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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले अपने कांग्रेस शासनकाल के काले पन्नों का अध्ययन करें - डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले अपने कांग्रेस शासनकाल के काले पन्नों का अध्ययन करें। मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो अभियान में भारत सरकार किसानों के कल्याण के लिए 90% ग्रांट दे रही है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के 6 लाख किसानों के लिए उन्नति का नया मार्ग खोला है।
Journalist Akki
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले अपने कांग्रेस शासनकाल के काले पन्नों का अध्ययन करें - डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले अपने कांग्रेस शासनकाल के काले पन्नों का अध्ययन करें। मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो अभियान में भारत सरकार किसानों के कल्याण के लिए 90% ग्रांट दे रही है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के 6 लाख किसानों के लिए उन्नति का नया मार्ग खोला है।
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- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले अपने कांग्रेस शासनकाल के काले पन्नों का अध्ययन करें। मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो अभियान में भारत सरकार किसानों के कल्याण के लिए 90% ग्रांट दे रही है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के 6 लाख किसानों के लिए उन्नति का नया मार्ग खोला है।1
- धार के पीथमपुर में 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान नाबालिग छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया। घटना मंगलवार को सेंट जॉन स्कूल में गणित के पेपर के दौरान की है। छात्रा सामान्य रूप से परीक्षा हॉल में बैठकर प्रश्नपत्र हल कर रही थी। इसी दौरान शौचालय जाने की अनुमति लेकर बाहर निकली। काफी देर तक वापस न लौटने पर जब स्कूल स्टाफ ने जाकर देखा, तो वहां छात्रा ने बच्चे को जन्म दे दिया था। स्कूल मैनेजमेंट ने बिना देरी किए 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने छात्रा और नवजात को तुरंत पीथमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि फिलहाल मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।1
- पुलिस ने इंदौर में आरोपियों का निकाला जुलूस, आम जनों में सुरक्षा को लेकर आरोपियों पर की बड़ी कार्यवाही1
- होली बाद रोड की स्थिति खराब1
- Post by Prince dhule1
- कालीबावड़ी में भगोरिया की धूम, मांदल की थाप पर झूमे युवा कालीबावड़ी। फागुन माह के आगमन के साथ क्षेत्र में भगोरिया पर्व की रौनक दिखाई देने लगी है। कालीबावड़ी में आयोजित भगोरिया उत्सव में मांदल की थाप और पावली की मधुर धुन पर युवाओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। शुरुआती भगोरिया होने से भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन पारंपरिक उत्साह और उमंग साफ झलकती रही। युवाओं ने एक-दूसरे को सूखा रंग लगाकर होली पर्व का आगाज किया। ढोल-मांदल दलों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए 11 से 1100 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आज़ाद सिंह चौहान (विधायक प्रतिनिधि, कालीबावड़ी), राजू आवासिया (सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रतापपुरा दाबिया), दशरथ सिंह (सरपंच, करोदिया मोटा), सोनू वास्केल, बिट्टू दरबार, विनीत राठौड़, अलकेश धनगर एवं विशाल राठौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भगोरिया पर्व को आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत बताते हुए इसे सहेजने और आगे बढ़ाने का संदेश दिया।3
- निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 महू तहसील – सिमरोल क्षेत्र 🌿 आदिवासी भगोरिया उत्सव की धूम, सिमरोल में परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम महू तहसील के सिमरोल क्षेत्र में आज से पारंपरिक आदिवासी भगोरिया उत्सव की शानदार शुरुआत हुई। पूरे क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, पहनावा और रीति-रिवाजों की अनूठी झलक देखने को मिली। सिमरोल थाने से भगोरिया उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद आदिवासी समाज द्वारा पूरे सिमरोल क्षेत्र में पारंपरिक वेशभूषा में विशाल भ्रमण किया गया। डीजे और ढोल-मांदल की थाप पर युवक-युवतियां, महिलाएं और बच्चे उत्साहपूर्वक नृत्य करते नजर आए। वातावरण पूरी तरह उत्सवमय और रंग-बिरंगा दिखाई दिया। इस अवसर पर सिमरोल टीआई अमित जी एवं बड़गोंडा टीआई प्रकाश वास्केल सहित पुलिस थाना स्टाफ भी उपस्थित रहा और आदिवासी भगोरिया का आनंद लिया। कार्यक्रम में जयेश के महू तहसील अध्यक्ष, शेर सिंह परमार, उमेश डावर, टीम शंकर सिंगारे, धर्मेंद्र भाभर, अनोखी लाल गोपी बारोड सहित समस्त आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। भगोरिया उत्सव आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जिसमें सामाजिक मेल-मिलाप और पारंपरिक उल्लास देखने को मिलता है। निडर भारत न्यूज़ – जमीनी सच्चाई के साथ।1
- मुख्यमंत्री जी को समझना होगा कि किसानों के मुद्दे भाषणों से नहीं, फैसलों से हल होते हैं। 2008 में ₹70,000 करोड़ का कर्ज माफ कर कांग्रेस ने किसानों के साथ खड़े होने का प्रमाण दिया था, “जय जवान जय किसान” का नारा भी इसी सोच का प्रतीक है। काले कानूनों के समय भी कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी रही, लेकिन आज सरकार विदेशी हितों के साथ खड़ी दिख रही है। यूएस ट्रेड डील के असर से निमाड़ में कपास के दाम 11% तक गिर चुके हैं तो सोयाबीन, सरसों और अन्य फसलों का क्या होगा ? सस्ती आयातित फसल आएगी तो स्थानीय किसान कैसे टिकेगा, मध्यप्रदेश कैसे आत्मनिर्भर बनेगा ? कृषि प्रधान प्रदेश में किसानों को खोखले वादे नहीं, उचित दाम, सुरक्षा और सम्मान चाहिए। किसानों की आय दोगुनी का वादा अब ज़मीन पर दिखना चाहिए।1