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गढ़वा के खरोधी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर है, जिसका मुख्य कारण दूषित जल का सेवन बताया जा रहा है। छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूल में फिल्टर पानी की सुविधा में ताला लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, मुहर्रम के चलते बिजली आपूर्ति भी बाधित थी, जिसके कारण साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। खरोधी के इसी कस्तूरबा स्कूल में गंदा पानी पीने से कुल 16 छात्राएं बीमार पड़ गईं।
Ramashankar sharma
गढ़वा के खरोधी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर है, जिसका मुख्य कारण दूषित जल का सेवन बताया जा रहा है। छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूल में फिल्टर पानी की सुविधा में ताला लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, मुहर्रम के चलते बिजली आपूर्ति भी बाधित थी, जिसके कारण साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। खरोधी के इसी कस्तूरबा स्कूल में गंदा पानी पीने से कुल 16 छात्राएं बीमार पड़ गईं।
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- रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत अंतर्गत बाजार टांड़ गांव में जंगली हाथियों के हमले में 62 वर्षीय ग्रामीण बिगर मांझी की दर्दनाक मौत हो गई है। यह दुखद घटना शुक्रवार देर रात करीब 1:00 बजे की बताई जा रही है, जब बिगर मांझी भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अपने घर के बाहर खुले स्थान पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान, तीन जंगली हाथी गांव में घुस आए और बिगर मांझी के घर के सामने पहुंच गए। हाथियों ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हाथी गांव से चले गए, और जब परिजन व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें बिगर मांझी का शव पड़ा मिला। इस हृदयविदारक घटना से पूरे बाजार टांड़ गांव में मातम पसर गया है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और ग्रामीणों में भय तथा दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि रंका अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग इस पर नियंत्रण पाने और प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी बरदरी, बाहुकुदर, बेलवादामर, बरवाही सहित कई अन्य गांवों में जंगली हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में न तो पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था की गई है और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस या स्थायी योजना बनाई गई है, जिसके चलते ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले पुल के पांडुका सोन तट पर स्थित एक चापाकल (हैंडपंप) की स्थिति बेहद जर-जर हो गई है। यह चापाकल पूरी तरह से खराब हालत में है, जिसे देखकर उसकी दयनीय दशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।1
- जनपद सोनभद्र में 28 जून से सघन पल्स पोलियो महाअभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने विकास भवन परिसर से पल्स पोलियो जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके साथ ही अभियान की शुरुआत हुई। मुख्य विकास अधिकारी अवस्थी ने जोर दिया कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से पुरज़ोर अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे। अभियान के तहत, 28 जून को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक जनपद के सभी पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। बूथ गतिविधियों के बाद, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथों पर नहीं पहुँच पाए थे। इंडिया न्यूज़ सोनभद्र ने भी सभी अभिभावकों से मार्मिक अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाएं और उन्हें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। दुद्धी (403) विधानसभा क्षेत्र के सलैयाडिह स्थित खुशी खुशी लॉज में हुई इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा प्रभारी संजय कुमार गोंड (धुर्वे) ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामविचार गौतम और विशिष्ट अतिथि सेकरार अहमद ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने का आग्रह किया। बैठक के दौरान सेक्टर एवं बूथ स्तर के संगठन की विस्तृत समीक्षा की गई, और आगामी कार्यक्रमों के साथ-साथ चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- सनातन धर्म और उसकी एकता का मूल संदेश अनादिकाल से ही वेदों, उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से दिया गया है, जिसे 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के सिद्धांत का आधार माना जाता है। समकालीन दौर में, 'सनातन एकता' और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण तथा एकजुटता के संदेश विभिन्न मंचों और यात्राओं के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे हैं। सांस्कृतिक स्तर पर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर में सनातन सांस्कृतिक संघ ने 'सनातन एकता यात्रा' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सनातन की अखंडता को बनाए रखना और चार प्रमुख परंपराओं – वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख – को एक सूत्र में बांधना है। इसी कड़ी में, जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए संतों और धर्मगुरुओं द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए गए हैं, जिसमें बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक आयोजित 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' एक प्रमुख उदाहरण है। सनातन का शाब्दिक अर्थ ही 'शाश्वत' है, इसलिए इसकी एकता और सत्य का संदेश किसी एक व्यक्ति या स्थान तक सीमित न होकर शाश्वत और सार्वभौमिक है। इसी भावना के साथ, छत्तीसगढ़ से सभी भारतवासियों को सनातन की एकता का यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है।1
- गढ़वा के खरोधी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर है, जिसका मुख्य कारण दूषित जल का सेवन बताया जा रहा है। छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूल में फिल्टर पानी की सुविधा में ताला लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, मुहर्रम के चलते बिजली आपूर्ति भी बाधित थी, जिसके कारण साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। खरोधी के इसी कस्तूरबा स्कूल में गंदा पानी पीने से कुल 16 छात्राएं बीमार पड़ गईं।1