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अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के विवाद को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। इस पूरे कांड के साथ किसी का भी कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता है, ऐसा साफ तौर पर कहा गया है।

2 hrs ago
user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
द कहर न्यूज़ एजेंसी
Journalist Bikapur, Ayodhya•
2 hrs ago

अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के विवाद को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। इस पूरे कांड के साथ किसी का भी कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता है, ऐसा साफ तौर पर कहा गया है।

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  • अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर उठे आरोपों के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) नेता पवन पांडे ने दावा किया है कि यह प्रमाणित हो चुका है कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावा चोरी हुआ था। उन्होंने जोर देकर कहा कि चोरी करने वाले कौन थे, उनके संबंध किन लोगों से थे और उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त था, ये सभी तथ्य और प्रमाण अयोध्यावासियों सहित देश के सामने आ चुके हैं। पांडे के अनुसार, इस मामले में चोर पकड़े गए, जेल गए, एक ट्रस्टी को बर्खास्त किया गया और जिन लोगों पर संरक्षण देने का आरोप था, उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि इन सबके बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), संघ और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। सपा नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि पूरे देश में इस घटना को लेकर अपनी किरकिरी होने के बाद, भाजपा, संघ और विहिप अब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी एवं श्री टुन्नु यादव जी को लेकर फर्जी दुष्प्रचार कर रहे हैं। इस दुष्प्रचार में यह दावा किया जा रहा है कि श्री टुन्नु यादव जी की श्री अखिलेश यादव जी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। पांडे ने भाजपा, संघ और विहिप को खुली चुनौती दी कि वे प्रमाणित करें कि ऐसी कोई बातचीत हुई थी, जैसा कि वे दावा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से माफी मांगनी चाहिए। पवन पांडे ने अंत में कहा कि राजनीति तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार पर।
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    अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर उठे आरोपों के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) नेता पवन पांडे ने दावा किया है कि यह प्रमाणित हो चुका है कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावा चोरी हुआ था। उन्होंने जोर देकर कहा कि चोरी करने वाले कौन थे, उनके संबंध किन लोगों से थे और उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त था, ये सभी तथ्य और प्रमाण अयोध्यावासियों सहित देश के सामने आ चुके हैं। पांडे के अनुसार, इस मामले में चोर पकड़े गए, जेल गए, एक ट्रस्टी को बर्खास्त किया गया और जिन लोगों पर संरक्षण देने का आरोप था, उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि इन सबके बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), संघ और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है।

सपा नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि पूरे देश में इस घटना को लेकर अपनी किरकिरी होने के बाद, भाजपा, संघ और विहिप अब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी एवं श्री टुन्नु यादव जी को लेकर फर्जी दुष्प्रचार कर रहे हैं। इस दुष्प्रचार में यह दावा किया जा रहा है कि श्री टुन्नु यादव जी की श्री अखिलेश यादव जी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। पांडे ने भाजपा, संघ और विहिप को खुली चुनौती दी कि वे प्रमाणित करें कि ऐसी कोई बातचीत हुई थी, जैसा कि वे दावा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से माफी मांगनी चाहिए। पवन पांडे ने अंत में कहा कि राजनीति तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार पर।
    user_अयोध्या वार्ता
    अयोध्या वार्ता
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी अब प्रमाणित हो चुकी है, जिसके तथ्य और प्रमाण अयोध्यावासियों सहित देशवासियों के सामने आ चुके हैं। इस प्रकरण में चोर पकड़े गए, जेल गए, ट्रस्टी बर्खास्त हुए और जिन लोगों पर संरक्षण देने के आरोप लगे, उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। इन सब के बावजूद, भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप के पास इस घटना को लेकर उठ रहे सवालों का कोई जवाब नहीं है। जब पूरे देश में इस घटना को लेकर उनकी किरकिरी हो चुकी है, तब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी एवं श्री टुन्नु यादव जी को लेकर फर्जी दुष्प्रचार किया जा रहा है। इसमें यह दावा किया जा रहा है कि श्री टुन्नु यादव जी की श्री अखिलेश यादव जी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस दुष्प्रचार के जवाब में एक खुली चुनौती दी गई है कि जिस तरह मंदिर में चढ़ावा चोरी साबित हुई और चोर पकड़े गए व कार्रवाई हुई, उसी तरह भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप को यह प्रमाणित करना चाहिए कि माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी और श्री टुन्नु यादव जी के बीच वह बातचीत हुई थी, जिसका वे दावा कर रहे हैं। यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राजनीति तथ्य और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के आधार पर।
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    मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी अब प्रमाणित हो चुकी है, जिसके तथ्य और प्रमाण अयोध्यावासियों सहित देशवासियों के सामने आ चुके हैं। इस प्रकरण में चोर पकड़े गए, जेल गए, ट्रस्टी बर्खास्त हुए और जिन लोगों पर संरक्षण देने के आरोप लगे, उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। इन सब के बावजूद, भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप के पास इस घटना को लेकर उठ रहे सवालों का कोई जवाब नहीं है।

