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बड़ी खबर: 9 साल के नन्हे अयाज़ ने किया कमाल, छोटी सी उम्र में बने हाफिज-ए-कुरआन! थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम गोरा का है। यहाँ स्थित मदरसा जियाउल उलूम में उस समय खुशी और जज्बात का सैलाब उमड़ पड़ा, जब 9 साल के छात्र अयाज़ बरकाती ने पवित्र कुरआन मुकम्मल कर 'हाफिज' बनने का गौरव प्राप्त किया। आपको बता दें कि इस खास मौके पर मदरसे में एक सादे लेकिन बेहद गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ उस्ताद कारी वली हसन की मौजूदगी में अयाज़ की 'दस्ताबंदी' की गई। कारी वली हसन ने बताया कि अयाज़ की इस कामयाबी के पीछे उसकी दिन-रात की मेहनत और खुदा की रहमत है। इस नन्ही सी उम्र में कुरआन हिफ्ज़ करना कोई मामूली बात नहीं है। अयाज़ की इस उपलब्धि से न सिर्फ ग्राम गोरा, बल्कि पूरे पूरनपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोग दूर-दूर से आकर अयाज़ और उनके
यूपी समाचार
बड़ी खबर: 9 साल के नन्हे अयाज़ ने किया कमाल, छोटी सी उम्र में बने हाफिज-ए-कुरआन! थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम गोरा का है। यहाँ स्थित मदरसा जियाउल उलूम में उस समय खुशी और जज्बात का सैलाब उमड़ पड़ा, जब 9 साल के छात्र अयाज़ बरकाती ने पवित्र कुरआन मुकम्मल कर 'हाफिज' बनने का गौरव प्राप्त किया। आपको बता दें कि इस खास मौके पर मदरसे में एक सादे लेकिन बेहद गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ उस्ताद कारी वली हसन की मौजूदगी में अयाज़ की 'दस्ताबंदी' की गई। कारी वली हसन ने बताया कि अयाज़ की इस कामयाबी के पीछे उसकी दिन-रात की मेहनत और खुदा की रहमत है। इस नन्ही सी उम्र में कुरआन हिफ्ज़ करना कोई मामूली बात नहीं है। अयाज़ की इस उपलब्धि से न सिर्फ ग्राम गोरा, बल्कि पूरे पूरनपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोग दूर-दूर से आकर अयाज़ और उनके
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- हेडलाइन: फाइलेरिया की दवा ने बिगाड़ी महिला की हालत, पूरनपुर सीएचसी से जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर एंकर इंट्रो: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ फाइलेरिया की दवा खाने के बाद एक महिला की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। चंदिया हजारा के बंगाली कॉलोनी की रहने वाली बसंती, पत्नी वीरेन, को फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत दवा दी गई थी, जिसके बाद उन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल पूरनपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया है। फील्ड रिपोर्ट/स्क्रिप्ट: (विजुअल्स: अस्पताल में भर्ती महिला, डॉक्टर और सुपरवाइजर के इंटरव्यू के शॉट्स) वॉइस ओवर: पीलीभीत के पूरनपुर तहसील अंतर्गत चंदिया हजारा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या दवा का साइड इफेक्ट, एक महिला की जान पर बन आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाली कॉलोनी निवासी बसंती ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा खाई थी। दवा लेने के कुछ ही समय बाद उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पूरनपुर में भर्ती कराया। सुपरवाइजर रविंद्रनाथ का बयान: क्षेत्रीय सुपरवाइजर रविंद्रनाथ ने बताया कि बसंती ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा ली थी, जिसके बाद उन्हें चक्कर और उल्टी की समस्या शुरू हुई। परिजनों की मांग और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। चिकित्सा अधिकारी (MOIC) मनीष शर्मा की बाइट: पूरनपुर सीएचसी के एमओआईसी मनीष शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा: "महिला ने 13 तारीख को फाइलेरिया की दवा खाई थी। कभी-कभी दवा के प्रभाव से शरीर के भीतर मौजूद कीटाणु मरते हैं, जिससे शरीर में रिएक्शन या जहर जैसा प्रभाव महसूस होता है। फिलहाल उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है और बेहतर निगरानी के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।" वॉइस ओवर: स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन परिजनों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश और डर का माहौल है। फिलहाल महिला की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं। एंकर आउट्रो: अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस तरह के साइड इफेक्ट्स से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। रिपोर्टर: सरफराज अहमद खान, UPNewsTV241
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- पीलीभीत गन्ना मंत्री को किसान नेता की की दो टूक1
- रमपुरा कोन, पड़रिया व नदहा में बकायेदारों पर कार्रवाई, उखाड़े गए मीटर पूरनपुर विद्युत विभाग द्वारा बकाया वसूली अभियान के तहत ग्राम रमपुरा कोन, पड़रिया और नदहा में सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं के बिजली मीटर उखाड़े गए, वहीं बकाया न जमा करने वाले कई कनेक्शनों को काट दिया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य राजस्व वसूली बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए जागरूक करना रहा। विभागीय टीम ने गांवों में जाकर बकायेदारों की सूची के अनुसार जांच की और नियमानुसार कार्रवाई की। अभियान के दौरान टीम में प्रमोद सैनी, विकास त्रिवेदी, शमशाद अली (लाइनमैन), ओमपाल (लाइनमैन), ताहिर (लाइनमैन), अखलाक (लाइनमैन) सहित अन्य समस्त लाइनमैन उपस्थित रहे। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बकाया बिल शीघ्र जमा करें, अन्यथा आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।2
