विभिन्न पेंशन योजनाओं के माध्यम से जनपद में सामाजिक सुरक्षा को मिला सशक्त आधार जनपद में पेंशन योजनाओं के जरिए लाखों लाभार्थियों को मिला आर्थिक संबल बदायूँ : 15 अप्रैल। जनपद बदायूँ में शासन की विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन तथा दिव्यांगजन पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए लाखों लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया गया है। वर्ष 2012 से वर्ष 2025 तक के आंकड़ों का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है तथा सरकार द्वारा वितरित की गई धनराशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक कुल 31,960 महिलाओं को लाभान्वित किया गया, जिनके लिए लगभग 5451.11 लाख रुपए की धनराशि व्यय की गई। वहीं अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक इस योजना का विस्तार करते हुए 64,152 महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया, जिनके लिए लगभग 38,268.28 लाख रुपए की धनराशि वितरित की गई। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक 56,891 बुजुर्गों को 2759.95 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की गई। इसके बाद अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 81,529 हो गई, जिनके लिए 9665.36 लाख रुपए की धनराशि वितरित की गई। इस योजना के माध्यम से बुजुर्गों को उनके जीवनयापन हेतु नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। दिव्यांगजन पेंशन योजना के अंतर्गत भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक 16,909 दिव्यांगजनों को लगभग 9.76 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। वहीं अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक 18,280 लाभार्थियों को लगभग 12.05 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई। यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य कर रही है। महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत भी निराश्रित महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के विस्तार के साथ-साथ मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसी अन्य योजनाओं के माध्यम से भी बालिकाओं एवं महिलाओं के कल्याण हेतु कार्य किया जा रहा है। हालांकि पेंशन योजनाओं का सीधा संबंध सामाजिक सुरक्षा से है, लेकिन अन्य योजनाओं के साथ इनके समन्वय से समग्र विकास को बढ़ावा मिला है। पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जाता है, जिससे पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ मिल सके। विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों में आर्थिक स्थिरता आई है। निराश्रित महिलाओं को जहां आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है, वहीं बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्राप्त हो रही है। दिव्यांगजनों के लिए भी यह योजनाएं संबल का कार्य कर रही हैं, जिससे वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और योजनाओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। भविष्य में भी पेंशन योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। जनपद बदायूँ में पेंशन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से शासन एवं प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप सामाजिक सुरक्षा का दायरा निरंतर विस्तारित हो रहा है। इससे न केवल जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि समाज में समानता एवं समावेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। विभिन्न पेंशन योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से जनपद में सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
विभिन्न पेंशन योजनाओं के माध्यम से जनपद में सामाजिक सुरक्षा को मिला सशक्त आधार जनपद में पेंशन योजनाओं के जरिए लाखों लाभार्थियों को मिला आर्थिक संबल बदायूँ : 15 अप्रैल। जनपद बदायूँ में शासन की विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन तथा दिव्यांगजन पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए लाखों लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया गया है। वर्ष 2012 से वर्ष 2025 तक के आंकड़ों का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है तथा सरकार द्वारा वितरित की गई धनराशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक कुल 31,960 महिलाओं को लाभान्वित किया गया, जिनके लिए लगभग 5451.11 लाख रुपए की धनराशि व्यय की गई। वहीं अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक इस योजना का विस्तार करते हुए 64,152 महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया, जिनके लिए लगभग 38,268.28 लाख रुपए की धनराशि वितरित की गई। