हमीरपुर जिले के उपमंडल भोरंज में मंगलवार को जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई, जिसमें मकानों के सूचीकरण और मकान गणना का कार्य आरंभ हुआ। एसडीएम शशिपाल शर्मा, उपतहसील जाहू के नायब तहसीलदार एवं जनगणना के चार्ज अधिकारी, तथा ग्राम पंचायत जाहू के प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने विधायक सुरेश कुमार के घर पहुंचकर इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार ने अपने मकान से संबंधित आवश्यक जानकारी वेब पोर्टल पर अपलोड करवाई और कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय महत्व का है, जिसके एकत्रित डाटा के आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती है, इसलिए इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 का यह कार्य पूरी तरह डिजिटल मोड में किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून से 15 जून तक लोगों को स्वगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी अपलोड करने का अवसर दिया गया था। अब पहले चरण में 16 जून से 15 जुलाई तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और गणना करेंगे, साथ ही जिन लोगों ने स्वयं अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है, उनका डाटा भी अपलोड किया जाएगा। इस दौरान आवास, परिवार की संरचना, बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान उनके आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन कर सत्यापित की जा सकती है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की बैंक डिटेल या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी, और एकत्रित डाटा पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होता है। एसडीएम ने सभी उपमंडलवासियों से प्रगणकों और सुपरवाइजरों का सहयोग करने की अपील की है।
हमीरपुर जिले के उपमंडल भोरंज में मंगलवार को जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई, जिसमें मकानों के सूचीकरण और मकान गणना का कार्य आरंभ हुआ। एसडीएम शशिपाल शर्मा, उपतहसील जाहू के नायब तहसीलदार एवं जनगणना के चार्ज अधिकारी, तथा ग्राम पंचायत जाहू के प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने विधायक सुरेश कुमार के घर पहुंचकर इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार ने अपने मकान से संबंधित आवश्यक जानकारी वेब पोर्टल पर अपलोड करवाई और कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय महत्व का है, जिसके एकत्रित डाटा के आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती है, इसलिए इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 का यह कार्य पूरी तरह डिजिटल मोड में किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून से 15 जून तक लोगों को स्वगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी अपलोड करने का अवसर दिया गया था। अब पहले चरण में 16 जून से 15 जुलाई तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और गणना करेंगे, साथ ही जिन लोगों ने स्वयं अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है, उनका डाटा भी अपलोड किया जाएगा। इस दौरान आवास, परिवार की संरचना, बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान उनके आईडी कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन कर सत्यापित की जा सकती है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की बैंक डिटेल या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी, और एकत्रित डाटा पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होता है। एसडीएम ने सभी उपमंडलवासियों से प्रगणकों और सुपरवाइजरों का सहयोग करने की अपील की है।
- बजरंगबली की जय हो के उद्घोष के साथ परम भक्ति और श्रद्धा का भाव व्यक्त किया गया।1
- हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है। राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।1
- हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने घोषणा की है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के नाल्टी क्षेत्र की सात पंचायतों को नाबार्ड के माध्यम से 19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिसका उपयोग विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है, जिससे इन पंचायतों में विकास की नई राह खुलेगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, विधायक आशीष शर्मा ने आयुष एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में शॉल और टोपी पहनाना यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग है। विधायक ने कहा कि यदि भाजपा जीते हुए प्रधानों को शॉल और टोपी भेंट कर रही है, तो यह उन्हें सम्मान देने का एक तरीका है। उन्होंने मंत्री के इस संबंध में दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आशीष शर्मा ने हमीरपुर जिला परिषद चुनावों के परिणामों का भी उल्लेख किया, जिसमें कुल 19 वार्डों में से भाजपा के 15 उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। इसके अतिरिक्त, तीन निर्दलीय विजेता भी भाजपा की विचारधारा का समर्थन करते हैं। वहीं, कांग्रेस को हमीरपुर जिला में केवल एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। विधायक शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों में उसकी क्या हालत होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।2
- 17 जून बुधवार को ऊना जिले के अखबारों की प्रमुख सुर्खियां प्रकाशित हुईं। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर और चिंतपूर्णी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी खबरें शामिल थीं, साथ ही एक वीडियो के वायरल होने का मामला भी प्रमुखता से रहा।1
- वन विभाग ने जांगला के पास एक आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास के माध्यम से विभाग ने किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।1
- हिमाचल प्रदेश के बल्ह क्षेत्र में दूध उत्पादक किसानों को पिछले पाँच महीने से उनके दूध का भुगतान नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया है कि गाय के दूध के लिए 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर देने का जो वादा किया गया था, वह पूरा नहीं किया गया है। इस गंभीर समस्या के खिलाफ, बल्ह के किसानों ने सरकार के विरुद्ध अपना विरोध जताया है। किसानों के हक में खड़े होते हुए, विधायक इंद्र सिंह गांधी ने राज्यपाल को इस संबंध में एक ज्ञापन भी भेजा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दूध उत्पादकों को जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- 15 जून, 2026 को आयोजित हुए कमरुनाग मेले की एक झलक सामने आई है, जिसमें भारी संख्या में भक्तजन पहुँचे। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने 'जय देव कमरुनाग जी' का जयघोष किया।1
- भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग ने आम नागरिकों तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हमीरपुर में वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का शुभारंभ 15 जून, 2026 को सुजानपुर (टिक्कर बुहला) से किया गया, जिसमें श्रीमती रेखा गौतम (वित्तीय साक्षरता केंद्र हमीरपुर), श्रीमती मनीषा कुमारी और स्थानीय ग्रामवासियों ने भाग लिया। अभियान के तहत, 16 जून, 2026 को ग्राम पंचायत नारा के महिला मंडल भवन में एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में प्रधान महिला मंडल नारा, श्रीमती उर्मिला शर्मा (वित्तीय साक्षरता केंद्र हमीरपुर), श्रीमती मीना देवी, श्री प्रेम दास, पीएनबी नाल्टी के प्रबंधक और अन्य ग्रामवासियों ने शिरकत की। शिविर के दौरान, अग्रणी जिला प्रबंधक हमीरपुर, श्री धर्मेंद्र स्याल ने बताया कि यह विशेष अभियान 15 जून से 15 जुलाई तक चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक को बैंकिंग, बीमा, पेंशन और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है।1