सर्राफा कारोबारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, गिरवी विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग सर्राफा कारोबारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, गिरवी विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कुलदीप उर्फ पप्पन रस्तोगी के नेतृत्व में व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आभूषण व्यवसाय में गिरवी (प्लेज) से जुड़े विवादों में विधिक स्पष्टता और पुलिस कार्रवाई के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि सोना-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्षों पुराने और निष्क्रिय पड़े गिरवी लेनदेन अब दोबारा विवादित किए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी, आर्थिक और प्रतिष्ठागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में 10 से 30 साल पुराने लेनदेन बिना पर्याप्त साक्ष्यों के उठाए जा रहे हैं, जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होते हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस बिना प्रारंभिक जांच और अभिलेखों का परीक्षण किए सीधे एफआईआर दर्ज कर लेती है या दबावपूर्ण कार्रवाई करती है। इतना ही नहीं, बिना पूर्व सूचना के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर असभ्य व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि गिरवी, ऋण, ब्याज और हिसाब-किताब से जुड़े अधिकांश मामले स्वभावतः दीवानी (सिविल) होते हैं, जिनमें पुलिस हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो, जहां स्पष्ट रूप से आपराधिक तत्व मौजूद हों। सर्राफा एसोसिएशन ने मांग की कि ऐसे मामलों में किसी भी कार्रवाई से पहले अनिवार्य रूप से प्रारंभिक सत्यापन किया जाए, दोनों पक्षों को सुनने का अवसर दिया जाए और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई कदम उठाया जाए। साथ ही बिना नोटिस के दबावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और पुलिस व्यवहार को सभ्य व विधिसम्मत बनाए रखने की भी अपील की गई। इस दौरान अध्यक्ष कुलदीप रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी सहित आनंद रस्तोगी, रंजन गुप्ता, सोनू गुप्ता, अमित रस्तोगी, प्रदीप रस्तोगी, अर्पित रस्तोगी, मनोज रस्तोगी, योगेश चंद्र रस्तोगी, संजय कुमार, अमित कुमार और अभिषेक रस्तोगी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
सर्राफा कारोबारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, गिरवी विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग सर्राफा कारोबारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, गिरवी विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कुलदीप उर्फ पप्पन रस्तोगी के नेतृत्व में व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आभूषण व्यवसाय में गिरवी (प्लेज) से जुड़े विवादों में विधिक स्पष्टता और पुलिस कार्रवाई के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि सोना-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्षों पुराने और निष्क्रिय पड़े गिरवी लेनदेन अब दोबारा विवादित किए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी, आर्थिक और प्रतिष्ठागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में 10 से 30 साल पुराने लेनदेन बिना पर्याप्त साक्ष्यों के उठाए जा रहे हैं, जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होते हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस बिना प्रारंभिक जांच और अभिलेखों का परीक्षण किए सीधे एफआईआर दर्ज कर लेती है या दबावपूर्ण कार्रवाई करती है। इतना ही नहीं, बिना पूर्व सूचना के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर असभ्य व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि गिरवी, ऋण, ब्याज और हिसाब-किताब से जुड़े अधिकांश मामले स्वभावतः दीवानी (सिविल) होते हैं, जिनमें पुलिस हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो, जहां स्पष्ट रूप से आपराधिक तत्व मौजूद हों। सर्राफा एसोसिएशन ने मांग की कि ऐसे मामलों में किसी भी कार्रवाई से पहले अनिवार्य रूप से प्रारंभिक सत्यापन किया जाए, दोनों पक्षों को सुनने का अवसर दिया जाए और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई कदम उठाया जाए। साथ ही बिना नोटिस के दबावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और पुलिस व्यवहार को सभ्य व विधिसम्मत बनाए रखने की भी अपील की गई। इस दौरान अध्यक्ष कुलदीप रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी सहित आनंद रस्तोगी, रंजन गुप्ता, सोनू गुप्ता, अमित रस्तोगी, प्रदीप रस्तोगी, अर्पित रस्तोगी, मनोज रस्तोगी, योगेश चंद्र रस्तोगी, संजय कुमार, अमित कुमार और अभिषेक रस्तोगी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
- Post by Vinod shriwastva1
- सर्राफा कारोबारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, गिरवी विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कुलदीप उर्फ पप्पन रस्तोगी के नेतृत्व में व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आभूषण व्यवसाय में गिरवी (प्लेज) से जुड़े विवादों में विधिक स्पष्टता और पुलिस कार्रवाई के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि सोना-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्षों पुराने और निष्क्रिय पड़े गिरवी लेनदेन अब दोबारा विवादित किए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी, आर्थिक और प्रतिष्ठागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में 10 से 30 साल पुराने लेनदेन बिना पर्याप्त साक्ष्यों के उठाए जा रहे हैं, जो प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होते हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस बिना प्रारंभिक जांच और अभिलेखों का परीक्षण किए सीधे एफआईआर दर्ज कर लेती है या दबावपूर्ण कार्रवाई करती है। इतना ही नहीं, बिना पूर्व सूचना के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर असभ्य व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि गिरवी, ऋण, ब्याज और हिसाब-किताब से जुड़े अधिकांश मामले स्वभावतः दीवानी (सिविल) होते हैं, जिनमें पुलिस हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो, जहां स्पष्ट रूप से आपराधिक तत्व मौजूद हों। सर्राफा एसोसिएशन ने मांग की कि ऐसे मामलों में किसी भी कार्रवाई से पहले अनिवार्य रूप से प्रारंभिक सत्यापन किया जाए, दोनों पक्षों को सुनने का अवसर दिया जाए और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई कदम उठाया जाए। साथ ही बिना नोटिस के दबावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने और पुलिस व्यवहार को सभ्य व विधिसम्मत बनाए रखने की भी अपील की गई। इस दौरान अध्यक्ष कुलदीप रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी सहित आनंद रस्तोगी, रंजन गुप्ता, सोनू गुप्ता, अमित रस्तोगी, प्रदीप रस्तोगी, अर्पित रस्तोगी, मनोज रस्तोगी, योगेश चंद्र रस्तोगी, संजय कुमार, अमित कुमार और अभिषेक रस्तोगी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।1
