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बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले पुल के पांडुका सोन तट पर स्थित एक चापाकल (हैंडपंप) की स्थिति बेहद जर-जर हो गई है। यह चापाकल पूरी तरह से खराब हालत में है, जिसे देखकर उसकी दयनीय दशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
SANTOSH CHAUDHARY
बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले पुल के पांडुका सोन तट पर स्थित एक चापाकल (हैंडपंप) की स्थिति बेहद जर-जर हो गई है। यह चापाकल पूरी तरह से खराब हालत में है, जिसे देखकर उसकी दयनीय दशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
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- बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले पुल के पांडुका सोन तट पर स्थित एक चापाकल (हैंडपंप) की स्थिति बेहद जर-जर हो गई है। यह चापाकल पूरी तरह से खराब हालत में है, जिसे देखकर उसकी दयनीय दशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।1
- रोहतास जिले के सासाराम में ताज़िया पहलाम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार स्वयं बाइक से शहर में गश्त कर रहे हैं।1
- देवताओं ने यह फैसला किया है कि 11.11.2022 को शरीर में राहु केतु नहीं होता है, और इसी के चलते उन्होंने धरती पर पूजा पाठ बंद करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, दिसंबर 2022 के लिए यह चेतावनी भी जारी की गई है कि किसी को भी अपनी जिंदगी किसी के हाथों में नहीं देनी चाहिए, और विशेष रूप से सरस्वती के लिए मरने से मना किया गया है।1
- कमरनगंज गाँव में, एक लड़का राजन से संबंधित एक फैसला 2019 में शुरू हुआ और दिसंबर 2022 तक चला। इसी दौरान, स्वर्गलोक में रहने वाले लोगों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने शरीर में समाकर यह घोषणा करने का फैसला किया कि 2022 में राहु केतु का अस्तित्व नहीं होता है, और धरती पर सभी पूजा पाठ बंद कर दिए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी को भी अपनी जिंदगी दूसरों के हाथों में नहीं सौंपनी चाहिए और सरस्वती के लिए अपने प्राण नहीं गँवाने चाहिए।1
- गढ़वा जिले के केतार में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ अचानक लगी आग ने एक खपरैल घर और एक बाइक को पूरी तरह से जलकर खाक कर दिया।1
- पलामू जिले के ऊंटारी रोड़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बिरजा गांव के टोला बसडिया में शुक्रवार देर रात जीतू चौधरी के कच्चे मकान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड से पूरे परिवार में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते घर पूरी तरह से जलकर राख हो गया, जिससे गरीब परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस घटना में पीड़ित परिवार की जीवन भर की कमाई, नकदी और राशन सहित गृहस्थी का सारा सामान मलबे के ढेर में बदल गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, घर में सभी सदस्य सोए हुए थे तभी अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर की छत को थामे हुए लकड़ी की बल्लियां जलकर टूट गईं और भरभराकर नीचे गिर गईं। हालांकि, इस अग्निकांड में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस गरीब परिवार, जिसके चार बच्चे हैं और जिसके पास रहने के लिए सिर्फ एक झोपड़ी थी, उसे अब तक कोई सरकारी आवास नहीं मिला है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। घटना की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण पाल घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग के साथ पचास किलो खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से आगजनी की घटना की जांच, उचित मुआवजा और तत्काल सरकारी आवास उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।2