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मंगवां क्षेत्र की जनता अपने विधायक नरेंद्र प्रजापति से गंभीर समस्याओं को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही है। लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में सड़क और पानी की काफी समस्याएँ हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय जनता इस बात से भी नाराज़ है कि विधायक जी चुनाव जीतने के बाद एक बार भी उनके गाँव में नहीं आए हैं। क्षेत्र की जनता इन मुद्दों को लेकर अपनी बात सामने रख रही है।
Avi Standing with the truth
मंगवां क्षेत्र की जनता अपने विधायक नरेंद्र प्रजापति से गंभीर समस्याओं को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही है। लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में सड़क और पानी की काफी समस्याएँ हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय जनता इस बात से भी नाराज़ है कि विधायक जी चुनाव जीतने के बाद एक बार भी उनके गाँव में नहीं आए हैं। क्षेत्र की जनता इन मुद्दों को लेकर अपनी बात सामने रख रही है।
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- माडा थाना क्षेत्र के कुल्हूई गांव में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सीधा प्रहार करते हुए यह कड़ी टिप्पणी की गई है कि आखिर क्यों उन्हें कपड़े, दवाई और खाना दिया जा रहा है। इस बयान में तीखे लहजे में सवाल उठाया गया है कि क्या वे कोई जमाई हैं, जिन्हें ऐसी सहायता प्रदान की जाए।1
- वैश्विक संकट के इस दौर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दैनिक जीवन में मितव्ययता बरतने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संदेश को आत्मसात करने और उस पर अमल करने के प्रति अपनी और सभी की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।1
- सतना जिले में, व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर अपनी बात रखी और नारे लगाए। यह कार्रवाई सतना सड़क पर की गई।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर मितव्ययता और सादगी का संदेश देते हुए 28 मई को इंदौर से उज्जैन की यात्रा बस से की और अपना काफिला छोड़ दिया। इस यात्रा में उनके साथ मंत्री और सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने इस अवसर पर जनता से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर चलने का आग्रह किया, और कहा कि वे प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रहे हैं, जिसमें प्रशासनिक खर्चों में संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मितव्ययता का संदेश दिया है और इसी कड़ी में वह स्वयं एक लोकल वाहन से इंदौर से उज्जैन जा रहे हैं। उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, जिलाध्यक्ष और सभी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी यात्रा कर रहे थे। उन्होंने ज़ोर दिया कि वर्तमान वैश्विक संकट में सभी संसाधनों का मितव्ययता से उपयोग करना आवश्यक है। उनकी यह पहल सादगीपूर्ण प्रशासन, ईंधन की बचत और अनावश्यक खर्चों में कमी की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसा संदेश दिया हो। कुछ दिनों पहले सिंगरौली जिले के प्रवास के दौरान भी वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे और तब भी उनका काफिला साथ नहीं था। उस समय उन्होंने कहा था कि किसी जनप्रतिनिधि की पहचान प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि जनता का प्रेम और उसकी सेवा है।1
- अमित शाह इस समय बोल रहे हैं। उनके द्वारा कही जा रही बातों पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 मई को इंदौर से उज्जैन तक का सफर बस से तय करके एक बार फिर मितव्ययता और सादगी का संदेश दिया, जिसके लिए उन्होंने अपना काफिला छोड़ दिया। इस यात्रा में उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और जिलाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील पर चलने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे स्वयं भी एक लोकल वाहन से यात्रा कर रहे हैं और सभी को वर्तमान वैश्विक संकट में संसाधनों का संयमित उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रहे हैं, जहाँ प्रशासनिक खर्चों में संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। उनकी यह पहल सादगीपूर्ण प्रशासन, ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों में कमी की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कुछ दिनों पहले सिंगरौली जिले के प्रवास के दौरान भी इसी तरह का संदेश दिया था, जब वे कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने के लिए टूरिस्ट बस में बैठे थे और उनका काफिला साथ नहीं था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि किसी भी जनप्रतिनिधि की पहचान प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता के प्रेम और उनकी सेवा से होती है।1
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