logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जगदलपुर के बंजारी घाट पर एक मर्सिडीज और ट्रक के बीच टक्कर के बाद हुई कथित मारपीट से परेशान होकर ट्रक चालक ताम्रध्वज साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद साहू ने कथित तौर पर सात से आठ वीडियो बनाए, जिनमें उसने मर्सिडीज चालक और उसके दोस्तों पर मारपीट का आरोप लगाया। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को हुई इस टक्कर के बाद मर्सिडीज चालक ने कथित तौर पर पैसे मांगे। पैसे न देने पर मर्सिडीज चालक ने अपने दोस्तों को बुलाकर ताम्रध्वज साहू के साथ मारपीट की। साहू ने अपने वीडियो में कहा कि इसी मारपीट से तंग आकर उसने आत्महत्या का यह कदम उठाया। शुक्रवार सुबह बंजारी घाट के नीचे एक पेड़ से उनका शव बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। गीदम एसडीओपी गोविंद सिंह दीवान ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि महासमुंद निवासी ताम्रध्वज साहू जगदलपुर से गीदम जा रहे थे, जबकि मर्सिडीज चालक गीदम से जगदलपुर आ रहा था। गुरुवार के बाद से ताम्रध्वज साहू का फोन नहीं लग रहा था, जिसके बाद ट्रक मालिक ने पुलिस से मदद मांगी थी। पुलिस ने फोन नंबर ट्रेस कर शुक्रवार सुबह शव बरामद किया। पुलिस ने कहा है कि वह अब वायरल वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

10 hrs ago
user_AKKU KHAN
AKKU KHAN
Mandi Agent Jagdalpur, Bastar•
10 hrs ago
a3612e1c-cdcb-49e7-841b-bc055ccb5963

जगदलपुर के बंजारी घाट पर एक मर्सिडीज और ट्रक के बीच टक्कर के बाद हुई कथित मारपीट से परेशान होकर ट्रक चालक ताम्रध्वज साहू ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद साहू ने कथित तौर पर सात से आठ वीडियो बनाए, जिनमें उसने मर्सिडीज चालक और उसके दोस्तों पर मारपीट का आरोप लगाया। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को हुई इस टक्कर के बाद मर्सिडीज चालक ने कथित तौर पर पैसे मांगे। पैसे न देने पर मर्सिडीज चालक ने अपने दोस्तों को बुलाकर ताम्रध्वज साहू के साथ मारपीट की। साहू ने अपने वीडियो में कहा कि इसी मारपीट से तंग आकर उसने आत्महत्या का यह कदम उठाया। शुक्रवार सुबह बंजारी घाट के नीचे एक पेड़ से उनका शव बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। गीदम एसडीओपी गोविंद सिंह दीवान ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि महासमुंद निवासी ताम्रध्वज साहू जगदलपुर से गीदम जा रहे थे, जबकि मर्सिडीज चालक गीदम से जगदलपुर आ रहा था। गुरुवार के बाद से ताम्रध्वज साहू का फोन नहीं लग रहा था, जिसके बाद ट्रक मालिक ने पुलिस से मदद मांगी थी। पुलिस ने फोन नंबर ट्रेस कर शुक्रवार सुबह शव बरामद किया। पुलिस ने कहा है कि वह अब वायरल वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • एक दौर में जब देश में 'इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा' का नारा गूंज रहा था, जो एक व्यक्ति को राष्ट्र के पर्याय के रूप में दर्शाता था, तब एक जज ने अपने फैसले से इस धारणा को चुनौती दी। जज ने स्पष्ट रूप से यह याद दिलाया कि भारत किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह संविधान का नाम है। इसलिए, 12 जून की तारीख केवल इतिहास का एक पन्ना भर नहीं है; इसे हर दौर की सत्ता और उसकी समझ के लिए एक आईने के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। यह घटना लोगों को 'तीसरी आंख' की तरह चौकन्ना रहते हुए, प्रश्न पूछने, प्रमाण मांगने और हमेशा किसी पक्ष के बजाय सच को चुनने का आह्वान करती है।
    1
    एक दौर में जब देश में 'इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा' का नारा गूंज रहा था, जो एक व्यक्ति को राष्ट्र के पर्याय के रूप में दर्शाता था, तब एक जज ने अपने फैसले से इस धारणा को चुनौती दी।

