पौराणिक कथाओं में उल्लेखित द्रोणागिरी पर्वत, जिसे दूनागिरी नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। यह स्थान प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है। यह वही पर्वत है जिसे हनुमान जी ने संजीवनी बूटी प्राप्त करने के लिए उठाया था। रामायण काल की कथा के अनुसार, जब युद्ध के दौरान लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब संजीवनी बूटी की पहचान न कर पाने के कारण हनुमान जी इस पूरे द्रोणागिरी पर्वत को ही उठाकर लंका ले गए थे। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, आज भी इस पर्वत का ऊपरी हिस्सा कटा हुआ माना जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि धौलागिरी एक अलग पर्वत श्रृंखला है जो मुख्य रूप से नेपाल में स्थित है, जबकि संजीवनी बूटी से जुड़ी पौराणिक कथा उत्तराखंड के द्रोणागिरी पर्वत से ही जुड़ी है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इस पर्वत के पर्यायवाची शब्द हैं।
पौराणिक कथाओं में उल्लेखित द्रोणागिरी पर्वत, जिसे दूनागिरी नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। यह स्थान प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है। यह वही पर्वत है जिसे हनुमान जी ने संजीवनी बूटी प्राप्त करने के लिए उठाया था। रामायण काल की कथा के अनुसार, जब युद्ध के दौरान लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब संजीवनी बूटी की पहचान न कर पाने के कारण हनुमान जी इस पूरे द्रोणागिरी पर्वत को ही उठाकर लंका ले गए थे। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, आज भी इस पर्वत का ऊपरी हिस्सा कटा हुआ माना जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि धौलागिरी एक अलग पर्वत श्रृंखला है जो मुख्य रूप से नेपाल में स्थित है, जबकि संजीवनी बूटी से जुड़ी पौराणिक कथा उत्तराखंड के द्रोणागिरी पर्वत से ही जुड़ी है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इस पर्वत के पर्यायवाची शब्द हैं।
- रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत अंतर्गत बाजार टांड़ गांव में जंगली हाथियों के हमले में 62 वर्षीय ग्रामीण बिगर मांझी की दर्दनाक मौत हो गई है। यह दुखद घटना शुक्रवार देर रात करीब 1:00 बजे की बताई जा रही है, जब बिगर मांझी भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अपने घर के बाहर खुले स्थान पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान, तीन जंगली हाथी गांव में घुस आए और बिगर मांझी के घर के सामने पहुंच गए। हाथियों ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हाथी गांव से चले गए, और जब परिजन व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें बिगर मांझी का शव पड़ा मिला। इस हृदयविदारक घटना से पूरे बाजार टांड़ गांव में मातम पसर गया है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और ग्रामीणों में भय तथा दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि रंका अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग इस पर नियंत्रण पाने और प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी बरदरी, बाहुकुदर, बेलवादामर, बरवाही सहित कई अन्य गांवों में जंगली हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में न तो पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था की गई है और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस या स्थायी योजना बनाई गई है, जिसके चलते ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले पुल के पांडुका सोन तट पर स्थित एक चापाकल (हैंडपंप) की स्थिति बेहद जर-जर हो गई है। यह चापाकल पूरी तरह से खराब हालत में है, जिसे देखकर उसकी दयनीय दशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी में बहुजन समाज पार्टी ने विंढमगंज थाना क्षेत्र के सलैयाडिह स्थित खुशी खुशी लॉज में अपनी दुद्धी (403) विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा प्रभारी मा. संजय कुमार गोंड (धुर्वे) ने की, जिसमें मुख्य मंडल प्रभारी (मिर्जापुर मंडल) मा. रामविचार गौतम मुख्य अतिथि तथा सेकरार अहमद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि रामविचार गौतम ने संबोधित करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता और मजबूत संगठन में निहित है। उन्होंने प्रत्येक पदाधिकारी को अपने क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी से कार्य करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने का आह्वान किया, जिससे पार्टी को और अधिक मजबूती मिलेगी। गौतम ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और बहुजन समाज के हितों से जुड़े मुद्दों को आम जनता तक पहुंचाने का आग्रह भी किया। वहीं, अध्यक्षता कर रहे संजय कुमार गोंड (धुर्वे) ने संगठन की गहन समीक्षा की और सेक्टर तथा बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने पदाधिकारियों को गाँव-गाँव जनसंपर्क अभियान चलाकर नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। गोंड ने यह भी जोर दिया कि अनुशासन, सक्रियता और जनसंपर्क ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। विशिष्ट अतिथि सेकरार अहमद ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया और कहा कि संगठन की मजबूती ही आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम दिलाएगी। बैठक के दौरान, विभिन्न सेक्टरों और बूथों की संगठनात्मक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई, जहाँ कई पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गतिविधियों, सामने आ रही समस्याओं और महत्वपूर्ण सुझावों को प्रस्तुत किया। पार्टी नेतृत्व ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में संदीप भारती, नंदू प्रसाद गौतम, मो. वकील, रेखा रावत, डा. श्रवण कुमार, मुन्ना लाल गौतम, मनीष दुबे, लक्ष्मण प्रसाद पनिका, राजेश धूसिया, राजकुमार, मनोज भारती, अब्दुल हकीम, विनोद भारती और अमित कन्नौजिया सहित विधानसभा, सेक्टर और बूथ स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन को और अधिक सशक्त करने तथा आगामी सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने के संकल्प के साथ हुआ।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। दुद्धी (403) विधानसभा क्षेत्र के सलैयाडिह स्थित खुशी खुशी लॉज में हुई इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा प्रभारी संजय कुमार गोंड (धुर्वे) ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामविचार गौतम और विशिष्ट अतिथि सेकरार अहमद ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने का आग्रह किया। बैठक के दौरान सेक्टर एवं बूथ स्तर के संगठन की विस्तृत समीक्षा की गई, और आगामी कार्यक्रमों के साथ-साथ चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- सनातन धर्म और उसकी एकता का मूल संदेश अनादिकाल से ही वेदों, उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से दिया गया है, जिसे 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के सिद्धांत का आधार माना जाता है। समकालीन दौर में, 'सनातन एकता' और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण तथा एकजुटता के संदेश विभिन्न मंचों और यात्राओं के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे हैं। सांस्कृतिक स्तर पर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर में सनातन सांस्कृतिक संघ ने 'सनातन एकता यात्रा' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सनातन की अखंडता को बनाए रखना और चार प्रमुख परंपराओं – वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख – को एक सूत्र में बांधना है। इसी कड़ी में, जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए संतों और धर्मगुरुओं द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए गए हैं, जिसमें बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक आयोजित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' एक प्रमुख उदाहरण है। सनातन का शाब्दिक अर्थ ही 'शाश्वत' है, इसलिए इसकी एकता और सत्य का संदेश किसी एक व्यक्ति या स्थान तक सीमित न होकर शाश्वत और सार्वभौमिक है। इसी भावना के साथ, छत्तीसगढ़ से सभी भारतवासियों को सनातन की एकता का यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है।1
- गढ़वा के खरोधी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर है, जिसका मुख्य कारण दूषित जल का सेवन बताया जा रहा है। छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूल में फिल्टर पानी की सुविधा में ताला लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, मुहर्रम के चलते बिजली आपूर्ति भी बाधित थी, जिसके कारण साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। खरोधी के इसी कस्तूरबा स्कूल में गंदा पानी पीने से कुल 16 छात्राएं बीमार पड़ गईं।1