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक 56,891 बुजुर्गों को 2759.95 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की गई। इसके बाद अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 81,529 हो गई, जिनके लिए 9665.36 लाख रुपए की धनराशि वितरित की गई। इस योजना के माध्यम से बुजुर्गों को उनके जीवनयापन हेतु नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। दिव्यांगजन पेंशन योजना के अंतर्गत भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक 16,909 दिव्यांगजनों को लगभग 9.76 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। वहीं अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक 18,280 लाभार्थियों को लगभग 12.05 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई। यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य कर रही है। महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत भी निराश्रित महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के विस्तार के साथ-साथ मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसी अन्य योजनाओं के माध्यम से भी बालिकाओं एवं महिलाओं के कल्याण हेतु कार्य किया जा रहा है। हालांकि पेंशन योजनाओं का सीधा संबंध सामाजिक सुरक्षा से है, लेकिन अन्य योजनाओं के साथ इनके समन्वय से समग्र विकास को बढ़ावा मिला है। पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जाता है, जिससे पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ मिल सके। विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों में आर्थिक स्थिरता आई है। निराश्रित महिलाओं को जहां आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है, वहीं बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्राप्त हो रही है। दिव्यांगजनों के लिए भी यह योजनाएं संबल का कार्य कर रही हैं, जिससे वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और योजनाओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। भविष्य में भी पेंशन योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। जनपद बदायूँ में पेंशन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से शासन एवं प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप सामाजिक सुरक्षा का दायरा निरंतर विस्तारित हो रहा है। इससे न केवल जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि समाज में समानता एवं समावेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। विभिन्न पेंशन योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से जनपद में सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
- 😳 “एक सवाल है… जवाब देने से पहले सोच लेना…” हेडलाइन: सड़क पर 'चालान' की सख्ती, पटरी पर 'भीड़' की मस्ती! बड़ी खबर: आज का सबसे कड़वा सवाल—क्या कानून सिर्फ आम आदमी की जेब देखने के लिए है? बाइक पर 3 लोग: तुरंत चालान, क्योंकि यह "असुरक्षित" है। 🚫 ट्रेन में 3000 लोग: कोई कार्रवाई नहीं, क्योंकि यह "सिस्टम" है। ✅ सवाल सीधा है: अगर बाइक पर तीसरा बंदा जान के लिए खतरा है, तो ट्रेन के गेट पर लटकते सैकड़ों लोग क्या अमर होकर आए हैं? बॉटम लाइन: प्रशासन सुरक्षा के नाम पर चालान तो काटता है, लेकिन ट्रेनों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंसे इंसान उसे नजर नहीं आते। क्या नियम सिर्फ वहां लागू होंगे जहाँ से पैसा वसूलना आसान है? #SystemExposed #CommonMan #RightToAsk1
- बदायूं ब्रेकिंग… संवाददाता मुनेन्द्र शर्मा 11 हजार वोल्ट करंट से युवक के शरीर में लगी आग, गर्दन धड़ से अलग बिजली लाइन ठीक करते समय करंट की चपेट में आकर युवक की दर्दनाक मौत हादसे के बाद आधा शरीर हाईटेंशन लाइन में फंसा, सिर जमीन पर गिरा मौके पर खौफनाक मंजर, शरीर के अंग जल-जलकर नीचे गिरते रहे ग्रामीणों ने घंटों फोन कर लाइन शटडाउन की मांग की, नहीं हुई सुनवाई बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही से गई युवक की जान घटना के बाद मौके पर मचा हड़कंप, भारी भीड़ जुटी सूचना मिलते ही वजीरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची इलाके में दहशत का माहौल, लोग सहमे पुलिस जांच में जुटी, शव को लाइन से उतारने की कोशिश जारी वजीरगंज थाना क्षेत्र के धिमरपुरा गांव का मामला4