जज ने स्पष्ट रूप से यह याद दिलाया कि भारत किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह संविधान का नाम है। इसलिए, 12 जून की तारीख केवल इतिहास का एक पन्ना भर नहीं है; इसे हर दौर की सत्ता और उसकी समझ के लिए एक आईने के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। यह घटना लोगों को 'तीसरी आंख' की तरह चौकन्ना रहते हुए, प्रश्न पूछने, प्रमाण मांगने और हमेशा किसी पक्ष के बजाय सच को चुनने का आह्वान करती है।
    user_तीसरी आंख 👁️
    तीसरी आंख 👁️
    Voice of people बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • यह प्रश्न उठाया गया है कि यदि भगवान श्रीकृष्ण शांति स्थापित करना चाहते थे, तो महाभारत का युद्ध क्यों हुआ? इस गहन विषय पर अधिक जानकारी और विस्तृत स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए दर्शकों को "SANT RAMPAL JI MAHARAJ" नामक यूट्यूब चैनल देखने के लिए प्रेरित किया गया है।
    1
    यह प्रश्न उठाया गया है कि यदि भगवान श्रीकृष्ण शांति स्थापित करना चाहते थे, तो महाभारत का युद्ध क्यों हुआ? इस गहन विषय पर अधिक जानकारी और विस्तृत स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए दर्शकों को "SANT RAMPAL JI MAHARAJ" नामक यूट्यूब चैनल देखने के लिए प्रेरित किया गया है।
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • कांकेर पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, कुल 153 छात्राओं को सुरक्षा और साइबर सतर्कता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
    1
    कांकेर पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, कुल 153 छात्राओं को सुरक्षा और साइबर सतर्कता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • बलरामपुर जिले की सरहद पर बसंतपुर पुलिस ने एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए लगभग 10.5 करोड़ रुपये का अवैध मादक पदार्थ गांजा और इसमें संलिप्त एक टाटा ट्रक जब्त किया है। पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे कुल 1941.110 किलोग्राम गांजे को बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, इस तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक (16 चक्का वाहन) को भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्करों को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जो दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी हैं। बलरामपुर पुलिस ने इस अभियान को गांजा तस्करी करने वाले मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में एक बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार आरोपियों में से लोकेश शर्मा, थाना बसंतपुर में दर्ज एक अन्य मामले (अपराध क्रमांक 93/2026, धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट) में भी नामजद आरोपी है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में, बलरामपुर पुलिस उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त और एम.सी.पी. की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, दिनांक 29/12/2025 को भी थाना बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक में नारियल भूसी के भीतर छिपाकर ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे 1198.460 किलोग्राम गांजे को बरामद किया था और तीन आरोपियों सहित ट्रक को जब्त किया था। उस मामले में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 228/2025, धारा 20 (बी) (ii) (सी) एनडीपीएस एक्ट दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की विवेचना और एंड-टू-एंड कार्रवाई के दौरान ही पुलिस को मुख्य आरोपियों की तलाश में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की लगातार जानकारी मिल रही थी। इसी तारतम्य में, दिनांक 11/06/2026 की दरमियानी रात निरीक्षक जितेंद्र सोनी, थाना प्रभारी बसंतपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि आरोपी लोकेश शर्मा आसपास ही है और संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की फिराक में है। इसके बाद, रात्रि लगभग 02:30-03:00 बजे एक टाटा ट्रक वाहन क्रमांक RJ 14 GU 9078 आते हुए दिखा, जिसे थाना बसंतपुर के पास रोक कर तलाशी ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी लोकेश शर्मा पिता हरिश्चंद शर्मा (उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और आमिष अंसारी पिता कल्लू अंसारी (उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) हैं। बलरामपुर पुलिस ने 1941.110 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त करने की इस कार्रवाई को अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताया है।
    4
    बलरामपुर जिले की सरहद पर बसंतपुर पुलिस ने एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए लगभग 10.5 करोड़ रुपये का अवैध मादक पदार्थ गांजा और इसमें संलिप्त एक टाटा ट्रक जब्त किया है। पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे कुल 1941.110 किलोग्राम गांजे को बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, इस तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक (16 चक्का वाहन) को भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्करों को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जो दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी हैं। बलरामपुर पुलिस ने इस अभियान को गांजा तस्करी करने वाले मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में एक बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार आरोपियों में से लोकेश शर्मा, थाना बसंतपुर में दर्ज एक अन्य मामले (अपराध क्रमांक 93/2026, धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट) में भी नामजद आरोपी है।

