धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस मानसी थाना क्षेत्र के धमारा घाट रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक खड़ी रहने से यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ट्रेन के अचानक रुकने से यात्री परेशान होकर स्टेशन पर जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कई यात्री प्लेटफॉर्म बदलने को लेकर भी असमंजस में दिखे। यात्रियों द्वारा स्टेशन मास्टर से ट्रेन के अधिक देर तक रुकने का कारण पूछा गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन को स्टेशन पर रोकना पड़ा। सिग्नल मिलने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर महिला, बुजुर्ग और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों में बेचैनी देखी गई। बाद में सिग्नल मिलने पर ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस मानसी थाना क्षेत्र के धमारा घाट रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक खड़ी रहने से यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ट्रेन के अचानक रुकने से यात्री परेशान होकर स्टेशन पर जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कई यात्री प्लेटफॉर्म बदलने को लेकर भी असमंजस में दिखे। यात्रियों द्वारा स्टेशन मास्टर से ट्रेन के अधिक देर तक रुकने का कारण पूछा गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन को स्टेशन पर रोकना पड़ा। सिग्नल मिलने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर महिला, बुजुर्ग और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों में बेचैनी देखी गई। बाद में सिग्नल मिलने पर ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
- धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस धमारा घाट स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस मानसी थाना क्षेत्र के धमारा घाट रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सहरसा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक खड़ी रहने से यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ट्रेन के अचानक रुकने से यात्री परेशान होकर स्टेशन पर जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कई यात्री प्लेटफॉर्म बदलने को लेकर भी असमंजस में दिखे। यात्रियों द्वारा स्टेशन मास्टर से ट्रेन के अधिक देर तक रुकने का कारण पूछा गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन को स्टेशन पर रोकना पड़ा। सिग्नल मिलने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर महिला, बुजुर्ग और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों में बेचैनी देखी गई। बाद में सिग्नल मिलने पर ट्रेन को आगे रवाना किया गया।1
- दिन के उजाले में अपराधियों ने घर घुसकर हाथ साफ किया सहरसा जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े लूट की गई जिससे स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल हुआ, पामा गाँव वार्ड नंबर 9 के निवासी, बलराम कुमार उर्फ राजा कुमार पिता: स्वर्गीय भोला मेहता सुबह में जिरवा चौँक के समीप एक किराना का दुकान खोल रखा है, सभी परिवार साथ में बच्चे उसी दुकान पर थे, ग्रामीणों द्वारा बलराम उर्फ राजा को सूचना मिले की आप के घर पर शोर गुल हो रहा है। तब वह सभी परिवार घर पर आए तो देखें कि मकान के रूम का ताला टूटा हुआ घर में अटैची एवं बक्से का कपड़ा सामान बिखरा हुआ था, अज्ञात अपराधियों ने निशाना बनाया। लूटपाट की। वारदात के दौरान अपराधी घर में रखे सोने-चांदी, सोने कि नकमुनी, कान का झुमका, गले चैन, चांदी का पायल एवं तीन लाख सतासि हजार नगद राशि, पाँच लाख कि लगभग जेवरात कीमती जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए। पस्तपार् थाना अध्यक्ष को सूचना मिलने के बाद, पूरा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर के सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल एवं चर्चा की पीड़ित परिवार ने पस्तपार थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के खुलासे के लिए स्क्वायड डॉग को भी मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड की मदद से अपराधियों के भागने की दिशा और संभावित सुराग जुटाने की कोशिश की गई, 1
- चुनाव आते ही मुखिया जी का प्यार जाग गया 😂 चुनाव आते ही चाचा-भैया-बाबूजी वाली रिश्तेदारी शुरू! 😂 WhatsApp पर प्रणाम और आशीर्वाद की बाढ़… लेकिन जनता पूछ रही है—पाँच साल का हिसाब कहाँ है? 🔥 देखिए Lock Mood News का मजेदार चुनावी Roast! 😄1
- बिहार में शराबबंदी कानून समाप्त? शराबबंदी कानून के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार का दख़ल? मोदी-शाह के एजेंट को लागू करने की तैयारी में सम्राट सरकार? NCAER रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार पूर्ण शराबबंदी कानून की समीक्षा के लिए तैयार? राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पूर्ण शराबबंदी कानून को 440 वोल्ट का झटका1
- बीपीएससी टीआरई-4 आंदोलन में घायल छात्र नेता से मिले जेएसडी काउंसिल के प्रतिनिधि📢 ✍️ जन-संवाददाता प्रतिनिधि, बिहार📍 पटना। बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा की मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान घायल छात्र नेता से एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्रों की आवाज लोकतंत्र की ताकत है और उनकी जायज मांगों को संवेदनशीलता एवं शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए। जेएसडी काउंसिल ने सरकार से पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए छात्रों की समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान करने की मांग की। संगठन ने कहा कि छात्रहित, शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह सदैव छात्रों के साथ खड़ा रहेगा।1
- Post by Shubham Kumar1
- सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल प्रबंधक के शराब पार्टी करते वायरल फोटो मामले में नया मोड़ प्रबंधक ने कहा A I से एडिट कर मुझे बदनाम करने की जा रही है साजिश1
- गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी ठाठा में फैलने लगा बाढ़ का पानी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी ठाठा में फैलने लगा बाढ़ का पानी मानसी प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी ठाठा पंचायत अंतर्गत गंडक नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। पानी फैलने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर लोगों को पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी फैलने से पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पशुओं के लिए हरा चारा लाने में उन्हें काफी कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले इलाके में रहने वाले पशुपालकों एवं ग्रामीणों ने मानसी प्रशासन से जल्द पशु चारा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री उपलब्ध कराने की भी अपील की है।1