- फतेहपुर जिले में ग्राम ईंटगांव थाना कोतवाली खागा में हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पीड़िता को आर्थिक सहायता, शेष आरोपी की गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश गिहार ने बताया कि 24 अप्रैल को हुई घटना में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिसमें परिवार ने सरकार की रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के तहत 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने, फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, आरोपियों पर रासुका लगाने, परिवार को सुरक्षा देने तथा मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शिवाकांत तिवारी, वीरेंद्र सिंह चौहान और मोहित मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल रहे। ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया गया है कि पीड़िता को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, शेष आरोपी को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मामले का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।1
- बनारस से नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारम्भ, फतेहपुर में भी मिला ठहराव1
- आज दिनांक 28.04.2026 को एक व्यक्ति का शव थाना कोतवाली क्षेत्र में मण्डप गेस्ट हाउस,तामेश्वर मंदिर के पास नाले में पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जानकारी की गई तो शव की पहचान राजकुमार पुत्र रतिपाल निवासी ग्राम काकावेरी थाना मलवां के रूप में हुई जिनकी उम्र 36 वर्ष थी। परिजनों को सूचना दी गई तथा परिजनों के द्वारा यह बताया गया कि दिनांक 25.04.2026 को सपरिवार यह कोतवाली क्षेत्र में शादी समारोह में आये थे। अपने परिवार से घर जाने की बात कहकर ये वहां से निकले थे लेकिन ये घर नहीं पहुंचे थे। आज इनका शव प्राप्त हुआ है, परिजनों से तहरीर प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम हेतु मॉर्चरी भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा । आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी देखा जा रहा है ताकि घटना के संबंध में अन्य जानकारी प्राप्त की जा सके के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक फतेहपुर की बाईट।1
- es gar ke lie rasta nahi hai kai bar samsara ki samadhan nahi hui hai bahut presani hai aur koi sunwai nahi hui hai jiske karn ane jane bahut samsya hoti hai1
- रायबरेली से इस वक्त की बड़ी खबर। पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भदोखर थाना क्षेत्र के महंगू का पुरवा निवासी कपिराज मिश्रा ने नगर कोतवाली में तैनात कॉन्स्टेबल धीरज गौड़ पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।पीड़ित का कहना है कि वह अपनी बहन के पारिवारिक विवाद के मामले में नगर कोतवाली पहुंचा था। उसकी बहन ने अपने पति के साथ हुए विवाद की शिकायत पुलिस से की थी। आरोप है कि इसी दौरान कोतवाली में मौजूद कॉन्स्टेबल ने उसकी बहन के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब कपिराज मिश्रा ने इसका विरोध किया और सवाल पूछा, तो कॉन्स्टेबल ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट कर दी। अब इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं,क्षेत्राधिकारी नगर ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।फिलहाल, देखना होगा कि इस मामले में पुलिस विभाग क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।1
- फतेहपुर जिले में गिरवी आभूषण विवाद में पुलिस की कार्रवाई पर सर्राफा कारोबारियों ने उठाए सवाल - डीजीपी से जारी किए जाएं दिशा-निर्देश, दीवानी मामलों में एफआईआर पर रोक की मांग 50ज्वेलर्स व्यापारियों ने आज फतेहपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर बताई समस्या जिसमें फतेहपुर पुलिस अधीक्षक ने हर संभव मदद का दिया आश्वासन सोने-चांदी के दाम बढ़ने के बाद पुराने गिरवी लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गए हैं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि 10 से 30 साल पुराने निष्क्रिय मामलों में अब बिना दस्तावेज के दावे किए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को कानूनी और आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस बिना जांच और बिना पक्ष सुने सीधे एफआईआर दर्ज कर रही है। कई बार बिना नोटिस के दुकानों पर पहुंचकर दबाव बनाया जाता है। इससे व्यापारियों की साख खराब हो रही है और कारोबारी माहौल में डर का माहौल है। कारोबारियों ने बताया कि कई मामलों में गिरवी रखने वालों ने खुद सामान वापस लेने से इनकार किया था, क्योंकि उस समय सोने का दाम मूलधन और ब्याज से कम था। अब दाम बढ़ने पर वही लोग पुराने मामले उठा रहे हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि गिरवी विवाद मूल रूप से दीवानी मामला है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई से पहले प्रारंभिक सत्यापन अनिवार्य किया जाए। बिना दस्तावेज जांचे और दोनों पक्षों को सुने बिना एफआईआर न हो। सर्राफा कारोबारियों ने डीजीपी से मांग की है कि पुलिस के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। 1. दीवानी मामलों में बिना जांच कोई कार्रवाई न हो। 2. व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बिना नोटिस न जाएं। 3. पुलिस का व्यवहार सभ्य और विधिसम्मत हो। 4. दबावपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार पर रोक लगे। कारोबारियों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वैध व्यापार बाधित हो रहा है। उन्होंने दीवानी मामलों में पुलिस हस्तक्षेप सीमित रखने की मांग की है।1