छत्तीसगढ़ के मरवाही स्थित ग्राम उषाढ में दिनदहाड़े एक व्यवसायी गिरीश यादव का अपहरण कर लिया गया। दो अज्ञात बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर पिस्तौल की नोक पर उन्हें अगवा कर ले गए। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अपहरणकर्ता साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर फुटेज की मदद से जांच तेज कर दी है। व्यवसायी की पत्नी दुर्गा यादव ने पुलिस को बताया कि उनके पति गिरीश यादव ग्राम उषाढ में किराना, छड़-सीमेंट और आटा चक्की का व्यवसाय करते हैं। यह घटना दोपहर करीब 11 बजे हुई जब गिरीश यादव घर के गलियारे में सो रहे थे और उनका बेटा पंकज दुकान पर था। एक नीले रंग की कार से दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे, जिन्होंने दुकान से सिगरेट-पानी खरीदा और पंकज से उसके पिता के बारे में पूछा। पंकज जैसे ही अपने पिता को बुलाने अंदर जाने लगा, दोनों बदमाश जबरन घर में घुस गए। उन्होंने सो रहे गिरीश यादव को उठाया, स्टील रंग की पिस्तौल दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताया और विरोध करने पर पैर में गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद, बदमाश उन्हें जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की ओर ले गए। पंकज ने कार के नंबर का कुछ हिस्सा 'OD 8552' देखा था। घटना के बाद, व्यवसायी के छोटे भाई मनीष जायसवाल ने बरौर में कार को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश गाड़ी को मरवाही की तरफ तेजी से भगा ले गए। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।
छत्तीसगढ़ के मरवाही स्थित ग्राम उषाढ में दिनदहाड़े एक व्यवसायी गिरीश यादव का अपहरण कर लिया गया। दो अज्ञात बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर पिस्तौल की नोक पर उन्हें अगवा कर ले गए। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अपहरणकर्ता साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर फुटेज की मदद से जांच तेज कर दी है। व्यवसायी की पत्नी दुर्गा यादव ने पुलिस को बताया कि उनके पति गिरीश यादव ग्राम उषाढ में किराना, छड़-सीमेंट और आटा चक्की का व्यवसाय करते हैं। यह घटना दोपहर करीब 11 बजे हुई जब गिरीश यादव घर के गलियारे में सो रहे थे और उनका बेटा पंकज दुकान पर था। एक नीले रंग की कार से दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे, जिन्होंने दुकान से सिगरेट-पानी खरीदा और पंकज से उसके पिता के बारे में पूछा। पंकज जैसे ही अपने पिता को बुलाने अंदर जाने लगा, दोनों बदमाश जबरन घर में घुस गए। उन्होंने सो रहे गिरीश यादव को उठाया, स्टील रंग की पिस्तौल दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताया और विरोध करने पर पैर में गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद, बदमाश उन्हें जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की ओर ले गए। पंकज ने कार के नंबर का कुछ हिस्सा 'OD 8552' देखा था। घटना के बाद, व्यवसायी के छोटे भाई मनीष जायसवाल ने बरौर में कार को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश गाड़ी को मरवाही की तरफ तेजी से भगा ले गए। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।
- छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में विगत चार महीनों में हुई 08 लगातार मौतों का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इन हत्याओं का जिम्मेदार गांव का ही निवासी 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल निकला, जिसे पुलिस ने 'साइको किलर' बताया है। आरोपी ने बदला लेने, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों को शराब में 'सुहागा' (जहर) मिलाकर मारा। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल एसडीओपी को फरवरी से मई माह के बीच 08 लोगों की संदेहास्पद मौतों की शिकायत दर्ज कराई और गांव के ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल पर शक जताया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की और 07 मृतकों के शवों का उत्खनन कराकर पोस्टमार्टम के लिए रायपुर स्थित मेडिकोलिगल संस्थान रवाना किया। एक मृतक बुधराम जायसवाल का परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने हत्या करने से पहले चूहा मारने की दवा (सुहागा) से अपना पहला निशाना एक कुत्ते को बनाया और सफल परीक्षण के बाद ग्रामवासियों पर निशाना साधा। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में शामिल होता था, तथा प्रारंभ में उसने पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। पुलिस की गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को, 20 फरवरी 2026 को बुठालू को, 12 मार्च 2026 को छत्तु राम को, और 20 मार्च 2026 को बुधराम को इसी तरीके से जहर मिलाकर शराब पिलाई। इसके बाद, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद, 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम और 14 मई 2026 को महेतरू राम की भी हत्या इसी 'सुहागा' युक्त शराब से की गई। हर बार हत्या के पीछे अलग-अलग व्यक्तिगत रंजिशें और कुंठाएं थीं, जैसे कि गाली-गलौज, पुरानी चुनावी दुश्मनी, पत्नी पर बुरी नीयत, जमीन का विवाद, ₹50,000 के कर्ज से छुटकारा, और बैगा-गुनिया का संदेह। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी इसी तरह जहरीली शराब दी गई थी, जिसे पीने से उसकी तबियत खराब होने पर परिजनों द्वारा उपचारार्थ भर्ती कराया गया था। इन घटनाओं के आधार पर कसडोल थाने में अभियुक्त रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 08 हत्या और 01 हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। रायपुर आईजी श्री अमरेश मिश्रा के लगातार दिशा-निर्देशन और एसपी श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, तथा एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए प्रदेश के इस बहुचर्चित 08 व्यक्तियों की सुनियोजित हत्या और हत्या के प्रयास के जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाने में सफलता प्राप्त की है।1
