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मथुरा जनपद के शेरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत छाता विधानसभा के गांव बसई खुर्द में अज्ञात नकाबपोश लोगों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जहाँ नकाबपोशों द्वारा मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई है।
Lokesh Garg
मथुरा जनपद के शेरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत छाता विधानसभा के गांव बसई खुर्द में अज्ञात नकाबपोश लोगों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जहाँ नकाबपोशों द्वारा मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई है।
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- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का ही हक मारने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या और चांदनी का हक छीन लिया और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार कराई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के अनुसार, पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नियत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज़ नौगांव खसरा संख्या 683 की एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है और बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं, उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- एक महिला ने मदद की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि नगला हरी गांव, राय गांव में कुछ व्यक्तियों ने जबरदस्ती उसका आधार कार्ड बदल दिया है। उसने बताया कि उसे उठाकर उसका आधार कार्ड बदला गया और इस जबरन कार्रवाई के कारण उसे अपने बच्चों और पति से भी अलग कर दिया गया है। महिला ने अपनी स्थिति को बेहद निराशाजनक बताया है। महिला ने इस घटना के लिए सोनू, मोनू, चंद्रशेखर, शेर सिंह और धीरे सिंह नामक व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने इन व्यक्तियों के मोबाइल नंबर 6397919230, 9756002593 और 9259167374 भी साझा किए हैं। महिला का कहना है कि उसे इस मामले में शिकायत दर्ज करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है और वह अपनी लोकेशन के लिए सहायता चाहती है।4
- डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल एक वृद्ध महिला को बिना एंबुलेंस का इंतजार किए अपनी सरकारी गाड़ी से तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया। यह घटना तब हुई जब शहर के अऊ गेट निवासी 70 वर्षीय वीरवती पत्नी रघुवीर भरतपुर रोड स्थित पुलिस लाइन के पास अपनी गाय को लेकर घर लौट रही थीं और एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। संयोगवश उसी समय उसी मार्ग से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक कांबले ने दुर्घटना देखते ही अपनी गाड़ी रुकवाई और घायल वृद्धा को तत्काल अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए। अस्पताल में भी वे उपचार शुरू होने तक मौजूद रहे और चिकित्सकों से घायल महिला के इलाज की जानकारी लेते रहे। उनकी तत्परता के कारण वृद्धा को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी, जिससे उनकी स्थिति को संभालने में मदद मिली। पुलिस अधीक्षक की इस संवेदनशील और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खुले दिल से सराहना की, उनका कहना था कि यह घटना पुलिस के मानवीय और जनसेवा वाले चेहरे को भी उजागर करती है। यह भी बताया गया कि एसपी कांबले जनसेवा के तहत 84 कोस के तीर्थ यात्रियों की भी खुद सेवा करते नजर आए हैं।4
- एक सवाल उठाया गया है कि क्या कोई कृत्य (जिसका विवरण नहीं दिया गया है) ब्रज की पवित्रता के लिए किया गया त्याग था, या फिर यह केवल सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने का एक तरीका था। पाठकों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट करके बताने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, ऐसी ही 'रोमांचक और सबसे तेज़ खबरें' प्राप्त करने के लिए RPRNEWSTV DIGITAL और ब्रज की आवाज समाचार पत्र को लाइक, शेयर और फॉलो करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।1
- मथुरा जिले के फरह तहसील के नगला छाती गढाया लतीफपुर गांव (पिन कोड 281122) में सड़क निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत गढाया के वर्तमान प्रधान भोला का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन इसके बावजूद गांव की सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।1
- एक टावर लॉन्चिंग समारोह में अभिनेत्री हेमा मालिनी ने एक मनमोहक प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने लगातार 75 मिनट तक नृत्य किया। उनकी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलां शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या से जूझ रहे आमजन और किसानों की परेशानियों को देखते हुए, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। यह मुलाकात लोगों और किसानों को हो रही समस्याओं के मद्देनजर की गई, जहाँ बिजली कटौती एक बड़ी चिंता का विषय है। इस बैठक के दौरान, नरदेव चौधरी ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि बढ़ती गर्मी और कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए, शहरवासियों और किसानों को निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से आमजन और किसान, दोनों ही बुरी तरह परेशान हैं, और इसलिए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाना बेहद ज़रूरी है। मंत्री प्रतिनिधि की चिंताओं को सुनने के बाद, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जहाँ कहीं भी तकनीकी समस्याएं हैं, उनका शीघ्रता से समाधान कराया जाएगा ताकि क्षेत्र में बिजली संकट को दूर किया जा सके।1
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों, कुमारी संध्या और चांदनी, का हक छीन लिया है। इन कलयुगी चाचा-ताऊ पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवाकर इन मासूम बच्चियों को पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की इन तीन मासूम बच्चियों पर पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और वे पूरी तरह अनाथ व असहाय हो गईं। नियम और नैतिकता के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था। हालाँकि, बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, चाचा-ताऊ की नीयत डोल गई और उन्होंने मौज नौगांव खसरा संख्या 683 की संपत्ति के लिए दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इस वसीयत में वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि "जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है" और बच्चियों को जानबूझकर बेघर व बेसहारा किया गया है। इस धोखाधड़ी के कारण तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं; उनके पास न तो रहने के लिए छत है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। इस घिनौने कृत्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही इन मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- मंगलवार, 30 जून 2026 को मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित गोवर्धन चौराहे पर एक डंफर और कार की टक्कर के बाद जमकर हंगामा हो गया। हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट और अभद्रता के आरोपों तक पहुंच गई, जिसके चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कार सवार राधा सिटी निवासी पूजा का आरोप है कि टक्कर के बाद डंफर चालक ने उनके साथ और कार चालक के साथ मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके साथ ही, महिला और कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला और ट्रैफिक पुलिस पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना और उसके बाद हुए विवाद के लिए कौन जिम्मेदार था।2