महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर की छत गिरने के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों को बचाने के प्रयासों को साफ देखा जा सकता है, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर की छत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, अधिकारियों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर की छत गिरने के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों को बचाने के प्रयासों को साफ देखा जा सकता है, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर की छत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, अधिकारियों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- Kanhaiya lal Joshiचित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थानkya hua kaise hua kyo hua1 hr ago
- Kapil Kumarकरोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्लीHii1 hr ago
- महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर की छत गिरने के बाद मची अफरा-तफरी और लोगों को बचाने के प्रयासों को साफ देखा जा सकता है, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर की छत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, अधिकारियों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1
- इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनादल (एस), एबीकेकेएम और समाज उत्थान समिति, इटावा के संयुक्त तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय, शांति कॉलोनी में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की आयोजिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजूलता राजपूत रहीं, जिन्होंने आयोजन से पहले एक स्वच्छता अभियान भी चलाया। योगाचार्य और संयोजक डॉ. हरीशंकर पटेल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, साथ ही तनाव, चिंता और विभिन्न रोगों से बचाव में सहायक सिद्ध होता है। डॉ. पटेल ने नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक विकास और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार पर जोर दिया। वहीं, योगाचार्य अंबरीष वर्मा ने कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चों को योग से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखने के समान है, क्योंकि योग न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों के उत्साह, अनुशासन, योग के प्रति समर्पण और योगाचार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में, आयोजिका मंजूलता राजपूत ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। इस आयोजन को सफल बनाने में सहायक अध्यापिका बेबी कुमारी, कतिकेय वर्मा, अभिभावक सीमा देवी, मजू कुमारी, आरती, राम दर्शन और विद्यालय के स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। जनपद इटावा में 21 जून को कई अन्य विद्यालयों में भी योग दिवस मनाया गया।2
- इटावा लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री जितेंद्र कुमार दोहरे जी के विरोध में विकास रावत ने 26 जुलाई, रविवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की है। विकास रावत का कहना है कि वे सांसद द्वारा एक समाज सेवक और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के विरोध में यह कदम उठा रहे हैं।1
- इटावा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कंपनी गार्डन में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता जी और अधिशासी अधिकारी श्री संतोष मिश्रा जी के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, वहीं योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। श्रीमती ज्योति गुप्ता जी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है, जिससे शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है।1
- आरके न्यूज़ 24 मीडिया के रवि कुमार ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए 'ईडी पार्टी' की तुलना महमूद गज़नवी से की है। इस पोस्ट के अनुसार, महमूद गज़नवी ने जहाँ सोमनाथ का मन्दिर लूटा था, वहीं 'ईडी पार्टी' पर प्रभु श्रीराम का मन्दिर लूटने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप एक 'ब्रेकिंग न्यूज़' और 'वायरल न्यूज़' के तौर पर सामने आया है, जिसमें न्याय की माँग की जा रही है और 'ब्रेकिंग साइकिल्स' का आह्वान किया गया है।1
- एक उपयोगकर्ता ने अपनी हालिया जगन्नाथ रथयात्रा के अनुभव को अपने जीवन की सबसे यादगार यात्रा बताया है। ओडिशा के पुरी से जुड़ी इस यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने भक्तिभाव से 'जय जगन्नाथ' का उद्घोष किया, जो इस अनुभव की अविस्मरणीयता को दर्शाता है।1
- गोण्डा में शहर आ रहे एक युवक रामनारायण मिश्र पर मांदे करमा गांव के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी वारदात में युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसे लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित रामनारायण ने इस जानलेवा हमले की साजिश रचने का आरोप सीधे बैंक कर्मियों पर लगाया है। घायल रामनारायण का एक बैंक से लोन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पहले भी बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। रामनारायण का आरोप है कि यह हमला बैंक कर्मियों द्वारा ही करवाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल रामनारायण का बयान दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। हमलावरों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। दिनदहाड़े हुए इस जानलेवा हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जिसे लेकर पुलिस ने जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- इटावा के बाड़पुरा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुनवारा और मानिकपुर गाँव के दो बच्चे आज सुबह नदी में नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से लापता हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवारा निवासी मुकेश बाबू के 11 वर्षीय पुत्र करण और मानिकपुर निवासी रामवीर के 15 वर्षीय पुत्र अमित सुबह करीब 10 बजे गाँव के अन्य लड़कों के साथ नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में समा गए। साथ मौजूद बच्चों ने तुरंत गाँव पहुँचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार मजिस्ट्रेट और बाड़पुरा थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। बच्चों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है, और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी बुला लिया गया है, जो जल्द ही मौके पर पहुँचने वाली है। फिलहाल दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर डटी हुई है और स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी हादसे की पूरी जानकारी दे दी गई है।3