जब पूरे देश में इस घटना को लेकर उनकी किरकिरी हो चुकी है, तब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी एवं श्री टुन्नु यादव जी को लेकर फर्जी दुष्प्रचार किया जा रहा है। इसमें यह दावा किया जा रहा है कि श्री टुन्नु यादव जी की श्री अखिलेश यादव जी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी।

इस दुष्प्रचार के जवाब में एक खुली चुनौती दी गई है कि जिस तरह मंदिर में चढ़ावा चोरी साबित हुई और चोर पकड़े गए व कार्रवाई हुई, उसी तरह भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप को यह प्रमाणित करना चाहिए कि माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी और श्री टुन्नु यादव जी के बीच वह बातचीत हुई थी, जिसका वे दावा कर रहे हैं। यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राजनीति तथ्य और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के आधार पर।
    user_Varun kumar
    Varun kumar
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्या, उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने पहली बार भगवान श्रीराम के लिए तैयार किए गए बहुमूल्य आभूषणों का प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में उपयोग होने वाले इन दिव्य आभूषणों की विशेषताओं और उनके धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की। श्रद्धालुओं के लिए यह एक अत्यंत विशेष और भावनात्मक क्षण रहा।
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    अयोध्या, उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने पहली बार भगवान श्रीराम के लिए तैयार किए गए बहुमूल्य आभूषणों का प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में उपयोग होने वाले इन दिव्य आभूषणों की विशेषताओं और उनके धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की।

श्रद्धालुओं के लिए यह एक अत्यंत विशेष और भावनात्मक क्षण रहा।
    user_Nation 7 TV
    Nation 7 TV
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विकास खंड मवई क्षेत्र के पूरे नया मजरे रेछ निवासी चंद्रजीत यादव को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गंभीर त्रुटि के चलते चंद्रजीत को नया राशन कार्ड बनवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग पर मनमानी व गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। चंद्रजीत यादव के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण स्वयं तहसील रुदौली स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, विभाग के कर्मचारियों ने नाम हटाने के लिए उन्हें 'मृतक' दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने से चंद्रजीत को लगातार मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इस गलती को सुधारने और यूनिट डिलीट का सही कारण दर्ज करने की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें हर बार 'आज-कल' कहकर टाल दिया जाता है। इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पीड़ित चंद्रजीत ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर उनका नाम राशन कार्ड से किस आधार पर काटा गया और इस गंभीर गलती को तत्काल सुधारा जाए। वहीं, मवई सप्लाई राम वृक्ष यादव ने इन आरोपों को वेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि यह तकनीकी दिक्कत लखनऊ से है और वेबसाइट पर नाम कटने के बाद व्यक्ति 'मृतक' ही शो करता है, इसमें उनकी ओर से कोई गलती नहीं की जाती है। अब देखना यह है कि 'जिंदा आदमी को ‘स्वर्गवास’ भेजने में माहिर' इस सिस्टम में चंद्रजीत यादव अपनी जिंदगी का सबूत ढूंढने में कब तक सफल होते हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस चूक पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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    उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विकास खंड मवई क्षेत्र के पूरे नया मजरे रेछ निवासी चंद्रजीत यादव को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गंभीर त्रुटि के चलते चंद्रजीत को नया राशन कार्ड बनवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग पर मनमानी व गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

चंद्रजीत यादव के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण स्वयं तहसील रुदौली स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, विभाग के कर्मचारियों ने नाम हटाने के लिए उन्हें 'मृतक' दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने से चंद्रजीत को लगातार मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इस गलती को सुधारने और यूनिट डिलीट का सही कारण दर्ज करने की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें हर बार 'आज-कल' कहकर टाल दिया जाता है।

इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पीड़ित चंद्रजीत ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर उनका नाम राशन कार्ड से किस आधार पर काटा गया और इस गंभीर गलती को तत्काल सुधारा जाए। वहीं, मवई सप्लाई राम वृक्ष यादव ने इन आरोपों को वेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि यह तकनीकी दिक्कत लखनऊ से है और वेबसाइट पर नाम कटने के बाद व्यक्ति 'मृतक' ही शो करता है, इसमें उनकी ओर से कोई गलती नहीं की जाती है। अब देखना यह है कि 'जिंदा आदमी को ‘स्वर्गवास’ भेजने में माहिर' इस सिस्टम में चंद्रजीत यादव अपनी जिंदगी का सबूत ढूंढने में कब तक सफल होते हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस चूक पर क्या कार्रवाई करते हैं।
    user_RUDAULI NEWS
    RUDAULI NEWS
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    9 hrs ago
  • अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र स्थित रौजागांव में एक कंपोजिट शराब ठेके पर आबकारी विभाग ने छापा मारा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान ठेके से भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी शराब बरामद हुई। हालाँकि, मीडिया के मौके पर पहुँचने से पहले ही छापेमारी करने वाली टीम और ठेका संचालक वहाँ से जा चुके थे। रात 8:55 बजे तक ठेका बंद मिला, जिसकी पुष्टि मोबाइल कैमरे में कैद की गई। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले को 'मैनेज' करने की कोशिशें चल रही हैं। इस संबंध में आबकारी निरीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों ने फोन उठाना उचित नहीं समझा, जबकि स्थानीय पुलिस को भी इस कार्रवाई के बारे में अनभिज्ञ बताया जा रहा है। विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र स्थित रौजागांव में एक कंपोजिट शराब ठेके पर आबकारी विभाग ने छापा मारा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान ठेके से भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी शराब बरामद हुई।

हालाँकि, मीडिया के मौके पर पहुँचने से पहले ही छापेमारी करने वाली टीम और ठेका संचालक वहाँ से जा चुके थे। रात 8:55 बजे तक ठेका बंद मिला, जिसकी पुष्टि मोबाइल कैमरे में कैद की गई। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले को 'मैनेज' करने की कोशिशें चल रही हैं।

इस संबंध में आबकारी निरीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों ने फोन उठाना उचित नहीं समझा, जबकि स्थानीय पुलिस को भी इस कार्रवाई के बारे में अनभिज्ञ बताया जा रहा है। विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_Vipin pandey Ayodhya
    Vipin pandey Ayodhya
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। इस बदलाव के तहत, कृष्ण मोहन को अब नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनका वे आगे निर्वहन करेंगे।
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    श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। इस बदलाव के तहत, कृष्ण मोहन को अब नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनका वे आगे निर्वहन करेंगे।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    23 hrs ago
  • अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक स्थानीय विधायक ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान किसानों ने तहसील परिसर से फ़ाइल चोरी और राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को उठाया। हालाँकि, इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यह केवल एक आश्वासन बनकर रह जाएगा या वास्तव में समस्याओं का समाधान होगा, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों की जगह अब विधायक जी किसानों की समस्याएँ सुन रहे हैं और चुनाव नज़दीक हैं। लेख में नेताओं के इस व्यवहार पर तीखा कटाक्ष किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यदि जनप्रतिनिधि पहले से ही किसानों की समस्याओं पर ध्यान देते, तो उन्हें इतनी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। इसे इस बात का प्रमाण बताया गया है कि आजकल कोई भी जनप्रतिनिधि जनता को अपने परिवार का सदस्य नहीं समझता, बल्कि केवल अपने स्वार्थ सिद्ध करने में लगा रहता है। नेता केवल वाहवाही लूटने के लिए अधिकारियों पर दिखावटी दबाव बनाते हैं, ताकि जनता उन्हें समय-समय पर वोट देती रहे, और जनता भी ऐसी दिखावटी लहरों में बह जाती है। लेख में कड़वा सच बताते हुए कहा गया है कि मतदान हमेशा दो चरणों में होता है: पहला, नेता जी जनता के चरणों में, और दूसरा, अगले पाँच साल तक जनता नेता जी के चरणों में। इसके साथ ही, यह भी एक कड़वा सच है कि यदि कोई जानकार व्यक्ति या पत्रकार नेताओं के विरुद्ध आवाज़ उठाता है या लिखता है, तो उसे या तो फ़र्ज़ी मुकदमों का शिकार बनाया जाता है या किसी अन्य तरीके से उसकी आवाज़ को दबा दिया जाता है। ऐसे में, जब जनहित में काम करने वाले जागरूक व्यक्ति या पत्रकार को जान का ख़तरा होता है, तो वही जनता उनसे इस कदर दूर हो जाती है, जैसे उन्हें जानती ही न हो, जिसके कारण अब पत्रकार भी बहुत सोच-समझकर अपनी लेखनी का प्रयोग करते हैं। अंत में, यह निष्कर्ष निकाला गया है कि जनप्रतिनिधि यदि पहले से ही जनसमस्याओं को समझते, तो किसानों को समस्याग्रस्त नहीं होना पड़ता, और यदि जनप्रतिनिधि सही हों, तो ज़िम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी भी सही रहते हैं।
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    अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक स्थानीय विधायक ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान किसानों ने तहसील परिसर से फ़ाइल चोरी और राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को उठाया। हालाँकि, इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यह केवल एक आश्वासन बनकर रह जाएगा या वास्तव में समस्याओं का समाधान होगा, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों की जगह अब विधायक जी किसानों की समस्याएँ सुन रहे हैं और चुनाव नज़दीक हैं।

