हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है। राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।
हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है। राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।
- हिमाचल पुलिस अपने ही एक जवान, कांस्टेबल अजय कुमार, को ढूंढने में विफल रही है। इस गंभीर विफलता पर कांस्टेबल अजय कुमार के परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर 5 तीखे खुलासे किए हैं।1
- जिला ऊना में वर्ष 2027 की जनगणना के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो गया है।1
- महाराष्ट्र के मुंबई से संबंध रखने वाले एक व्यक्ति, जो इन दिनों परिवार सहित मणिकर्ण घाटी के मतेउडां गांव में अस्थाई रूप से रह रहे हैं, उन्होंने गौ सेवा के पुनीत कार्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। यह व्यक्ति गौ सेवा रक्षक दल कुल्लू के अध्यक्ष शेरा नेगी के समाज सेवा के कार्यों को एक वीडियो के माध्यम से देख उनसे मिले। शेरा नेगी के प्रयासों से प्रेरित होकर, उन्होंने गौ सेवा में अपना सहयोग देते हुए ₹10,000 की नकद राशि दान की।1
- सैंज की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे रैला के युवा टेक सिंह ठाकुर ने मंगलवार को ग्राम पंचायत रैला का प्रधान पद कार्यभार संभाल लिया है। इस अवसर पर उनके साथ पंचायत के युवा उप प्रधान पराग ठाकुर और अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। स्थानीय ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जहाँ इससे पूर्व पंचायत प्रधान ने सभी वार्ड पंचों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद नवगठित ग्राम पंचायत का कार्यकाल विधिवत रूप से आरंभ हुआ। कार्यभार संभालने के बाद, नवनिर्वाचित प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में मिली यह जीत उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरी पंचायत के विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने इस जीत में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और सभी वर्गों के भरपूर समर्थन को रेखांकित किया और भरोसा दिलाया कि पंचायत के लोगों ने जिस विश्वास से उन्हें चुना है, उसे वे कभी टूटने नहीं देंगे। प्रधान ठाकुर ने अपनी प्राथमिकताओं में पंचायत के विकास कार्यों को गति देना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना बताया। उन्होंने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हुए कहा कि पंचायत क्षेत्र में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को खेल गतिविधियों, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कैंप भी चलाए जाएंगे। पंचायत के उप प्रधान पराग ठाकुर ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं और बिना किसी भेदभाव के पंचायत में विकास कार्य सुनिश्चित करेंगे। उनका मुख्य ध्यान युवाओं को स्वरोजगार अपनाने, नशा मुक्ति और विकास कार्यों में नई सोच व आधुनिक दृष्टिकोण को अपनाने पर रहेगा। उन्होंने हर वार्ड में विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने का वादा किया। नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन विकास कार्यों का एक रोड मैप बनाकर हर घर में विकास की रोशनी पहुँचाने का आश्वासन दिया है।1
- हमीरपुर जिले के उपमंडल भोरंज में मंगलवार को जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई, जिसमें मकानों के सूचीकरण और मकान गणना का कार्य आरंभ हुआ। एसडीएम शशिपाल शर्मा, उपतहसील जाहू के नायब तहसीलदार एवं जनगणना के चार्ज अधिकारी, तथा ग्राम पंचायत जाहू के प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने विधायक सुरेश कुमार के घर पहुंचकर इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार ने अपने मकान से संबंधित आवश्यक जानकारी वेब पोर्टल पर अपलोड करवाई और कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय महत्व का है, जिसके एकत्रित डाटा के आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती है, इसलिए इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 का यह कार्य पूरी तरह डिजिटल मोड में किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून से 15 जून तक लोगों को स्वगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी अपलोड करने का अवसर दिया गया था। अब पहले चरण में 16 जून से 15 जुलाई तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और गणना करेंगे, साथ ही जिन लोगों ने स्वयं अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है, उनका डाटा भी अपलोड किया जाएगा। इस दौरान आवास, परिवार की संरचना, बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान उनके आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन कर सत्यापित की जा सकती है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की बैंक डिटेल या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी, और एकत्रित डाटा पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होता है। एसडीएम ने सभी उपमंडलवासियों से प्रगणकों और सुपरवाइजरों का सहयोग करने की अपील की है।1
- भाजपा नेता राम कुमार ने ड्रग पार्क से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हमला बोला है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें कांग्रेस को निशाने पर लिया गया।1
- पालमपुर के बुधा मल एंड संस ज्वैलर्स कुल्लू में 20 से 23 जून तक होटल शोभला रॉयल में अपना सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल आयोजित कर रहे हैं। यह चार दिवसीय कार्यक्रम बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का वादा कर रहा है। प्रदर्शनी में शानदार ज्वेलरी कलेक्शन उपलब्ध होगा, जिस पर विशेष छूट दी जा रही है। ऑफर के तहत, डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त छूट मिलेगी। पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा, जबकि सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेज़ पर 40% तक की छूट है। इसके अतिरिक्त, शॉपिंग करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी मिलेगा। बुधा मल एंड संस ज्वैलर्स ने सभी परिवारों को इस अवसर का लाभ उठाने और इस विशेष ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया है, क्योंकि यह मौका केवल चार दिनों के लिए है।1
- आज मंडी में भारी बारिश हुई, जिसके कारण सड़कें नदी-नालों जैसी दिखाई दीं और उन पर पानी भर गया।1