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गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बलौदाबाजार जिले के एक कॉलर ने डायल 112 को सूचित किया कि उनके हाइवा ट्रक को, जिसे ड्राइवर ने पेण्ड्रीड़ी चौक के पास एक गैराज में सर्विसिंग के लिए खड़ा किया था, चार-पांच लोग उठाकर ले गए हैं। यह जानकारी गुरुवार शाम 6 बजे मिली थी, जिसके बाद डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। मौके पर हाइवा ट्रक का ड्राइवर मौजूद था, जिसे आगे की कार्यवाही के लिए हिर्री थाने ले जाया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उक्त हाइवा वाहन की किस्त की राशि काफी दिनों से नहीं चुकाई गई थी और ट्रक मालिक वाहन को एजेंसी को सौंप नहीं रहा था। इसी वजह से एजेंसी के लोग आए और उस हाइवा ट्रक को उठाकर अपने साथ एजेंसी ले गए।
Patrkar Sarthi
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बलौदाबाजार जिले के एक कॉलर ने डायल 112 को सूचित किया कि उनके हाइवा ट्रक को, जिसे ड्राइवर ने पेण्ड्रीड़ी चौक के पास एक गैराज में सर्विसिंग के लिए खड़ा किया था, चार-पांच लोग उठाकर ले गए हैं। यह जानकारी गुरुवार शाम 6 बजे मिली थी, जिसके बाद डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। मौके पर हाइवा ट्रक का ड्राइवर मौजूद था, जिसे आगे की कार्यवाही के लिए हिर्री थाने ले जाया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उक्त हाइवा वाहन की किस्त की राशि काफी दिनों से नहीं चुकाई गई थी और ट्रक मालिक वाहन को एजेंसी को सौंप नहीं रहा था। इसी वजह से एजेंसी के लोग आए और उस हाइवा ट्रक को उठाकर अपने साथ एजेंसी ले गए।
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- बिलासपुर के तखतपुर थाना क्षेत्र में किराना दुकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। 7 जुलाई 2026 को परमीत सालुजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम जरौधा गुड़ी स्थित उनकी दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने महाकोष सोयाबीन तेल के टीन, प्लास्टिक जरीकेन, आटा और गल्ले से 10 हजार रुपये नकद सहित कुल 22,500 रुपये का सामान चोरी कर लिया था। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी का सामान ग्राम जरौधा में गोपाल मेहर के कोठार के पैरावट में छिपाया गया है। इस आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कलेश्वर मेहर और कुंदन धृतलहरे, दोनों निवासी ग्राम जरौधा, को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 11 हजार रुपये मूल्य का सोयाबीन तेल बरामद किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी बंटी साहू और सुमित यादव अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश पासवान के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक रामायण राजपूत और आरक्षक आशीष, हरिश यादव व संतोष पोर्ते की भूमिका रही।1
- रायगढ़ पुलिस ने अपने “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत, ₹1.86 करोड़ मूल्य की 300 किलोग्राम गांजा तस्करी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इस मुख्य साजिशकर्ता को दबोचा है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 5 जून 2026 को चलाए गए “ऑपरेशन आघात” से जुड़ा है, जब ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलो गांजा की एक बड़ी खेप जब्त की गई थी और तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान, यह सामने आया था कि पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन शुभम यादव कर रहा था, जिसके बाद वह फरार हो गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशों पर, साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस लगातार तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से आरोपी की निगरानी कर रही थी। 8 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी एक केआईए कार से रायगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपी ने तेज रफ्तार से भागने का प्रयास किया, लेकिन कुंजारा के पास संयुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव (29 वर्ष), निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। उसके कब्जे से लगभग ₹10.17 लाख मूल्य की केआईए कार, एक मोबाइल फोन, एक घड़ी, नकदी, वाहन दस्तावेज और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस ने शुभम यादव को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी) एवं 29 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लाभार्थियों की भी गहन जांच कर रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस केवल मादक पदार्थ जब्त करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, उसके वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ते हुए जिले के सरसीवा, भटगांव और डोंगरीपाली थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं, जिनमें कुल 36 लीटर महुआ और विदेशी शराब जप्त की गई है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे और अवैध तस्करी के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बलौदाबाजार जिले के एक कॉलर ने डायल 112 को सूचित किया कि उनके हाइवा ट्रक को, जिसे ड्राइवर ने पेण्ड्रीड़ी चौक के पास एक गैराज में सर्विसिंग के लिए खड़ा किया था, चार-पांच लोग उठाकर ले गए हैं। यह जानकारी गुरुवार शाम 6 बजे मिली थी, जिसके बाद डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। मौके पर हाइवा ट्रक का ड्राइवर मौजूद था, जिसे आगे की कार्यवाही के लिए हिर्री थाने ले जाया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उक्त हाइवा वाहन की किस्त की राशि काफी दिनों से नहीं चुकाई गई थी और ट्रक मालिक वाहन को एजेंसी को सौंप नहीं रहा था। इसी वजह से एजेंसी के लोग आए और उस हाइवा ट्रक को उठाकर अपने साथ एजेंसी ले गए।1
- बिलासपुर जिले के अमसेना गांव के स्कूल में गुरुवार सुबह एक सांप के घुस आने से छात्रों में हड़कंप मच गया। गौ सेवा धाम छतौना के गौ सेवक एवं स्नेक रेस्क्यू मास्टर प्रहलाद यादव जी को गुरुवार शाम 6:00 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी, जबकि उन्हें सुबह 11:00 बजे के करीब अमसेना स्कूल से फोन आया था कि स्कूल के अंदर एक जहरीला सांप घुस आया है, जिसे देखकर बच्चे भयभीत हो रहे हैं और उसे तुरंत पकड़ने की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही प्रहलाद यादव जी तत्काल अमसेना के स्कूल पहुंचे। उन्होंने पाया कि रात में ही एक सांप एक क्लास में घुस आया था और कोने में चुपचाप बैठा था। सुबह प्रार्थना के बाद जब बच्चे क्लास में बैठने गए, तो एक बच्चे की नजर सांप पर पड़ी, जिसके बाद बच्चों में हड़कंप मच गया। स्नेक रेस्क्यू मास्टर प्रहलाद यादव ने तुरंत सांप को पकड़ा और सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया, जिससे उसका सफल रेस्क्यू हो गया। प्रहलाद यादव जी ने बताया कि यह सांप, जिसे छत्तीसगढ़ी भाषा में 'असढ़िया' और 'धमना' कहा जाता है, जहरीला नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बारिश के दिनों में यह मेढक, कीड़े, चूहे आदि खाने के लिए कहीं भी घुस सकता है, इसलिए किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि सांप ने किसी बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन बच्चों के मन में क्लास में सांप देखकर डर पैदा हो गया था। इस घटना से यह सीख लेनी चाहिए कि बच्चे जब भी सुबह स्कूल जाएं, तो अपने बेंच और डेस्क में बैठने से पहले नीचे और आसपास देख लें कि कहीं कोई जहरीला जीव जैसे सांप या बिच्छू तो नहीं बैठा है।1