लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गरियाबंद पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संचालित 16 स्कूलों में बच्चों के साथ मिलकर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के जरिए एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सरदार पटेल के अखंड भारत के सपने और उनकी राष्ट्रीय एकता की भावना के बारे में विस्तार से बताया। इस अभियान के तहत पुलिस टीम द्वारा पाण्डुका थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अतरमरा व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरमुरा; गरियाबंद थाना क्षेत्र के प्राथमिक शाला छिंदौला; राजिम थाना क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक शाला कोमा व आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र; पीपरछेड़ी थाना क्षेत्र के हाई स्कूल महुआभाठा व रूवाड़; फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के प्राथमिक शाला पुरैना, प्राथमिक शाला गदहीडीह, हाई स्कूल भसेरा, हाई स्कूल सिरीकला, पूर्व माध्यमिक शाला बिनोरी, प्राथमिक शाला फुलकरा व प्राथमिक शाला रोबा; और छुरा थाना क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर के स्कूली बच्चों को थाना भ्रमण कराया गया और उनसे वृक्षारोपण कराया गया। बच्चों को समझाया गया कि देश को एकजुट रखने के साथ-साथ धरती को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। इस अभियान में स्कूली बच्चों ने बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वृक्षारोपण करने के साथ ही बच्चों को पौधों की सुरक्षा करने और उनके बड़े होने तक उनकी नियमित देखरेख करने का संकल्प भी दिलाया गया।
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गरियाबंद पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संचालित 16 स्कूलों में बच्चों के साथ मिलकर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के जरिए एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों
को सरदार पटेल के अखंड भारत के सपने और उनकी राष्ट्रीय एकता की भावना के बारे में विस्तार से बताया। इस अभियान के तहत पुलिस टीम द्वारा पाण्डुका थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अतरमरा व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरमुरा; गरियाबंद थाना क्षेत्र के प्राथमिक शाला छिंदौला; राजिम थाना क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक शाला कोमा व आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र; पीपरछेड़ी थाना क्षेत्र के हाई स्कूल महुआभाठा व रूवाड़; फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के प्राथमिक शाला पुरैना, प्राथमिक शाला गदहीडीह, हाई स्कूल भसेरा, हाई स्कूल सिरीकला, पूर्व माध्यमिक शाला बिनोरी,
प्राथमिक शाला फुलकरा व प्राथमिक शाला रोबा; और छुरा थाना क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर के स्कूली बच्चों को थाना भ्रमण कराया गया और उनसे वृक्षारोपण कराया गया। बच्चों को समझाया गया कि देश को एकजुट रखने के साथ-साथ धरती को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। इस अभियान में स्कूली बच्चों ने बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वृक्षारोपण करने के साथ ही बच्चों को पौधों की सुरक्षा करने और उनके बड़े होने तक उनकी नियमित देखरेख करने का संकल्प भी दिलाया गया।
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- रायपुर पुलिस कमिश्नरेट और पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस लगातार सघन चेकिंग कर रही है और संदिग्ध व बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से यह कदम आपराधिक गतिविधियों में बिना नंबर वाली गाड़ियों के संभावित उपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए इन वाहनों की पहचान अनिवार्य है, जिसके चलते पुलिस इस अभियान को पूरी सख्ती के साथ संचालित कर रही है।1
- सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती बाइक का संतुलन बिगड़ने से माता-पिता सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बाइक बिना किसी चालक के करीब 500 मीटर तक सड़क पर दौड़ती रही और इस दौरान एक मासूम बच्चा उस पर अकेला ही सवार रहा। अंत में बाइक सड़क किनारे डिवाइडर के पास पहुंची, जहां बच्चा झाड़ियों में गिर गया। