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संत निरंकारी मण्डल की तीन टीमों ने धोपाप में किया सफाई कार्य
जितेन्द्र श्रीवास्तव
संत निरंकारी मण्डल की तीन टीमों ने धोपाप में किया सफाई कार्य
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय-समय पर ऐसे स्टेप्स लिए हैं जोना केवल आम जनता में उनकी पकड़ को मजबूत बनाने का उदाहरण है बल्कि सियासी समझ को भी बयां करने में सक्षम होता है। हाल ही में सरकार ने शिक्षामित्र की सैलरी में इजाफा विकी और साथ ही साथ बताया कि महिलाओं को बिना गारंटी लोन भी दिया जाएगा देख वीडियो में पूरी जानकारी1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया। कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं... राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी। मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं। सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया। अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।1
- मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है। सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है1
- Breaking – उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।1
- सीडीओ के निरीक्षण से ब्लॉक में मचा हड़कम्प अमेठी जिला विकास अधिकारी ने स्थानीय ब्लाक का औचक निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के रख रखाव और सफाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई जिला विकास अधिकारी बीरभान सिंह तहसील दिवस के बाद ब्लाक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के रख रखाव बीडीओ कार्यालय का आधा घंटा निरीक्षण किया उसके बाद आजिविका मिशन कार्यालय एडीओ पंचायत कार्यालय में जानकारी ली स्वच्छता फ़ाइलों के रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए3
- उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना पुलिस लाइन एवं तरुण चेतना संस्थान, प्रतापगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में पट्टी विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सेवापट्टी में “बाल विवाह मुक्त भारत” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना के प्रभारी संजय यादव ने बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। इसी क्रम में तरुण चेतना संस्थान की निदेशक नसीम अंसारी ने बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि जागरूक समाज ही बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उपस्थिति लोगों कल रविवार को हादीहाल प्रतापगढ़ में होने राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में भी बताया गया। कार्यक्रम में तरुण चेतना के सह-निदेशक हकीम अंसारी, कांस्टेबल तौसीफ रजा, संदीप कुमार, हमारा बानो, रेखा पटेल सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाल विवाह को रोकने और समाज को जागरूक बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने एवं न होने देने की शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में सार्थक प्रगति होगी।1
- भारत समाचार 72 न्यूज को हर जिले तहसील में रिपोर्टर और व्यूरों की आवश्यकता है किसी भी खबर और सूचना के लिए सम्पर्क-जितेन्द्र श्रीवास्तव 8853980016,अशोक कुमार वर्मा-99362200571
- #रायबरेली| निमिषा कान्वेंट स्कूल में 11वीं की छात्रा अनुष्का को एक्जाम में नही बैठने दिया गया. फीस ना भर पाने की वजह से अनुष्का 3 महीने से स्कूल भी नही जा पा रही है. अनुष्का के पिता की पिछले दिनों कैंसर मे मृत्यु हो चुकी है.1
- अमेठी में पुलिस और गोकश जुनैद के बीच हुई गोलीबारी में शातिर हुआ लंगड़ा अमेठी के इन्हौना थाना क्षेत्र के करन गांव के जंगल में पुलिस और गोकशी का शातिर अपराधी जुनैद के बीच हुई मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से चली गोली में अपराधी जुनैद के पैर में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दो दिन पहले गोकश जुनैद ने उसी जंगल में गोकशी किया था और एक बार फिर शुक्रवार को भी गोकशी की घटना को अंजाम देकर मौके से निकल रहा था तभी ये जानकारी पुलिस को मिली तो उसने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया और अंततः देर रात उससे मुठभेड़ हो गई और गिरफ्तार कर लिया गया। इन्हौना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शातिर अपराधी जुनैद शुक्रवार को गोकशी की घटना करने के बाद करन गांव के जंगल से निकलकर गंदा नाला होते हुए सेमरौता की ओर जाएगा। इसकी सूचना इन्हौना पुलिस से उच्चाधिकारियों को दी। एसपी अमेठी ने पुलिस को दो टीमों को उसे पकड़ने के लिए लगा दिया। टीम ने घेरा बंदी की तो अपराधी जुनैद ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में जुनैद के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घायल जुनैद के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा व एक जिंदा कारतूस, एक बाइक और गोकशी करने का उपकरण बरामद किया है। जुनैद से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसके कई अन्य साथियों को भी गिरफ्तार करते हुए सभी के आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी हुई है। घायल जुनैद को पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल भेजा। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य संलग्न कराते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई है।1