- खरसिया चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में चौकी खरसिया पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बैक-टू-बैक दो बड़ी कार्रवाई की है। पहली कार्रवाई में, पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नीले रंग की स्कूटी में शराब लेकर खरसिया से छाल की ओर जा रहा है। हमालपारा बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर स्कूटी सवार को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम मोहन सिंह सिदार निवासी चंद्रशेखरपुर ऐड्डू, थाना छाल बताया था। हालांकि, उसके आधार कार्ड के अवलोकन से उसकी वास्तविक पहचान योगेश सिदार पुत्र राम सिंह सिदार, उम्र 35 वर्ष, निवासी गोरखा वार्ड क्रमांक-43, थाना कोतरारोड़, रायगढ़ के रूप में सामने आई। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते हुए झूठी पहचान बताई थी। पुलिस ने उसके कब्जे से बिना नंबर की होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक पिठ्ठू बैग से 10 बोतल सिम्बा बीयर, देशी प्लेन शराब और मैडऑफ व्हिस्की सहित कुल 9 लीटर 50 मिलीलीटर शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3,800 रुपये है। इस आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में, चौकी प्रभारी खरसिया को ग्राम खोरसीपाली के एक व्यक्ति के बारे में सूचना मिली, जो मोटरसाइकिल पर अवैध कच्ची महुआ शराब लेकर खरसिया बस्ती की ओर बिक्री के लिए जा रहा था। पुलिस टीम ने हमालपारा रेलवे फाटक तालाब के पास घेराबंदी कर संदेही देवकुमार यादव पुत्र मनहरण यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम खोरसीपाली, थाना खरसिया को पकड़ा। उसके कब्जे से प्लास्टिक पन्नियों में भरी कुल 10 लीटर कच्ची महुआ शराब तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-AP-6121 जब्त की गई। इस आरोपी के खिलाफ धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इन दोनों कार्रवाइयों में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के साथ प्रशिक्षु उनि प्रवीण बांधव, प्रशिक्षु उनि लता साहू, आरक्षक धनंजय कश्यप, साविल चंद्रा, कीर्ति राम सिदार, गोविन्द बनर्जी और सिदार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा का आयोजन 20 जुलाई 2026, सोमवार को किया जाएगा। यह दिव्य आयोजन रायगढ़ जिले की तमनार तहसील के ग्राम बालजोर में संपन्न होगा, जहां सभी से श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ इस महोत्सव को भव्य एवं सफल बनाने का आह्वान किया गया है। इस रथ यात्रा महोत्सव के तहत रथ यात्रा प्रतियोगिता और रात्रिकालीन डांस प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने का निवेदन किया है। इच्छुक व्यक्ति 9165050372 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- यह पूरी घटना कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को हाथ-मुक्कों और डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।1
- छत्तीसगढ़ के मरवाही स्थित ग्राम उषाढ में दिनदहाड़े एक व्यवसायी गिरीश यादव का अपहरण कर लिया गया। दो अज्ञात बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर पिस्तौल की नोक पर उन्हें अगवा कर ले गए। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अपहरणकर्ता साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर फुटेज की मदद से जांच तेज कर दी है। व्यवसायी की पत्नी दुर्गा यादव ने पुलिस को बताया कि उनके पति गिरीश यादव ग्राम उषाढ में किराना, छड़-सीमेंट और आटा चक्की का व्यवसाय करते हैं। यह घटना दोपहर करीब 11 बजे हुई जब गिरीश यादव घर के गलियारे में सो रहे थे और उनका बेटा पंकज दुकान पर था। एक नीले रंग की कार से दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे, जिन्होंने दुकान से सिगरेट-पानी खरीदा और पंकज से उसके पिता के बारे में पूछा। पंकज जैसे ही अपने पिता को बुलाने अंदर जाने लगा, दोनों बदमाश जबरन घर में घुस गए। उन्होंने सो रहे गिरीश यादव को उठाया, स्टील रंग की पिस्तौल दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताया और विरोध करने पर पैर में गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद, बदमाश उन्हें जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की ओर ले गए। पंकज ने कार के नंबर का कुछ हिस्सा 'OD 8552' देखा था। घटना के बाद, व्यवसायी के छोटे भाई मनीष जायसवाल ने बरौर में कार को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश गाड़ी को मरवाही की तरफ तेजी से भगा ले गए। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ प्रेमिका से मुलाकात न होने पर एक नाबालिग आशिक अपने साथियों के साथ भड़क उठा और जमकर उत्पात मचाया। 10-11 मई की रात, इन बदमाशों ने मालखरौदा और जैजैपुर क्षेत्र के काशीगढ़, तुषार, बोदसरा, कचंदा, पीहरीद, छोटे सीपत, कलमी और जमगहान सहित कई गांवों में सड़क किनारे और घरों के पास खड़ी 28 कारों के शीशे तोड़ दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने 11 कारों से पर्स, नगदी, इलेक्ट्रॉनिक वायर, जैक-पाना सहित लगभग 47 हजार रुपये का सामान भी चुरा लिया। पीड़ितों की शिकायत के बाद मालखरौदा में 6 और जैजैपुर में 5 मामले दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने 20 से 25 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और टॉवर डंप से करीब 4 हजार मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया। जांच के दौरान, दिल्ली भागने की फिराक में खड़े आरोपी गुलशन कुमार बरेठ को खरसिया रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में हर्ष सिदार उर्फ बिट्टू और दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रेमिका से देर रात मुलाकात नहीं हो पाने के गुस्से में उसने इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 नाबालिगों सहित कुल 4 आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नगदी में से 4 हजार रुपये, 5 जैक, 5 रॉड, 2 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर, 2 स्टेपनी टायर और 2 डीजल वाइब्रेटर मशीन बरामद की गई हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि सक्ती पुलिस ने ग्राम सुखदा के दोनों आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस भी निकाला, जिससे इस मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई का संदेश गया।1