छपरौली मे डिलीवरी मेन से जबरन हमला कर गैस सिलिंडर छीनने का आरोप BAGHPAT DESK :- बागपत के छपरौली कस्बे में एक उपभोक्ता ने डिलीवरी मैन पर ईंट से हमला कर जबरन गैस सिलेंडर छीन लिया। पुलिस ने बाद में उपभोक्ता से सिलेंडर वापस कराया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना बुधवार को तब हुई जब एचपी गैस एजेंसी की आईडी तीन दिन पहले लॉक होने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रियंका गैस एजेंसी एलम और ओजस गैस एजेंसी बड़ौत में स्थानांतरित किए गए थे। प्रियंका गैस एजेंसी एलम के डिलीवरी मैन नौशाद धनकोशिया पट्टी में होम डिलीवरी कर रहे थे। तभी एक उपभोक्ता आया और रिक्शे से जबरदस्ती सिलेंडर उठाने लगा। डिलीवरी मैन नौशाद ने उपभोक्ता से पर्ची दिखाने को कहा। आरोप है कि उपभोक्ता ने पर्ची दिखाने के बजाय दबंगई दिखाते हुए सिलेंडर उठाना चाहा। जब नौशाद ने इसका विरोध किया, तो उपभोक्ता ने उन पर ईंट से हमला कर दिया और जबरन सिलेंडर लेकर चला गया। पीड़ित डिलीवरी मैन ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जानकारी ली और उपभोक्ता से सिलेंडर वापस करा दिया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इस घटना को लेकर कस्बे के अन्य डिलीवरीमैनों में आक्रोश है। छपरौली इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
छपरौली मे डिलीवरी मेन से जबरन हमला कर गैस सिलिंडर छीनने का आरोप BAGHPAT DESK :- बागपत के छपरौली कस्बे में एक उपभोक्ता ने डिलीवरी मैन पर ईंट से हमला कर जबरन गैस सिलेंडर छीन लिया। पुलिस ने बाद में उपभोक्ता से सिलेंडर वापस कराया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना बुधवार को तब हुई जब एचपी गैस एजेंसी की आईडी तीन दिन पहले लॉक होने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रियंका गैस एजेंसी एलम और ओजस गैस एजेंसी बड़ौत में स्थानांतरित किए गए थे। प्रियंका गैस एजेंसी एलम के डिलीवरी मैन नौशाद धनकोशिया पट्टी में होम डिलीवरी कर रहे थे। तभी एक उपभोक्ता आया और रिक्शे से जबरदस्ती सिलेंडर उठाने लगा। डिलीवरी मैन नौशाद ने उपभोक्ता से पर्ची दिखाने को कहा। आरोप है कि उपभोक्ता ने पर्ची दिखाने के बजाय दबंगई दिखाते हुए सिलेंडर उठाना चाहा। जब नौशाद ने इसका विरोध किया, तो उपभोक्ता ने उन पर ईंट से हमला कर दिया और जबरन सिलेंडर लेकर चला गया। पीड़ित डिलीवरी मैन ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जानकारी ली और उपभोक्ता से सिलेंडर वापस करा दिया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इस घटना को लेकर कस्बे के अन्य डिलीवरीमैनों में आक्रोश है। छपरौली इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
- अमीन नगर सराय में दबंगों ने गरीब युवकों को पकड़ कर बहुत मारा और बहुत उनके शरीर में चोटे आई मेरा सभी भाइयों से निवेदन है की ज्यादा से ज्यादा शेयर और कमेंट करें4
- Post by Gram Seva1
- BAGHPAT DESK :- बागपत के मिलाना और खपराना के बीच जंगल में पिछले तीन दिनों से किसानों को तेंदुआ दिखाई दे रहा है। वन विभाग की टीम ने जंगल में डेरा डाला है और तेंदुआ की तलाश की जा रही है। किसानों ने तेंदुए का वीडियो भी बनाया है। किसानों ने बताया कि तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर खपराना निवासी प्रदीप के खेत में घुस गया। किसान प्रदीप ने बताया कि वह अपने भांजे के साथ खेत की ट्रैक्टर से जुताई कर रहा था, तभी तेंदुआ उसकी गन्ने की फसल में घुस गया। गन्ने की फसल में पानी भरा होने के कारण तेंदुआ भाग नहीं पा रहा था, जिससे किसानों ने दूर से उसका वीडियो बना लिया। राहगीरों मंटू, सुरेश और जगपाल ने भी बताया कि तेंदुआ कई दिनों से जंगल में दिख रहा है। किसी वाहन का शोर सुनकर वह वन क्षेत्र में चला जाता है। वन क्षेत्राधिकारी बड़ौत सुरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि मौके पर वन दरोगा विनोद कुमार और संजीव कुमार सहित एक टीम भेजी गई थी। टीम ने किसानों के साथ जंगलों में कॉम्बिंग भी की, लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। किसानों को बचाव के उपाय बताए गए हैं। उन्हें सलाह दी गई है कि तेंदुआ दिखने पर बेवजह उस पर पत्थर आदि न फेंकें और रात में टॉर्च की रोशनी के साथ जंगल में जाएं। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक खेती में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, वन विभाग की टीम जंगल में डेरा डाले हुए है। किसान समूह बनाकर खेतों में जाने को मजबूर हैं।1
