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सरकारी दफ्तरों के सामने जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ वर्ष 1914 में निर्मित तहसील कार्यालय में वर्ष 2026 तक भी उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव है। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि दशकों पुरानी यह समस्या अभी भी अनसुलझी है।
BS News Network
सरकारी दफ्तरों के सामने जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ वर्ष 1914 में निर्मित तहसील कार्यालय में वर्ष 2026 तक भी उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव है। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि दशकों पुरानी यह समस्या अभी भी अनसुलझी है।
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- मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही ₹3.93 करोड़ की लागत से बनी एक सड़क बह गई। पहली बारिश के साथ ही सड़क का इस तरह बह जाना, इसके निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता और दावों की सच्चाई की पोल खोलता है।1
- सिवनी जिले के बादलपार में एक नाबालिग को गर्भपात की दवा देने के मामले में पुलिस 25 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मुख्य महिला डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बादलपार स्थित विमल टेकरी की एक महिला डॉक्टर द्वारा गर्भपात हेतु गोली दिए जाने के बाद, नाबालिग की तबीयत बिगड़ गई थी और उसे ब्लीडिंग होने लगी थी। उसे पहले ग्वारी अस्पताल ले जाया गया, फिर सिवनी रेफर कर दिया गया जहाँ उसे भर्ती किया गया। इस घटना के बाद, थाना कुरई पुलिस, बादलपार पुलिस और महिला पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप एक आरोपी को तत्काल पकड़कर जेल भेज दिया गया था। आज, पुलिस टीम 14 वर्षीय नाबालिग को गर्भपात की दवाई देने वाली बादलपार के विमल टेकरी स्थित महिला डॉक्टर के क्लिनिक पर पहुंची। चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले ने बताया कि नाबालिग ने अपने बयान में भीमल टेकरी की एक महिला डॉक्टर का जिक्र किया था। महिला पुलिस के साथ क्लिनिक पहुंचने पर डॉक्टर वहां नदारद मिलीं। घर में मौजूद परिजनों को दो दिनों के भीतर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पुलिस को यह भी पता चला है कि विमल टेकरी में एकमात्र क्लिनिक है, जिसका संचालन तबस्सुम खान करती हैं। मामले की जांच में हुई देरी के बारे में पूछे जाने पर, प्रभारी ने बताया कि शुरुआत में थाना प्रभारी कुरई द्वारा जांच की जा रही थी, लेकिन इस दौरान उनके दिल्ली जाने और पीड़िता के अस्वस्थ होने के कारण बयान लेने में विलंब हुआ। पीड़िता अभी भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। वर्तमान में, जांच चौकी प्रभारी द्वारा की जा रही है। थाना प्रभारी कुरई, कृपाल शाह तेकाम से इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।2
- मध्य प्रदेश के अमरवाड़ा स्थित स्टेट बैंक में पुलिस द्वारा एक साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्हें साइबर अपराधों से बचाव और उनसे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक किया गया।1
- खजरी गोदाम में खाद लेने के लिए पहुंच रहे किसान लगातार बारिश में भीगने को मजबूर हैं। गोदाम पर शेड की व्यवस्था न होने के कारण किसानों को खाद खरीदते समय खुले में ही रहना पड़ रहा है। इस असुविधा को देखते हुए, किसानों ने मांग की है कि गोदाम पर जल्द से जल्द शेड का निर्माण कराया जाए ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- छिंदवाड़ा के ग्राम मचीवाड़ा के किसान प्रीतम सनोदिया ने अपने घर के सामने हुए अवैध अतिक्रमण से परेशान होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने आज शनिवार दोपहर 3 बजे छिंदवाड़ा एसपी को शिकायत दी कि भगवान दास वर्मा नामक व्यक्ति ने उनके घर के सामने सड़क की जमीन पर स्थायी रूप से ठेला और गुमठी लगाकर कब्जा कर लिया है, जिससे आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। प्रीतम ने अपनी शिकायत में बताया कि इस गुमठी पर रात में शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे गाली-गलौज और धमकियों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस स्थिति के कारण उनके परिवार का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीड़ित किसान ने एसपी से तत्काल जांच कराकर अवैध अतिक्रमण को हटाने और भविष्य में इसे फिर से होने से रोकने के लिए कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सरकारी दफ्तरों के सामने जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ वर्ष 1914 में निर्मित तहसील कार्यालय में वर्ष 2026 तक भी उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव है। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि दशकों पुरानी यह समस्या अभी भी अनसुलझी है।1
- सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा-कलारबांकी मार्ग पर, बम्हनी के पास स्थित करीब 40 साल पुराना नहर का पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भीमगढ़ बांई तट नहर उप संभाग कान्हीवाड़ा के अंतर्गत आने वाले इस पुल की सुरक्षा दीवार (फुल वॉल) भी पूरी तरह गायब हो चुकी है, जिसके कारण इस मार्ग पर लगातार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस बेहद खतरनाक स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। इस जर्जर पुल से किसी भी समय एक बड़ी अनहोनी या गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है, जो विभागीय लापरवाही का स्पष्ट परिणाम है।1