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में, बलरामपुर पुलिस उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त और एम.सी.पी. की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, दिनांक 29/12/2025 को भी थाना बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक में नारियल भूसी के भीतर छिपाकर ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे 1198.460 किलोग्राम गांजे को बरामद किया था और तीन आरोपियों सहित ट्रक को जब्त किया था। उस मामले में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 228/2025, धारा 20 (बी) (ii) (सी) एनडीपीएस एक्ट दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की विवेचना और एंड-टू-एंड कार्रवाई के दौरान ही पुलिस को मुख्य आरोपियों की तलाश में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की लगातार जानकारी मिल रही थी।

इसी तारतम्य में, दिनांक 11/06/2026 की दरमियानी रात निरीक्षक जितेंद्र सोनी, थाना प्रभारी बसंतपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि आरोपी लोकेश शर्मा आसपास ही है और संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की फिराक में है। इसके बाद, रात्रि लगभग 02:30-03:00 बजे एक टाटा ट्रक वाहन क्रमांक RJ 14 GU 9078 आते हुए दिखा, जिसे थाना बसंतपुर के पास रोक कर तलाशी ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी लोकेश शर्मा पिता हरिश्चंद शर्मा (उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और आमिष अंसारी पिता कल्लू अंसारी (उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) हैं। बलरामपुर पुलिस ने 1941.110 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त करने की इस कार्रवाई को अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताया है।
    user_Umesh Singh
    Umesh Singh
    Animal rescue service राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • बलरामपुर पुलिस और जिले में गठित ए.एन.टी.एफ. (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का 1941.110 किलोग्राम गांजा और घटना में इस्तेमाल टाटा ट्रक (क्रमांक RJ 14 GU 9078) जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है, जब्त किया है। कुल मिलाकर करीब साढ़े दस करोड़ रुपये के मादक पदार्थ और वाहन की बरामदगी हुई है। आरोपी ओडिशा से गांजे को टाटा ट्रक के भीतर छिपाकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। यह कार्रवाई 11 और 12 जून 2026 की दरमियानी रात करीब 02:30 से 03:00 बजे के बीच बसंतपुर थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में बलरामपुर पुलिस द्वारा लगातार गश्त एवं एम.सी.पी. (मोबाइल चेक पोस्ट) की कार्यवाही की जा रही थी। इसी क्रम में बसंतपुर थाना प्रभारी, निरीक्षक जितेंद्र सोनी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली थी कि आरोपी लोकेश शर्मा आसपास ही है और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। थाना बसंतपुर के पास रोके गए टाटा ट्रक में बैठे व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपनी पहचान लोकेश शर्मा (पिता हरिश्चंद शर्मा, उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और आमिष अंसारी (पिता कल्लू अंसारी, उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। विधिवत तलाशी में ट्रक से 62 पैकेटों में लगभग 1941 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इस संबंध में थाना बसंतपुर में धारा 20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा गांजा तस्करी के एक और मामले में बसंतपुर में पूर्व में दर्ज अपराध क्रमांक 228/2025 (दिनांक 29/12/2025) का भी मुख्य आरोपी है। उस मामले में टाटा ट्रक (क्रमांक RJ 32 GE 0960) से 1198.460 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था, और वह वाहन भी लोकेश शर्मा के नाम पर ही दर्ज था। वर्तमान प्रकरण में जब्त वाहन भी लोकेश शर्मा के नाम पर दर्ज है। लोकेश शर्मा को अवैध गांजा तस्करी का मुख्य सरगना बताया गया है, जो ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश में गांजा तस्करी का सिंडिकेट चलाता है और लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक जितेंद्र सोनी, प्र.उनि मनीष साहू, सउनि धनसिंह सांडिल्य, प्र.आर. हरिप्रसाद, आरक्षक आकाश तिवारी (सायबर सेल), आरक्षक भूपेंद्र मरावी, जनार्दन सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षक रामसाय और आरक्षक अजय टोप्पो की सराहनीय भूमिका रही।
    3
    बलरामपुर पुलिस और जिले में गठित ए.एन.टी.एफ. (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का 1941.110 किलोग्राम गांजा और घटना में इस्तेमाल टाटा ट्रक (क्रमांक RJ 14 GU 9078) जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है, जब्त किया है। कुल मिलाकर करीब साढ़े दस करोड़ रुपये के मादक पदार्थ और वाहन की बरामदगी हुई है। आरोपी ओडिशा से गांजे को टाटा ट्रक के भीतर छिपाकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। यह कार्रवाई 11 और 12 जून 2026 की दरमियानी रात करीब 02:30 से 03:00 बजे के बीच बसंतपुर थाना क्षेत्र में हुई।