- बिल्सी में बाबासाहेब जयंती पर भव्य शोभायात्रा, जय भीम के नारों से गूंजा नगर बिल्सी। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के जन्मोत्सव के अवसर पर 16 अप्रैल को नगर बिल्सी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा नगर नीले ध्वजों और “जय भीम” के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा का शुभारंभ और आकर्षण शोभायात्रा का शुभारंभ मोहल्ला नंबर 5 स्थित अंबेडकर पार्क से विधिवत किया गया। यात्रा में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र महापुरुषों की वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे रहे, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। उत्साह और उमंग का माहौल शोभायात्रा में युवाओं और महिलाओं का खासा उत्साह देखने को मिला। दो प्रमुख डीजे यात्रा का मुख्य आकर्षण रहे— आगे चल रहे डीजे पर महिलाएं बाबासाहेब के भजनों और गीतों पर झूमती नजर आईं, जबकि पीछे चल रहे डीजे पर हजारों की संख्या में युवक मिशनरी गीतों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत नगर के विभिन्न स्थानों—मोहल्ला नंबर 2, होली चौक सहित प्रमुख चौराहों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, फूल-मालाओं और पटाखों के साथ शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। सेवादारों द्वारा जगह-जगह जलपान और शरबत की व्यवस्था भी की गई। सुरक्षा व्यवस्था और समापन पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। यात्रा का समापन खेरी बस स्टैंड पर किया गया। संवाददाता: भूदेव प्रसाद इंडिया टाइम्स 7 न्यूज़1
- बदायूं ब्रेकिंग संवाददाता प्रशांत राठौर फोनों 9368424098 बिजली के पल पर चढ़ने से युवक की दर्दनाक मौत सर धड़ से अलग। परिजनों ने संविदा लाइनमैन यशवीर पर लगाए जबरदस्ती पोल पर चढ़ाने के आरोप। घटना के बाद लाइनमैन मौके से फरार युवक की जलकर दर्दनाक मौत। मृतक की पहचान अरविंद पुत्र रच्छपाल थाना वजीरगंज के रूप में हुई। इस दर्दनाक घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी। बिजली विभाग की लापरवाही से एक और युवक की मौत। पूरा मामला वजीरगंज थाना क्षेत्र के धिमरपुरा गांव का है।3
- देर रात तक भक्ति गीतों पर झूमे माता रानी के जागरण में भक्त बदायूं जिले के ग्राम चितौरा धनोरा में माता रानी का जागरण किया गया। मां भगवती के जागरण में आकर्षण व सुंदर झांकियों के साथ माता के भजनों पर श्रद्धालु पूरी रात झूमते नजर आए। वही मां भगवती के जागरण भक्तों की उमड़ी भीड़ श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरी रात चले जागरण में कलाकारों ने मां भगवती के एक के बाद एक भजन प्रस्तुत कर1
- न्याय की आस में ग्यारहवे दिन भी पीड़ित महिला धरने पर बैठी है। भाकियू चढ़ूनी । बिल्सी। आज दिनाँक 16 अप्रैल को ग्यारह मे दिन भी धरना जारी रहा तहसील बिल्सी के ग्राम अगोल परगना के अंतर्गत मजरा नगला खुर्द निवासी सोमवती का आरोप है कि गाटा संख्या 352 पर पिछले कुछ समय से दबंगों ने अवैध रूप से दरवाजा निकाल लिया है कब्जा हटवाने के लिए पीड़ित महिला ने हर तरह का प्रयास किया । महिला का कहना है दबंग लोग उसे धमकाते हैं बद्दी बद्दी गालियां देते हैं।भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के तहसील अध्यक्ष रामसिंह धरने का नेतृत्व कर रहे हैं वहीं धरने पर बैठी महिला ने आरोप लगाया है तहसील प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है प्रधान लेखपाल सचिव दबंग व्यक्ति को बचाने में लगे हुए हैं और न्याय ना हो पाने का भी आरोप है। यादवेंद्र सिंह यादव ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा अवैध कब्ज़े को जल्द से जल्द हटवाया जाए और पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाए और उसकी घूर की जगह वापस की जाए। महिला सोमवती 6 अप्रैल से तहसील प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना चल रहेगा है ।अवसर पर जिला महासचिव बीयीशु दास, यार्वेंद्र यादव ब्लॉक अध्यक्ष, रामसिंह तहसील अध्यक्ष,सोमवती, इरशाद खान, रहिस अहमद, नूरुद्दीन, शराफत खा, अनवार शहा, कल्लू, मीना आदि लोग मौजूद रहे।1
- लखनऊ के विकास नगर में एक भीषण आग ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। आग ने झुग्गी-झोपड़ियों में रखा सामान पूरी तरह से जलाकर राख कर दिया। अब पीड़ित लोग राख की ढेर में अपनी वस्तुएं तलाश रहे हैं, उनकी आंखों में दर्द और बेबसी साफ नजर आ रही है। उनकी उम्र भर की कमाई आग की भेंट चढ़ गई है। इस आग में बच्चों की किताबें, जरूरी सामान, लड़कियों की शादी का सामान और जेवर भी जलकर राख हो गए हैं। बर्तन, कपड़े, साइकिल, गाड़ियां और दस्तावेज भी आग के साथ राख हो गए हैं।2
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | बदायूं 🚨 गांव रुदायन में भीषण आग से किसान की मेहनत राख संवाददाता मुनेन्द्र शर्मा बदायूं के गांव रुदायन में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब किसान ओमवीर की खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने देखते ही देखते करीब 8 बीघा तैयार फसल को जलाकर राख कर दिया। 🔥 आग इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। 🚒 सूचना मिलते ही दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 💔 लेकिन तब तक किसान को भारी नुकसान हो चुका था। किसान ओमवीर ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है और आग लगने के कारणों की जांच की मांग की है। 👉 प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद में किसान, गांव में मायूसी का माहौल।4