- जनपद पीलीभीत के पूरनपुर स्थित मातंगेश्वर धाम आश्रम (कनपारा बांदा मार्ग) में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य रुद्राभिषेक एवं विशेष महाशृंगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- पूरनपुर में पूरनपुर युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार दोपहर 12 बजे उपजिलाधिकारी अजीत प्रताप सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि होली व रमजान पर्व नजदीक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों व नगर की जनता खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ रही है। ऐसे में यातायात संचालन और अत्यधिक भीड़ के चलते जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आमजन व व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल ने अवगत कराया कि जलनिगम द्वारा सड़कों की खुदाई कर पाइपलाइन डालने के बाद उन्हें मिट्टी से भरकर छोड़ दिया गया है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। साथ ही नगर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से वाहन बेतरतीब खड़े हो रहे हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। ज्ञापन में त्योहारों से पूर्व नगर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त कराने और सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं पर भी नियंत्रण लगाने की मांग की गई है।1
- शाहजहांपुर के पुवायां तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह अपने कड़े रुख के कारण चर्चा में रहे। उन्होंने जनता की शिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि काम में ढिलाई, टालमटोल या कागजी खानापूर्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान एक फरियादी अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंचा। उसकी बात सुनने के बाद डीएम ने सीधे सवाल किया, "क्या तुमने अपना काम कराने के लिए किसी को पैसे दिए थे?" इसके बाद उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारी को बुलाकर जवाब-तलब किया। अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा कि शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है और विवरण पोर्टल पर भी दर्ज है। इस पर जिलाधिकारी का स्वर और सख़्त हो गया। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, "अगर सचमुच काम हो गया होता, तो यह फरियादी आज मेरे सामने क्यों खड़ा होता?" मामले की गंभीरता देखते हुए डीएम ने मौके पर ही अधिकारी को पोर्टल खोलकर स्थिति दिखाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शिकायत सही ढंग से दर्ज या निस्तारित नहीं मिली, तो तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।1
- हेडलाइन: फाइलेरिया की दवा ने बिगाड़ी महिला की हालत, पूरनपुर सीएचसी से जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर एंकर इंट्रो: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ फाइलेरिया की दवा खाने के बाद एक महिला की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। चंदिया हजारा के बंगाली कॉलोनी की रहने वाली बसंती, पत्नी वीरेन, को फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत दवा दी गई थी, जिसके बाद उन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल पूरनपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया है। फील्ड रिपोर्ट/स्क्रिप्ट: (विजुअल्स: अस्पताल में भर्ती महिला, डॉक्टर और सुपरवाइजर के इंटरव्यू के शॉट्स) वॉइस ओवर: पीलीभीत के पूरनपुर तहसील अंतर्गत चंदिया हजारा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या दवा का साइड इफेक्ट, एक महिला की जान पर बन आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाली कॉलोनी निवासी बसंती ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा खाई थी। दवा लेने के कुछ ही समय बाद उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पूरनपुर में भर्ती कराया। सुपरवाइजर रविंद्रनाथ का बयान: क्षेत्रीय सुपरवाइजर रविंद्रनाथ ने बताया कि बसंती ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा ली थी, जिसके बाद उन्हें चक्कर और उल्टी की समस्या शुरू हुई। परिजनों की मांग और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। चिकित्सा अधिकारी (MOIC) मनीष शर्मा की बाइट: पूरनपुर सीएचसी के एमओआईसी मनीष शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा: "महिला ने 13 तारीख को फाइलेरिया की दवा खाई थी। कभी-कभी दवा के प्रभाव से शरीर के भीतर मौजूद कीटाणु मरते हैं, जिससे शरीर में रिएक्शन या जहर जैसा प्रभाव महसूस होता है। फिलहाल उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है और बेहतर निगरानी के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।" वॉइस ओवर: स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन परिजनों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश और डर का माहौल है। फिलहाल महिला की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं। एंकर आउट्रो: अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस तरह के साइड इफेक्ट्स से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। रिपोर्टर: सरफराज अहमद खान, UPNewsTV241