं। इस घटना पर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी टाण्डा, श्री प्रदीप सिंह चंदेल, द्वारा एक बाइट के माध्यम से जानकारी दी गई है।1
- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के विवाद को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। इस पूरे कांड के साथ किसी का भी कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता है, ऐसा साफ तौर पर कहा गया है।1
- जबरदस्त एक्टिंग पुरानी यादें ताजा हो जाती है उस जमाने की बात1
- बीकापुर क्षेत्र में मंगलवार भोर से चली तेज पुरवा हवाओं के साथ मौसम का मिजाज बदल गया है, जहाँ झमाझम बारिश की आहट से मौसम सुहाना हो गया है। मानसून की इस पहली आहट ने अन्नदाताओं के चेहरे पर खुशी ला दी है, जिसके चलते किसान धान की रोपाई के काम में तेजी से जुट गए हैं। मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुई रुक-रुक कर बूंदाबांदी उन किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिनकी धान की रोपाई पहले ही हो चुकी थी और जिनकी फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही थी। इस समय खेतों में चारों तरफ किसान धान की रोपाई करते दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ जहाँ यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी तरफ अन्नदाता उर्वरक (खाद) के गहरे संकट से जूझ रहे हैं। बाजार में यूरिया की भारी किल्लत है और किसानों का आरोप है कि उन्हें मानक से कम वजन के यूरिया पैकेट दिए जा रहे हैं, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है। तमाम प्रशासनिक कमियों और संकटों को झेलते हुए भी, किसान उम्मीद की आस में आसमान की तरफ देख रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों और सरकारी महकमों में इन दिनों तेज हलचल मची हुई है, जहां राजनीतिक मंचों और बंद कमरों से कुछ ऐसी चौंकाने वाली कहानियां सामने आ रही हैं जिन्होंने 'बात खरी है' के मंच पर सनसनी फैला दी है। आज की तीन सबसे बड़ी और धमाकेदार खबरें—बीजेपी के मंच से गूंजा बाहुबली का नाम, सपा में तोड़फोड़ कराने की बात भूलते मंत्री राजभर, और 'मच्छरदानी में पकड़ा गया खाकी का इश्क'—चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबलियों का जिक्र वैसे तो आम है, लेकिन जब सत्ताधारी बीजेपी के मंच से अचानक किसी बाहुबली का नाम गूंजा, तो कयासों का बाजार गर्म होना स्वाभाविक था। राजनीतिक विश्लेषक अब इस घटना के पीछे के नए समीकरणों को समझने की कोशिश कर रहे हैं, अटकलें हैं कि यह किसी नए गठबंधन का संकेत हो सकता है या फिर विपक्ष को घेरने की कोई नई रणनीति। वहीं, अपने तीखे बयानों और खास अंदाज के लिए जाने जाने वाले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर इन दिनों थोड़े शांत नजर आ रहे हैं। जो राजभर पहले समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट-फूट का लगातार दावा करते थे, वे अब इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर राजभर की इस 'विश्राम मुद्रा' के पीछे असली वजह क्या है—क्या वे किसी बड़ी योजना में व्यस्त हैं या उनकी रणनीति में बदलाव आया है? राजनीति से हटकर, सरकारी महकमे और पुलिस प्रशासन से एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी मामला सामने आया है, जिसे 'मच्छरदानी में पकड़ा गया खाकी का इश्क' शीर्षक दिया गया है। इस खबर ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। जब अनुशासन सिखाने वाली खाकी खुद ऐसे कारनामों के चलते सार्वजनिक चर्चा का विषय बन जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है। बताया गया है कि इस मामले की गूंज लखनऊ के बड़े अफसरों तक पहुँच चुकी है। इन सभी घटनाक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सरकारी विभागों में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। राजनीति की गोटियां और खाकी के किस्से, दोनों ही इस समय अपने चरम पर हैं।1
- अम्बेडकर नगर में एक पत्रकार ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए एक सांप को पकड़ा। इस साहसिक कार्य के बाद, उन्होंने सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया।1
- अम्बेडकरनगर में मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में पुलिस ने 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और एक अपहृत युवती को सुरक्षित बरामद करने में सफलता पाई। इस मामले पर पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने भी अपनी बाइट दी।1
- हमीरपुर में खाकी को शर्मसार करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ वर्दी पहने एक दारोगा को ₹20,000 की चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इस घटना से खाकी की बदनामी हुई है, और 'चोर' दारोगा की करतूत उजागर हो गई है। इस दारोगा को एक ट्रक ड्राइवर ने दौड़ाकर पकड़ा, जिसके बाद यह खबर सामने आई। इस वारदात ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1