- बागपत के शहर कोतवाली क्षेत्र में लापता युवक के शव को पुलिस द्वारा लावारिस मानकर अंतिम संस्कार किए जाने पर परिजनो और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। नाराज लोगों ने कोतवाली के सामने प्रदर्शन करते हुए कोर्ट रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया। मामला संतोषपुर गांव के पास नहर किनारे मिले एक शव से जुड़ा है। मृतक की पहचान कृष्णपाल के रूप में हुई, जो छह दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियो में लापता हो गए थे। परिजनो का आरोप है कि शव मिलने के बाद पुलिस ने पहचान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे। उनका कहना है कि कृष्णपाल की मौत किन परिस्थितियो मे हुई, यह स्पष्ट किया जाए। यदि मामला हत्या का है, तो दोषियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। मृतक के भतीजे कपिल कुमार ने बताया कि कृष्णपाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो बेटे और दो बेटिया हैं, जिनका पालन-पोषण वे मेहनत मजदूरी कर करते थे। पुलिस अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- दिल्ली के विजय विहार इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां दोस्ती ने ही खौफनाक मोड़ ले लिया। जानकारी के मुताबिक दो दोस्त एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने गुस्से में आकर अपने ही दोस्त पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।1
- भिवानी में ट्रेन की चपेट में आने से BSF जवान की मौत1
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST एक्ट) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को उसकी जाति से संबोधित किया जाता है, लेकिन उसमें अपमानित करने या डराने की मंशा नहीं है, तो इसे इस कानून के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।यह फैसला जस्टिस मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने अमय पांडे और तीन अन्य द्वारा दायर आपराधिक अपील पर सुनाया। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि भारतीय दंड संहिता के तहत चल रही कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, साल 2019 में अमय पांडे और अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और जातिगत टिप्पणी की। हालांकि, आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पूरा मामला विरोधाभासी है और दुर्भावनापूर्ण तरीके से गढ़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में शुरू में जातिगत गाली या अपमान का कोई जिक्र नहीं था। बल्कि यह केवल एक सामान्य विवाद और कथित मारपीट का मामला था जो एक शादी समारोह के दौरान हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बदलाव करते हुए जातिगत टिप्पणी और हमले का नया आरोप जोड़ा और यह भी कहा कि उसने आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर की है। हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की? कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अभियोजन के मामले में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। प्राथमिकी और बाद के बयानों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में केवल मामूली चोटों का उल्लेख है, जो अभियोजन की गंभीर आरोपों वाली कहानी से मेल नहीं खाता। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि मामले की पृष्ठभूमि एक निजी विवाद से जुड़ी प्रतीत होती है, जिससे यह शक और गहरा होता है कि SC/ST एक्ट का उपयोग सही संदर्भ में किया गया या नहीं। एक्ट को लेकर स्पष्टता अपने फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट के प्रावधान लागू करने के लिए यह जरूरी है कि आरोपी ने जानबूझकर पीड़ित को उसकी जाति के आधार पर अपमानित या डराया हो। वहीं यह कृत्य सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक दृष्टि में किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि केवल किसी को उसकी जाति से पुकारना या सामान्य गाली-गलौज या झगड़ा SC/ST एक्ट के दायरे में नहीं आता। जब तक उसमें स्पष्ट रूप से जातिगत अपमान की मंशा न हो।4
- BAGHPAT DESK :- बागपत के छपरौली कस्बे में एक उपभोक्ता ने डिलीवरी मैन पर ईंट से हमला कर जबरन गैस सिलेंडर छीन लिया। पुलिस ने बाद में उपभोक्ता से सिलेंडर वापस कराया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना बुधवार को तब हुई जब एचपी गैस एजेंसी की आईडी तीन दिन पहले लॉक होने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रियंका गैस एजेंसी एलम और ओजस गैस एजेंसी बड़ौत में स्थानांतरित किए गए थे। प्रियंका गैस एजेंसी एलम के डिलीवरी मैन नौशाद धनकोशिया पट्टी में होम डिलीवरी कर रहे थे। तभी एक उपभोक्ता आया और रिक्शे से जबरदस्ती सिलेंडर उठाने लगा। डिलीवरी मैन नौशाद ने उपभोक्ता से पर्ची दिखाने को कहा। आरोप है कि उपभोक्ता ने पर्ची दिखाने के बजाय दबंगई दिखाते हुए सिलेंडर उठाना चाहा। जब नौशाद ने इसका विरोध किया, तो उपभोक्ता ने उन पर ईंट से हमला कर दिया और जबरन सिलेंडर लेकर चला गया। पीड़ित डिलीवरी मैन ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जानकारी ली और उपभोक्ता से सिलेंडर वापस करा दिया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इस घटना को लेकर कस्बे के अन्य डिलीवरीमैनों में आक्रोश है। छपरौली इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।1