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देश और समाज को बचाने के उद्देश्य से भारतीय जन क्रान्ति सेना ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से जनता से जुड़ने और परिवर्तन के लिए संकल्प लेने की अपील की गई है। यदि आप स्वयं को सच्चा देशभक्त मानते हैं, तो इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। इस अभियान से जुड़ने के लिए इच्छुक लोग 'BJKS Join' लिखकर व्हाट्सएप कर सकते हैं।
Bharatiya Jan KRANTI SENA
देश और समाज को बचाने के उद्देश्य से भारतीय जन क्रान्ति सेना ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से जनता से जुड़ने और परिवर्तन के लिए संकल्प लेने की अपील की गई है। यदि आप स्वयं को सच्चा देशभक्त मानते हैं, तो इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। इस अभियान से जुड़ने के लिए इच्छुक लोग 'BJKS Join' लिखकर व्हाट्सएप कर सकते हैं।
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- कानपुर के एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय प्रक्रिया पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोर्ट के भीतर अपने केस से संबंधित पेपर्स को ऊपर उछाल दिया। न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया और कहा, "जब सब मौन है तो यह दिखावा क्यों?" अधिवक्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेपर उछालने और सीधे तौर पर न्याय प्रणाली की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा करने का यह मामला सामने आया है।1
- वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट पर्यटकों को लेकर जा रही एक नौका के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, इस हादसे का शिकार हुई नौका में कई भारतीय पर्यटक भी सवार थे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना की पुष्टि की है और बताया कि हादसे के कारणों व प्रभावित लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा मौके पर युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है और भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में बना हुआ है। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा कि वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर उन्हें बेहद दुख हुआ है। उन्होंने अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास वहां हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।1