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में बलरामपुर पुलिस द्वारा लगातार गश्त एवं एम.सी.पी. (मोबाइल चेक पोस्ट) की कार्यवाही की जा रही थी। इसी क्रम में बसंतपुर थाना प्रभारी, निरीक्षक जितेंद्र सोनी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली थी कि आरोपी लोकेश शर्मा आसपास ही है और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। थाना बसंतपुर के पास रोके गए टाटा ट्रक में बैठे व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपनी पहचान लोकेश शर्मा (पिता हरिश्चंद शर्मा, उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और आमिष अंसारी (पिता कल्लू अंसारी, उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। विधिवत तलाशी में ट्रक से 62 पैकेटों में लगभग 1941 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इस संबंध में थाना बसंतपुर में धारा 20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा गांजा तस्करी के एक और मामले में बसंतपुर में पूर्व में दर्ज अपराध क्रमांक 228/2025 (दिनांक 29/12/2025) का भी मुख्य आरोपी है। उस मामले में टाटा ट्रक (क्रमांक RJ 32 GE 0960) से 1198.460 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था, और वह वाहन भी लोकेश शर्मा के नाम पर ही दर्ज था। वर्तमान प्रकरण में जब्त वाहन भी लोकेश शर्मा के नाम पर दर्ज है। लोकेश शर्मा को अवैध गांजा तस्करी का मुख्य सरगना बताया गया है, जो ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश में गांजा तस्करी का सिंडिकेट चलाता है और लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक जितेंद्र सोनी, प्र.उनि मनीष साहू, सउनि धनसिंह सांडिल्य, प्र.आर. हरिप्रसाद, आरक्षक आकाश तिवारी (सायबर सेल), आरक्षक भूपेंद्र मरावी, जनार्दन सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षक रामसाय और आरक्षक अजय टोप्पो की सराहनीय भूमिका रही।
    user_Puran Dewangan
    Puran Dewangan
    Rajpur, Balrampur•
    20 hrs ago
  • गरियाबंद जिला प्रशासन के तत्वावधान में आज ऑक्शन हॉल में बेरोजगार युवा/युवतियों और स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय भव्य करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी शशिगानंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, डीएसपी गरिमा दादर और जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया, जिसमें काफी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने सुनहरे भविष्य की राह चुनने के लिए एकत्रित हुए थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए कोई शॉर्टकट न होने की बात कही और उन्हें समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) का महत्व समझाया। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार करियर का चुनाव करने की सलाह दी और एक बार लक्ष्य निर्धारित होने के बाद सोशल मीडिया व अन्य भटकाव वाली चीजों से दूर रहकर पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करने पर जोर दिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने खाकी और सिविल सर्विसेज में आने की इच्छा रखने वाले छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी, साथ ही असफलता से न डरने, बल्कि उससे सीखकर दोगुनी ताकत से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार के अंतिम चरण में एक खुला संवाद (ओपन सेशन) आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे। छात्रों ने तनाव से निपटने और तैयारी कब शुरू करें जैसे प्रश्न किए, जिनका अधिकारियों ने बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ जवाब देकर उनकी सभी शंकाओं को दूर किया।
    1
    गरियाबंद जिला प्रशासन के तत्वावधान में आज ऑक्शन हॉल में बेरोजगार युवा/युवतियों और स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय भव्य करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी शशिगानंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, डीएसपी गरिमा दादर और जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया, जिसमें काफी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने सुनहरे भविष्य की राह चुनने के लिए एकत्रित हुए थे।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए कोई शॉर्टकट न होने की बात कही और उन्हें समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) का महत्व समझाया। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार करियर का चुनाव करने की सलाह दी और एक बार लक्ष्य निर्धारित होने के बाद सोशल मीडिया व अन्य भटकाव वाली चीजों से दूर रहकर पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करने पर जोर दिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने खाकी और सिविल सर्विसेज में आने की इच्छा रखने वाले छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी, साथ ही असफलता से न डरने, बल्कि उससे सीखकर दोगुनी ताकत से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

