गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की, जहाँ सड़क, बिजली, बाढ़, खाद, पेंशन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी कई प्रमुख क्षेत्रों में गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। सांसद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित सड़क निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए और किसानों को उनकी जोत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए गंगा किनारे के लगभग 30 बाढ़ प्रभावित गाँवों में राहत तैयारियों में तेजी लाने, पशुओं का टीकाकरण करने और मोबाइल मेडिकल वैन तैनात करने के आदेश दिए गए। बैठक में 30 जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद किए जाने का एक अत्यंत गंभीर मामला भी सामने आया, जिस पर तत्काल जांच कर पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। इसके अतिरिक्त, बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे, जहाँ उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और जले ट्रांसफॉर्मर समय पर न बदलने की शिकायतें सामने आईं। सांसद ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी, नहरों में पानी की उपलब्धता, पेयजल आपूर्ति और स्कूलों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की, जहाँ सड़क, बिजली, बाढ़, खाद, पेंशन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी कई प्रमुख क्षेत्रों में गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। सांसद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित सड़क निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए और किसानों को उनकी जोत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए गंगा किनारे के लगभग 30 बाढ़ प्रभावित गाँवों में राहत तैयारियों में तेजी लाने, पशुओं का टीकाकरण करने और मोबाइल मेडिकल वैन तैनात करने के आदेश दिए गए। बैठक में 30 जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद किए जाने का एक अत्यंत गंभीर मामला भी सामने आया, जिस पर तत्काल जांच कर पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। इसके अतिरिक्त, बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे, जहाँ उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और जले ट्रांसफॉर्मर समय पर न बदलने की शिकायतें सामने आईं। सांसद ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी, नहरों में पानी की उपलब्धता, पेयजल आपूर्ति और स्कूलों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
- गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की, जहाँ सड़क, बिजली, बाढ़, खाद, पेंशन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी कई प्रमुख क्षेत्रों में गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। सांसद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित सड़क निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए और किसानों को उनकी जोत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए गंगा किनारे के लगभग 30 बाढ़ प्रभावित गाँवों में राहत तैयारियों में तेजी लाने, पशुओं का टीकाकरण करने और मोबाइल मेडिकल वैन तैनात करने के आदेश दिए गए। बैठक में 30 जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद किए जाने का एक अत्यंत गंभीर मामला भी सामने आया, जिस पर तत्काल जांच कर पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। इसके अतिरिक्त, बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे, जहाँ उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और जले ट्रांसफॉर्मर समय पर न बदलने की शिकायतें सामने आईं। सांसद ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी, नहरों में पानी की उपलब्धता, पेयजल आपूर्ति और स्कूलों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में जमीन कब्जा से जुड़े एक मामले पर घोसी से सांसद राजीव राय का पहला बयान सामने आया है।1
- चंदौली में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सपा सांसद रामकिशन यादव का भी उल्लेख किया गया है।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने धीना में जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिलाधिकारी को किसानों की समस्याओं को समझने के लिए केवल कार्यालय में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारियों को गांवों और किसानों के बीच जाकर जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों और वास्तविक परिस्थितियों की सही जानकारी मिल सकेगी। प्रेस वार्ता के दौरान मनोज सिंह काका ने वर्तमान सरकार पर नौजवानों, छात्रों और किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और संकल्प लिया कि समाजवादी पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने गुरैनी क्षेत्र में गंगा कटान रोकथाम की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने का भी उल्लेख किया। काका ने मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी कि जिलाधिकारी किसानों से वार्ता के लिए मौके पर जाने वाले हैं, इसे अधिकारियों द्वारा दफ्तरों से निकलकर सीधे लोगों के बीच पहुँचने की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया। सपा प्रवक्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर सत्ता पक्ष के दबाव में मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इन मुकदमों को वापस नहीं लेता है, तो समाजवादी पार्टी हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेगी और इसके साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।3
- बलिया जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र में स्थित गौरा गांव की दलित बस्ती में, नहर मार्ग पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को रविवार रात अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार सुबह जब ग्रामीणों ने प्रतिमा का हाथ और संविधान खंडित अवस्था में देखा, तो उनमें भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में अंबेडकर युवा सेवा समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, जिसमें दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर एक नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राजेश यादव और थाना प्रभारी रंजीत विश्वकर्मा मौके पर पहुँचे और ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस ने ग्रामीणों की सहमति से प्रतिमा की तुरंत मरम्मत भी करवा दी। मामले में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। रसड़ा के सीओ रजनीश कुमार के अनुसार, घटना की गहन जांच जारी है और गांव में इस समय पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है।1
- चंदौली में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय दिखा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अलीनगर क्षेत्र का दौरा कर मोहर्रम जुलूस मार्गों तथा संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्र शेखर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, ताजिया रखने के स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की बारीकी से जांच की और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और मोहर्रम कमेटी के सदस्यों से भी बातचीत कर जुलूस के दौरान संभावित समस्याओं की जानकारी ली। जलभराव, बिजली के लटकते तार और सड़क की स्थिति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। वहीं, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए।1
- शनिवार को रेवतीपुर में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. सरोज के औचक निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्र स्थलों पर गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण में कई केंद्रों पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर टीकाकरण सत्र स्थल बिना किसी पूर्व सूचना के बदल दिए गए थे, वहीं कुछ केंद्र पूरी तरह से बंद मिले। डॉ. सरोज ने डेटा फीडिंग और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गंभीर खामियां पाईं। इस व्यापक लापरवाही के मद्देनजर, दो सीएचओ और चार एएनएम सहित कुल छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरोज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कुछ लोग घायल हो गए हैं।1