बस्सी (जयपुर ग्रामीण) बस्सी थाने में पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस, बस्सी सर्किल के तीन थानों के परिवादी पहुंचे, कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुनी लोगों की शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, स्थानीय स्तर पर समाधान के दिए निर्देश एंकर जयपुर के बस्सी थाना परिसर में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। बस्सी (जयपुर ग्रामीण) बस्सी थाने में पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस, बस्सी सर्किल के तीन थानों के परिवादी पहुंचे, कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुनी लोगों की शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, स्थानीय स्तर पर समाधान के दिए निर्देश एंकर जयपुर के बस्सी थाना परिसर में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस जनसुनवाई में बस्सी सर्किल के बस्सी, कानोता और तूंगा थाना क्षेत्रों से जुड़े परिवादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त ने एक-एक परिवादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।।इस दौरान जयपुर पूर्व डीसीपी रंजीता शर्मा, एडिशनल एसपी आलोक सिंघल, बस्सी एसीपी आईपीएस विनय डी.एच. सहित सभी संबंधित थाना अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी परिवादियों की समस्याओं को सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और आमजन को बार-बार थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बस्सी (जयपुर ग्रामीण) बस्सी थाने में पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस, बस्सी सर्किल के तीन थानों के परिवादी पहुंचे, कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुनी लोगों की शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, स्थानीय स्तर पर समाधान के दिए निर्देश एंकर जयपुर के बस्सी थाना परिसर में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। बस्सी (जयपुर ग्रामीण) बस्सी थाने में पुलिस आयुक्त
की जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस, बस्सी सर्किल के तीन थानों के परिवादी पहुंचे, कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुनी लोगों की शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, स्थानीय स्तर पर समाधान के दिए निर्देश एंकर जयपुर के बस्सी थाना परिसर में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस जनसुनवाई में बस्सी
सर्किल के बस्सी, कानोता और तूंगा थाना क्षेत्रों से जुड़े परिवादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त ने एक-एक परिवादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।।इस दौरान जयपुर पूर्व डीसीपी रंजीता
शर्मा, एडिशनल एसपी आलोक सिंघल, बस्सी एसीपी आईपीएस विनय डी.एच. सहित सभी संबंधित थाना अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी परिवादियों की समस्याओं को सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और आमजन को बार-बार थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- ये है जयपुर निवासी सीमा गोविंद सिंह। अपना अनुभव बताते हुए कहा है कि राजनीति में महिलाओं का रास्ता बिस्तर से जाता है। भाजपा के नेता रह चुके कल्याणसिंह पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि एक साल में ही उन्होंने राजनीति छोड़ दी थी। ऐप्सटाइन फाइल के बाद भारत में #Me_too_part_two शुरू हो चुका है। ये तो अभी शुरुआत है, आगे आगे देखिए, ये हैशटैग कितने पुरुषों की राजनीति को खत्म कर देता है।1
- उदयपुर की सियासत में एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं… पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के बार-बार उदयपुर दौरे अब सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि विवाद का विषय बन चुके हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि सवाल किसी विपक्ष ने नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़े अधिवक्ता, पूर्व पार्षद डॉ. विजय विप्लवी ने उठाए हैं… और वो भी सीधे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में। जब “अपने” ही सवाल उठाने लगें, तो मामला सामान्य नहीं रहता… क्या यह सिर्फ एक संयोग है या फिर इसके पीछे कुछ और बड़ा छिपा है? 📩 आखिर उस पत्र में ऐसा क्या लिखा है जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को हिला दिया? 📍 क्या संवैधानिक मर्यादाओं की सीमा कहीं लांघी जा रही है? #UjalaDarpan1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- Post by Dhana Ram2
- लक्ष राजस्थानी म्यूजिकल ग्रुप एंड मैनेजमेंट ऑल राजस्थान1
- जोधपुर ग्रामीण में नव नियुक्त एसपी पीडी नित्या ने अपने अनोखे अंदाज़ से एक खास संदेश दिया है। एक थाने के निरीक्षण के दौरान जब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, तो वहां मौजूद लोग उस पल को देखते रह गए। थाने में उनके स्वागत के लिए कारपेट और चौकी जैसी पारंपरिक व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन एसपी नित्या ने इन औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए चौकी को पैर से एक तरफ सरका दिया और सीधे जवानों के बराबर खड़ी हो गईं। उनका यह कदम सिर्फ एक साधारण इशारा नहीं था, बल्कि यह सादगी, समानता और अनावश्यक तामझाम के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी था। गार्ड ऑफ ऑनर जैसी परंपराएं लंबे समय से चली आ रही हैं, जिनका इतिहास ब्रिटिश और रियासतकाल से जुड़ा रहा है, लेकिन नित्या के इस अंदाज़ ने यह दिखा दिया कि समय के साथ सोच में बदलाव भी जरूरी है। एसपी नित्या का यह व्यवहार सोशल मीडिया और आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके इस कदम की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं।1
- बस्सी (जयपुर ग्रामीण) बस्सी थाने में पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस, बस्सी सर्किल के तीन थानों के परिवादी पहुंचे, कमिश्नर सचिन मित्तल ने सुनी लोगों की शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, स्थानीय स्तर पर समाधान के दिए निर्देश एंकर जयपुर के बस्सी थाना परिसर में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस जनसुनवाई में बस्सी सर्किल के बस्सी, कानोता और तूंगा थाना क्षेत्रों से जुड़े परिवादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त ने एक-एक परिवादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।।इस दौरान जयपुर पूर्व डीसीपी रंजीता शर्मा, एडिशनल एसपी आलोक सिंघल, बस्सी एसीपी आईपीएस विनय डी.एच. सहित सभी संबंधित थाना अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी परिवादियों की समस्याओं को सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और आमजन को बार-बार थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।4