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गढ़वा जिले के केतार में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ अचानक लगी आग ने एक खपरैल घर और एक बाइक को पूरी तरह से जलकर खाक कर दिया।
The Update Abtak
गढ़वा जिले के केतार में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ अचानक लगी आग ने एक खपरैल घर और एक बाइक को पूरी तरह से जलकर खाक कर दिया।
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- सोनभद्र के विंढमगंज थाना परिसर में शनिवार को आयोजित थाना दिवस में आमजन की समस्याओं को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ सुना गया। इस दौरान कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर फरियादियों को तुरंत राहत दी गई। शेष मामलों के शीघ्र और निष्पक्ष समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने की। राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने भूमि विवाद, आपसी विवाद तथा अन्य जनसमस्याओं पर सुनवाई की। कई प्रकरणों में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद तत्काल समाधान कराया गया, वहीं जटिल प्रकृति के मामलों में निष्पक्ष जांच कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। थाना दिवस में क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो भी उपस्थित रहे। पुलिस विभाग की ओर से उपनिरीक्षक सुनील कुमार राय, उपनिरीक्षक लालमोहर राम, हेडकांस्टेबल अरविन्द कुमार और कांस्टेबल फिरोज आलम ने शिकायतों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि थाना दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना, लोगों को न्याय दिलाना और पुलिस-प्रशासन के प्रति जनविश्वास को और अधिक मजबूत बनाना है। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।1
- सनातन धर्म और उसकी एकता का मूल संदेश अनादिकाल से ही वेदों, उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से दिया गया है, जिसे 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के सिद्धांत का आधार माना जाता है। समकालीन दौर में, 'सनातन एकता' और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण तथा एकजुटता के संदेश विभिन्न मंचों और यात्राओं के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे हैं। सांस्कृतिक स्तर पर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर में सनातन सांस्कृतिक संघ ने 'सनातन एकता यात्रा' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सनातन की अखंडता को बनाए रखना और चार प्रमुख परंपराओं – वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख – को एक सूत्र में बांधना है। इसी कड़ी में, जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए संतों और धर्मगुरुओं द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए गए हैं, जिसमें बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक आयोजित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' एक प्रमुख उदाहरण है। सनातन का शाब्दिक अर्थ ही 'शाश्वत' है, इसलिए इसकी एकता और सत्य का संदेश किसी एक व्यक्ति या स्थान तक सीमित न होकर शाश्वत और सार्वभौमिक है। इसी भावना के साथ, छत्तीसगढ़ से सभी भारतवासियों को सनातन की एकता का यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है।1
- नौगढ़ में खनन माफियाओं ने राजस्व विभाग पर जेसीबी से हमला कर दिया। इसी के साथ, उन्होंने रंगदारी वसूलने के प्रयास में विपिन कुमार नेपाल नामक व्यक्ति को भी जेसीबी से कुचलने की कोशिश की। इन वारदातों को लेकर नौगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस शुरू में मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी। हालांकि, अब थाना अध्यक्ष प्रमोद यादव ने पुष्टि की है कि नियत तारीख के हिसाब से मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- वरिष्ठ पत्रकार विपिन चौबे ने दावा किया है कि राम मंदिर परिसर से उन्हें कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान राशि के प्रबंधन से जुड़े सवालों के जवाब मांगते समय जबरन हटा दिया गया। इस घटना ने मंदिर प्रशासन से संबंधित पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक सूचना तक पहुंच को लेकर बहस छेड़ दी है, जिससे राम मंदिर दान विवाद गरमा गया है।1
