*चैत्र नवरात्र में प्यासा मानपुर — कई वार्डों में गहराया जल संकट, परिषद की व्यवस्था बेपटरी* चैत्र नवरात्र जैसे आस्था के पर्व पर भी मानपुर नगर परिषद की जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। 24 तारीख से नगर के 5,6,7वार्डों में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। हालत यह है कि कई घरों में नल की टोटियों से एक बूंद पानी तक नहीं पहुंच रहा, और लोग पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। यह समस्या अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों की लापरवाही का परिणाम है। वार्ड क्रमांक 5 से 9 तक आज तक नल-जल योजना की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, जिससे पूरा क्षेत्र आज भी पुरानी पंचायत व्यवस्था पर निर्भर है। जैसे ही टंकी या बोर की मोटर खराब होती है, कई वार्डों की जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। बीते तीन दिनों से मोटर खराब पड़ी है, लेकिन उसे सुधारने में परिषद की निष्क्रियता साफ दिखाई दे रही है। दूषित पानी की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन न तो कोई ठोस कार्ययोजना बनी और न ही स्थायी समाधान निकाला गया। कागजों में योजनाएं बनती रहीं और जमीन पर हालात बद से बदतर होते गए। इसी बीच स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और परिषद द्वारा जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी। उस समय जांच का आश्वासन तो मिला, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।लगातार शिकायतों और गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर कब तक मानपुर की जनता इस बदहाल व्यवस्था के बीच प्यास से जूझती रहेगी?क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने तक ही सीमित रहेंगे, या जमीनी स्तर पर भी कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
*चैत्र नवरात्र में प्यासा मानपुर — कई वार्डों में गहराया जल संकट, परिषद की व्यवस्था बेपटरी* चैत्र नवरात्र जैसे आस्था के पर्व पर भी मानपुर नगर परिषद की जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। 24 तारीख से नगर के 5,6,7वार्डों में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। हालत यह है कि कई घरों में नल की टोटियों से एक बूंद पानी तक नहीं पहुंच रहा, और लोग पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। यह समस्या अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों की लापरवाही का परिणाम है। वार्ड क्रमांक 5 से 9 तक आज तक नल-जल योजना की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई,
जिससे पूरा क्षेत्र आज भी पुरानी पंचायत व्यवस्था पर निर्भर है। जैसे ही टंकी या बोर की मोटर खराब होती है, कई वार्डों की जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। बीते तीन दिनों से मोटर खराब पड़ी है, लेकिन उसे सुधारने में परिषद की निष्क्रियता साफ दिखाई दे रही है। दूषित पानी की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन न तो कोई ठोस कार्ययोजना बनी और न ही स्थायी समाधान निकाला गया। कागजों में योजनाएं बनती रहीं और जमीन पर हालात बद से बदतर होते गए। इसी बीच स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और परिषद द्वारा जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से किए
जा रहे कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी। उस समय जांच का आश्वासन तो मिला, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।लगातार शिकायतों और गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर कब तक मानपुर की जनता इस बदहाल व्यवस्था के बीच प्यास से जूझती रहेगी?क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने तक ही सीमित रहेंगे, या जमीनी स्तर पर भी कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
- Post by देशबंधु समाचार पत्र आशीष कुमार1
- 🇮🇫🇼🇯 भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ #IFWJ #इंडियंफेडरेशनफवर्किंगजर्नीलीसैंट्स #Amarkantak #shahdol #viralvideos journalismUnity PressUnity MediaPower Shahdol MadhyaPradesh1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- Post by Sumit Singh Chandel1
- *चैत्र नवरात्र में प्यासा मानपुर — कई वार्डों में गहराया जल संकट, परिषद की व्यवस्था बेपटरी* चैत्र नवरात्र जैसे आस्था के पर्व पर भी मानपुर नगर परिषद की जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। 24 तारीख से नगर के 5,6,7वार्डों में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। हालत यह है कि कई घरों में नल की टोटियों से एक बूंद पानी तक नहीं पहुंच रहा, और लोग पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। यह समस्या अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों की लापरवाही का परिणाम है। वार्ड क्रमांक 5 से 9 तक आज तक नल-जल योजना की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, जिससे पूरा क्षेत्र आज भी पुरानी पंचायत व्यवस्था पर निर्भर है। जैसे ही टंकी या बोर की मोटर खराब होती है, कई वार्डों की जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। बीते तीन दिनों से मोटर खराब पड़ी है, लेकिन उसे सुधारने में परिषद की निष्क्रियता साफ दिखाई दे रही है। दूषित पानी की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन न तो कोई ठोस कार्ययोजना बनी और न ही स्थायी समाधान निकाला गया। कागजों में योजनाएं बनती रहीं और जमीन पर हालात बद से बदतर होते गए। इसी बीच स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और परिषद द्वारा जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी। उस समय जांच का आश्वासन तो मिला, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।लगातार शिकायतों और गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई का अभाव यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर कब तक मानपुर की जनता इस बदहाल व्यवस्था के बीच प्यास से जूझती रहेगी?क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने तक ही सीमित रहेंगे, या जमीनी स्तर पर भी कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?3
- शहडोल। रामनवमी के पावन अवसर पर सोहागपुर स्थित राम जानकी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा जैसे ही मार्गों से गुजरती हुई मस्जिद के सामने पहुंची, वहां एक अलग ही नजारा देखने को मिला। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अंजुमन इस्लामिया कमेटी द्वारा शोभायात्रा का भावपूर्ण स्वागत किया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने आगे बढ़कर श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया, गले मिलकर उन्हें रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान ठंडा पानी, शरबत का वितरण किया गया और पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा को सम्मानित किया गया। इस अनूठे दृश्य को देखकर लोग बेहद खुश नजर आए। सोहागपुर ने एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की। यहां वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए दोनों समुदायों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सफ़ी उल्ला हन्नान खान सज्जाद खान अब्बास खान सूफियान खान शहजादा जुबैर यासिफ विक्की पिंटू नफीस शादाब जीशान भोले शंकर अग्रवाल सहित मुस्लिम समाज के दर्जनों युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सोहागपुर का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत कर गया।2
- Post by Ashok Sondhiya4