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, यह जानकारी वायरल वीडियो और सामने आई रिपोर्टों के दावों पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- दुर्ग के भिलाई में एकतरफा प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत किराए के कमरे में रहने वाली खुशी साहू को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मृतिका की रूममेट ने 10 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:00 बजे उसके परिजनों को दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलौदाबाजार निवासी 24 वर्षीय आरोपी लाकेश्वर साहू उर्फ पिन्टू को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूछताछ में हत्या के तरीके का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी मृतिका से एकतरफा प्रेम करता था और युवती द्वारा बातचीत करने से मना करने पर उसने हत्या की योजना बनाई थी। वह रायपुर से भिलाई पहुंचा और पहचान व साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसने दो शर्ट तथा पैंट के अंदर बरमूडा पहन रखा था। कमरे में विवाद के दौरान आरोपी ने खुशी का गला दबाया और फिर धारदार हथियार से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य नष्ट करने के लिए अपने पहने हुए कपड़े और जूते नदी में फेंक दिए थे। इस मामले में वैशाली नगर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) टीम की सराहनीय भूमिका रही। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 103(1) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की सूचना तत्काल पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में न लें।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश में आज मालगांव के शिवम नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के लिए एक विधिक व सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, डीएसपी गोपाल वैश्य, जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम, मेमीचंद सोनवानी और गरियाबंद थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के कड़े नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके ने बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और डिजिटल बैंकिंग में सावधानी बरतने के टिप्स दिए। वहीं, थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय ने देश में लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों और धाराओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि भावी नर्स और नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इसके साथ ही, डीएसपी गोपाल वैश्य ने सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। तत्पश्चात, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम ने दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) तकनीक का लाइव डेमो दिया। इस प्रशिक्षण में नर्सिंग स्टाफ और उपस्थित पुलिस स्टाफ को जान बचाने की बारीकियां सिखाई गईं। इसी कड़ी में, राजिम थाना क्षेत्र के प्रेमरतन पैलेस में क्रेडिट एक्सेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक कार्यशाला में भी राजिम पुलिस टीम और गरियाबंद साइबर सेल की टीम ने पहुंचकर उपस्थित लोगों को साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।2
- गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में स्थित जतमई मंदिर प्रांगण के बड़े पार्किंग के पास शनिवार सुबह सड़क पर निर्माण कंपनी का डामर ऑयल बिखरने से कई राहगीर हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर बिखरे इस तेल को राहगीर देख नहीं पाए, जिसके कारण लगभग 5 से 7 दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर गए और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। बारिश के सीजन और शनिवार का दिन होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन करने और जतमई मंदिर के झरने का आनंद लेने पहुंच रहे थे। हादसे को बढ़ता देख आसपास के दुकानदारों और पार्किंग वालों ने मुस्तैदी दिखाई और आने-जाने वाले लोगों को रोक-रोक कर सड़क पर ऑयल बिखरा होने की जानकारी दी और किनारे से जाने को कहा। यह सड़क निर्माण कार्य एडीबी प्रोजेक्ट के तहत पांडुका से लेकर मुंडागांव तक कराया जा रहा है, जो लगभग पूरा हो चुका है। गायडबरी गांव के पास बचे हुए थोड़े काम के लिए शुक्रवार को डामरीकरण किया गया था, जिसके बाद निर्माण कंपनी की गाड़ियों को जतमई मंदिर की बड़ी पार्किंग में खड़ा कर दिया गया था। इन्हीं गाड़ियों से ऑयल धीरे-धीरे बहकर मुख्य सड़क पर आ गया। इस घोर लापरवाही की जानकारी देने के बाद भी जिम्मेदार निर्माण कंपनी के लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। जब वे पहुंचे भी, तो उन्होंने सड़क किनारे की मिट्टी-मटेरियल डालकर खानापूर्ति करने की कोशिश की, जो नाकाफी रही। वर्तमान में जतमई घटारानी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यह घटना जतमई सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती है, जिससे साफ है कि श्रद्धालुओं को अब प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय अपनी सुरक्षा खुद ही करनी होगी।4