लेख में नेताओं के इस व्यवहार पर तीखा कटाक्ष किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यदि जनप्रतिनिधि पहले से ही किसानों की समस्याओं पर ध्यान देते, तो उन्हें इतनी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। इसे इस बात का प्रमाण बताया गया है कि आजकल कोई भी जनप्रतिनिधि जनता को अपने परिवार का सदस्य नहीं समझता, बल्कि केवल अपने स्वार्थ सिद्ध करने में लगा रहता है। नेता केवल वाहवाही लूटने के लिए अधिकारियों पर दिखावटी दबाव बनाते हैं, ताकि जनता उन्हें समय-समय पर वोट देती रहे, और जनता भी ऐसी दिखावटी लहरों में बह जाती है।

लेख में कड़वा सच बताते हुए कहा गया है कि मतदान हमेशा दो चरणों में होता है: पहला, नेता जी जनता के चरणों में, और दूसरा, अगले पाँच साल तक जनता नेता जी के चरणों में। इसके साथ ही, यह भी एक कड़वा सच है कि यदि कोई जानकार व्यक्ति या पत्रकार नेताओं के विरुद्ध आवाज़ उठाता है या लिखता है, तो उसे या तो फ़र्ज़ी मुकदमों का शिकार बनाया जाता है या किसी अन्य तरीके से उसकी आवाज़ को दबा दिया जाता है। ऐसे में, जब जनहित में काम करने वाले जागरूक व्यक्ति या पत्रकार को जान का ख़तरा होता है, तो वही जनता उनसे इस कदर दूर हो जाती है, जैसे उन्हें जानती ही न हो, जिसके कारण अब पत्रकार भी बहुत सोच-समझकर अपनी लेखनी का प्रयोग करते हैं। अंत में, यह निष्कर्ष निकाला गया है कि जनप्रतिनिधि यदि पहले से ही जनसमस्याओं को समझते, तो किसानों को समस्याग्रस्त नहीं होना पड़ता, और यदि जनप्रतिनिधि सही हों, तो ज़िम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी भी सही रहते हैं।
    user_Awadh Speed news
    Awadh Speed news
    Faizabad, Ayodhya•
    7 hrs ago
  • अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़ी एक आंतरिक जांच रिपोर्ट मीडिया के सामने आई है, जिसमें ट्रस्ट के गणना कक्ष में प्रथम दृष्टया चोरी और गबन साबित हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की 9 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों को नोट छिपाते और हटाते हुए देखा गया है। SIT ने इस दौरान लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं को दर्ज किया, जिससे पता चलता है कि गबन एक दिन नहीं बल्कि लगातार होता रहा। यह जाँच 27 अप्रैल से 5 जून तक के सीसीटीवी फुटेज पर केंद्रित थी, जबकि इससे पहले की घटनाओं का आकलन संभव नहीं हो पाया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मौजूद मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और समझौता ज्ञापनों (MoU) का पालन नहीं किया गया, साथ ही तलाशी, सीसीटीवी और सुरक्षा नियमों को भी लागू नहीं किया गया, जिसे SIT ने गंभीर लापरवाही माना है। रिपोर्ट में छह लोगों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है, जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। SIT ने इन मामलों में कई आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, पर्यवेक्षण में गंभीर विफलता का उल्लेख किया गया है, और अनिल मिश्रा पर निगरानी को लेकर सवाल उठाए गए हैं, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था लागू न कराने पर भी टिप्पणी की गई है। गणना प्रभारी की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, और दान पात्रों (हंडियों) की चाबियों पर अनौपचारिक नियंत्रण का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में नियुक्तियों और कार्य आवंटन पर भी सवाल उठाए गए हैं, और कहा गया है कि अंतिम रिपोर्ट अलग से भेजी जाएगी। रिपोर्ट में ट्रस्ट के चंपत राय का नाम नहीं है और उन पर कोई टिप्पणी भी नहीं की गई है, जिससे यह सवाल उठा है कि क्या ट्रस्ट ने चंपत राय को 'क्लीन चिट' दी है। राममंदिर ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक के बाद इस मुद्दे पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि द्वारा चंपत राय को 'निर्दोष और बेदाग' बताए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चढ़ावा चोरी पर हुई इस महाबैठक के बावजूद मीडिया तक पहुंचे सवालों के जवाब नहीं मिल पाए।