- सोनभद्र जिले में 27 जून, 2026 को विकास भवन परिसर से पल्स पोलियो जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य सघन पल्स पोलियो महाअभियान के सफल संचालन के लिए जन जागरूकता पैदा करना था। श्रीमती अवस्थी ने इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि व्यापक जनभागीदारी का एक महाअभियान है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि सघन पल्स पोलियो महाअभियान 28 जून से शुरू होगा। इस अभियान के पहले दिन, 28 जून 2026 को, जनपद के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर प्रातः 9:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके उपरांत, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना सुनिश्चित करेंगी जो बूथ पर खुराक लेने से वंचित रह गए होंगे। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। श्रीमती अवस्थी ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और इस अभियान को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ताओं से भी अनुरोध किया कि वे इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से अछूता न रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपदवासियों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।1
- जनपद सोनभद्र में 28 जून से सघन पल्स पोलियो महाअभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने विकास भवन परिसर से पल्स पोलियो जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके साथ ही अभियान की शुरुआत हुई। मुख्य विकास अधिकारी अवस्थी ने जोर दिया कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से पुरज़ोर अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे। अभियान के तहत, 28 जून को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक जनपद के सभी पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। बूथ गतिविधियों के बाद, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथों पर नहीं पहुँच पाए थे। इंडिया न्यूज़ सोनभद्र ने भी सभी अभिभावकों से मार्मिक अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाएं और उन्हें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।1
- पौराणिक कथाओं में उल्लेखित द्रोणागिरी पर्वत, जिसे दूनागिरी नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। यह स्थान प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है। यह वही पर्वत है जिसे हनुमान जी ने संजीवनी बूटी प्राप्त करने के लिए उठाया था। रामायण काल की कथा के अनुसार, जब युद्ध के दौरान लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब संजीवनी बूटी की पहचान न कर पाने के कारण हनुमान जी इस पूरे द्रोणागिरी पर्वत को ही उठाकर लंका ले गए थे। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, आज भी इस पर्वत का ऊपरी हिस्सा कटा हुआ माना जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि धौलागिरी एक अलग पर्वत श्रृंखला है जो मुख्य रूप से नेपाल में स्थित है, जबकि संजीवनी बूटी से जुड़ी पौराणिक कथा उत्तराखंड के द्रोणागिरी पर्वत से ही जुड़ी है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इस पर्वत के पर्यायवाची शब्द हैं।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के रजखड़ गांव में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे रजखड़ घाट पर एक निजी एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वाहन में सवार चालक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एंबुलेंस (वैन ईको) छत्तीसगढ़ की ओर जा रही थी और इसमें गाजीपुर निवासी विकास यादव (24), पुत्र रामप्रसाद यादव, और गाजीपुर निवासी छोटी (27), जिसका पुत्र अज्ञात बताया गया है, सवार थे। हाथीनाला की ओर से पहले मोड़ पर एंबुलेंस का संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद वह दो-तीन बार पलटी खाकर पलट गई। हादसे में एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद राहगीरों की मदद से घायल वाहन को सीधा किया गया, और इसी एंबुलेंस से दोनों घायल खुद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे। चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह ने बताया कि दोनों घायलों के शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं और उनका इलाज व आवश्यक प्राथमिक उपचार तथा निगरानी जारी है।4
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के कटौली गांव स्थित खदीवा नाले के पास आज शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक अनियंत्रित झारखंड नंबर का अशोक लेलैंड ट्रक कोयले से लदा हुआ पलट गया। इस हादसे में मिर्जापुर निवासी ट्रक चालक संतोष (34) पुत्र नन्हक चन्द घायल हो गए, जबकि एक अन्य सवार (खलासी) को सुरक्षित बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचित किया। एंबुलेंस 102 की ईएमटी कुसुम और चालक अजीत मौके पर पहुँचे और घायल चालक संतोष को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी पहुंचाया। सीएचसी चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह ने संतोष को प्राथमिक उपचार दिया और उनकी स्थिति स्थिर होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी। डॉक्टरों के अनुसार, चालक को सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं, जिनका इलाज किया गया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर पहुँचकर पलटे हुए ट्रक और बिखरे कोयले की स्थिति का मुआयना किया है, और मामले की जांच शुरू कर दी है।3