सेमिनार के अंतिम चरण में एक खुला संवाद (ओपन सेशन) आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे। छात्रों ने तनाव से निपटने और तैयारी कब शुरू करें जैसे प्रश्न किए, जिनका अधिकारियों ने बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ जवाब देकर उनकी सभी शंकाओं को दूर किया।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने दरगाहों, उर्स और अन्य मजहबी जलसों में डी.जे., नाच-गाना, घुमाल और गैर-शरई कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने एक विभागीय पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे आयोजनों से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उर्स और मजहबी कार्यक्रमों का वास्तविक उद्देश्य अमन, भाईचारा, सामाजिक समरसता और शांति का वातावरण कायम करना है। इस संबंध में, रायपुर पुलिस कमिश्नर के साथ-साथ प्रदेश भर की दरगाह कमेटियों और आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
    1
    छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने दरगाहों, उर्स और अन्य मजहबी जलसों में डी.जे., नाच-गाना, घुमाल और गैर-शरई कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने एक विभागीय पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे आयोजनों से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उर्स और मजहबी कार्यक्रमों का वास्तविक उद्देश्य अमन, भाईचारा, सामाजिक समरसता और शांति का वातावरण कायम करना है।

इस संबंध में, रायपुर पुलिस कमिश्नर के साथ-साथ प्रदेश भर की दरगाह कमेटियों और आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • एक 57 वैगन की रैक के 59 वैगन में चलने पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस अनियमितता के बाद एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया था, जिसके चलते इस मामले को बंद मान लिया गया। हालांकि, एक 'तीसरी आंख' से देखने पर यह मामला केवल एक तकनीकी गड़बड़ी या लोहे की अतिरिक्त खेप से कहीं ज़्यादा गहरा प्रतीत होता है। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि वे 2 अतिरिक्त वैगन सिर्फ़ लोहा नहीं थे। वे शायद आपके अस्पताल का एक वार्ड, आपके बच्चे की किताब, या आपके गाँव की सड़क का प्रतिनिधित्व करते थे, जो आम जनता को नहीं मिला। यहाँ मुख्य सवाल यह नहीं है कि कौन पकड़ा गया, बल्कि यह है कि बैलाडीला के पहाड़ों से जो भी निकला, उसमें से जनता के हिस्से में क्या आया, और क्या कभी आया भी। यह आह्वान किया गया है कि इस पूरे हिसाब पर गहनता से विचार किया जाए। यह वीडियो दो अतिरिक्त वैगनों से ज़्यादा, पूरे सिस्टम और जनता के संसाधनों के बंटवारे पर सवाल खड़ा कर सकता है।
    1
    एक 57 वैगन की रैक के 59 वैगन में चलने पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस अनियमितता के बाद एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया था, जिसके चलते इस मामले को बंद मान लिया गया। हालांकि, एक 'तीसरी आंख' से देखने पर यह मामला केवल एक तकनीकी गड़बड़ी या लोहे की अतिरिक्त खेप से कहीं ज़्यादा गहरा प्रतीत होता है।

संदेश में स्पष्ट किया गया है कि वे 2 अतिरिक्त वैगन सिर्फ़ लोहा नहीं थे। वे शायद आपके अस्पताल का एक वार्ड, आपके बच्चे की किताब, या आपके गाँव की सड़क का प्रतिनिधित्व करते थे, जो आम जनता को नहीं मिला। यहाँ मुख्य सवाल यह नहीं है कि कौन पकड़ा गया, बल्कि यह है कि बैलाडीला के पहाड़ों से जो भी निकला, उसमें से जनता के हिस्से में क्या आया, और क्या कभी आया भी।

यह आह्वान किया गया है कि इस पूरे हिसाब पर गहनता से विचार किया जाए। यह वीडियो दो अतिरिक्त वैगनों से ज़्यादा, पूरे सिस्टम और जनता के संसाधनों के बंटवारे पर सवाल खड़ा कर सकता है।
    user_तीसरी आंख 👁️
    तीसरी आंख 👁️
    Voice of people बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.