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    अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़ी एक आंतरिक जांच रिपोर्ट मीडिया के सामने आई है, जिसमें ट्रस्ट के गणना कक्ष में प्रथम दृष्टया चोरी और गबन साबित हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की 9 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों को नोट छिपाते और हटाते हुए देखा गया है। SIT ने इस दौरान लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं को दर्ज किया, जिससे पता चलता है कि गबन एक दिन नहीं बल्कि लगातार होता रहा। यह जाँच 27 अप्रैल से 5 जून तक के सीसीटीवी फुटेज पर केंद्रित थी, जबकि इससे पहले की घटनाओं का आकलन संभव नहीं हो पाया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मौजूद मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और समझौता ज्ञापनों (MoU) का पालन नहीं किया गया, साथ ही तलाशी, सीसीटीवी और सुरक्षा नियमों को भी लागू नहीं किया गया, जिसे SIT ने गंभीर लापरवाही माना है।

रिपोर्ट में छह लोगों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है, जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। SIT ने इन मामलों में कई आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, पर्यवेक्षण में गंभीर विफलता का उल्लेख किया गया है, और अनिल मिश्रा पर निगरानी को लेकर सवाल उठाए गए हैं, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था लागू न कराने पर भी टिप्पणी की गई है। गणना प्रभारी की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, और दान पात्रों (हंडियों) की चाबियों पर अनौपचारिक नियंत्रण का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में नियुक्तियों और कार्य आवंटन पर भी सवाल उठाए गए हैं, और कहा गया है कि अंतिम रिपोर्ट अलग से भेजी जाएगी।

रिपोर्ट में ट्रस्ट के चंपत राय का नाम नहीं है और उन पर कोई टिप्पणी भी नहीं की गई है, जिससे यह सवाल उठा है कि क्या ट्रस्ट ने चंपत राय को 'क्लीन चिट' दी है। राममंदिर ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक के बाद इस मुद्दे पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि द्वारा चंपत राय को 'निर्दोष और बेदाग' बताए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चढ़ावा चोरी पर हुई इस महाबैठक के बावजूद मीडिया तक पहुंचे सवालों के जवाब नहीं मिल पाए।
    user_अयोध्या वार्ता
    अयोध्या वार्ता
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Available for Rent Locality : Aadityanath Nagar, Raebareli Road near ACC एजेंसी Area (dimensions) : 4000 Property Type : Independent House / Villa Bedrooms (BHK) : 2 BHK Posted By : Owner Furnishing : Fully Furnished घर जैसा होम स्टै
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    Available for Rent
Locality : Aadityanath Nagar, Raebareli Road near ACC एजेंसी
Area (dimensions) : 4000
Property Type : Independent House / Villa
Bedrooms (BHK) : 2 BHK
Posted By : Owner
Furnishing : Fully Furnished
घर जैसा होम स्टै
    user_Sachin tiwari
    Sachin tiwari
    मिल्कीपुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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