धिक्कार है इंसान! गंदगी और प्लास्टिक खाने को मजबूर गौ माता - कुशलगढ़ डंपिंग यार्ड भगवान भरोसे प्राइम न्युज राजस्थान ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ बांसवाड़ा कुशलगढ़, बांसवाड़ा का वह कस्बा जिसे वागड़ की संस्कृति और भक्ति का केंद्र कहा जाता है, आज एक शर्मनाक तस्वीर दिखा रहा है। यहां का डंपिंग यार्ड, जहां नगर पालिका का कचरा फेंका जाता है, अब गौ माताओं का चारागाह बन गया है। जिस गाय को हम माता कहकर पूजते हैं, जिसकी आरती उतारते हैं, वही गौ माता आज पॉलिथीन, सड़े-गले कचरे और प्लास्टिक की थैलियां खाने को मजबूर है। *कुशलगढ़ का डंपिंग यार्ड - मौत का मैदान* कुशलगढ़ में कचरा निस्तारण की कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं है। हर दिन का कूड़ा-कचरा, होटल का जूठा, बाजार की सड़ी सब्जियां, प्लास्टिक की बोतलें और पॉलिथीन सब एक ही जगह डंप कर दिया जाता है। न चारदीवारी, न देखरेख। सुबह होते ही 50 से 100 गायें इस कचरे के ढेर पर टूट पड़ती हैं। भूख से मजबूर गौ माता को रोटी के साथ प्लास्टिक भी निगलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लास्टिक खा-खा कर कई गायों की आंते बंद हो जाती हैं, वे तड़प-तड़प कर मर जाती हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार एक गाय के पेट से 20 से 40 किलो तक प्लास्टिक निकलता है। यह धीरे-धीरे उसकी जान ले लेता है। कुशलगढ़ डंपिंग यार्ड में तो ऐसी कई गायें बीमार और लाचार घूमती दिखती हैं। *धिक्कार है इंसान की सोच पर* हम एक तरफ गौशाला के नाम पर चंदा इकट्ठा करते हैं, गौ रक्षा के नारे लगाते हैं, सोशल मीडिया पर गाय की फोटो डालकर जय गौ माता लिखते हैं। दूसरी तरफ उसी गौ माता को हम अपने ही हाथों से जहर खिला रहे हैं। सब्जी लेते समय पॉलिथीन, कचरा फेंकते समय पॉलिथीन, मंदिर में प्रसाद भी पॉलिथीन में। यही पॉलिथीन अंत में गाय के पेट में जाती है। नगर पालिका की भी जिम्मेदारी है। कचरा प्रबंधन के लिए बजट आता है, लेकिन उसका उपयोग नहीं होता। न गीला-सूखा कचरा अलग होता है, न डंपिंग यार्ड पर गायों को रोकने की व्यवस्था। *कौन जिम्मेदार?* 1. *नगर पालिका कुशलगढ़:* डंपिंग यार्ड की चारदीवारी नहीं, कचरा अलग करने की मशीन नहीं, गौवंश को रोकने के लिए कोई कर्मचारी नहीं। 2. *हम लोग:* हमने गायों को आवारा छोड़ दिया। दूध लेना बंद तो गाय को सड़क पर छोड़ दिया। अब वह कचरा खाने को मजबूर है। 3. *प्रशासन:* पॉलिथीन बैन का कानून है पर पालन नहीं। दुकानों पर आज भी खुलेआम पॉलिथीन मिल रही है। *समाधान क्या है?* कुशलगढ़ को बचाना है तो तुरंत कदम उठाने होंगे। पहला, डंपिंग यार्ड को चारदीवारी से बंद किया जाए और वहां गायों के जाने पर रोक लगे। दूसरा, कचरा घर-घर से अलग-अलग लिया जाए - गीला कचरा और सूखा कचरा। गीला कचरे से खाद बने और सूखे कचरे को रिसाइकिल किया जाए। तीसरा, कुशलगढ़ में एक बड़ी गौशाला और कांजी हाउस बनाया जाए जहां आवारा गौवंश को रखा जा सके। चौथा, पॉलिथीन पर सख्ती से रोक लगे और लोगों को कपड़े के थैले दिए जाएं। पांचवां, पशु चिकित्सा शिविर लगाकर डंपिंग यार्ड की गायों का इलाज किया जाए। *अंत में* गौ माता सिर्फ वोट और नोट का मुद्दा नहीं है। वह हमारी आस्था है। अगर कुशलगढ़ में ही गौ माता प्लास्टिक खाकर मरेगी तो हमारे मंदिर, हमारी पूजा सब व्यर्थ है। आज जरूरत है कि नगर पालिका, प्रशासन और हम सभी नागरिक मिलकर इस पाप से मुक्ति पाएं। नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब कुशलगढ़ का डंपिंग यार्ड गौ माताओं का श्मशान बन जाएगा। धिक्कार है ऐसी व्यवस्था पर जहां गौ माता भगवान भरोसे है और इंसान मूकदर्शक। क्यों बना हुआ है हमने जब राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के प्रमुख संत नरसिंह गीरी महाराज व किन्नर समाज की गादी पती किन्नर गोरी बुआ से सवाल किया तो दोनों कुशलगढ़ स्थित यंपीग यार्ड में पंहुचे तथा दोनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज गौ माता प्लास्टिक का विचरण कर रहीं हैं गेट पर दरवाजा व जाली नहीं होने से मंदिरों में गंदगी उड़ कर आ रही है संक्रमण फेलने का डर बना रहता है देखना यह होगा कि क्या नगरपालिका प्रशासन उपखंड प्रषासन व विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि इस और कब ध्यान देंगे यह तो वक्त ही बताएगा!
धिक्कार है इंसान! गंदगी और प्लास्टिक खाने को मजबूर गौ माता - कुशलगढ़ डंपिंग यार्ड भगवान भरोसे प्राइम न्युज राजस्थान ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ बांसवाड़ा कुशलगढ़, बांसवाड़ा का वह कस्बा जिसे वागड़ की संस्कृति और भक्ति का केंद्र कहा जाता है, आज एक शर्मनाक तस्वीर दिखा रहा है। यहां का डंपिंग यार्ड, जहां नगर पालिका का कचरा फेंका जाता है, अब गौ माताओं का चारागाह बन गया है। जिस गाय को हम माता कहकर पूजते हैं, जिसकी आरती उतारते हैं, वही गौ माता आज पॉलिथीन, सड़े-गले कचरे और प्लास्टिक की थैलियां खाने को मजबूर है। *कुशलगढ़ का डंपिंग यार्ड - मौत का मैदान* कुशलगढ़ में कचरा निस्तारण की कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं है। हर दिन का कूड़ा-कचरा, होटल का जूठा, बाजार की सड़ी सब्जियां, प्लास्टिक की बोतलें और पॉलिथीन सब एक ही जगह डंप कर दिया जाता है। न चारदीवारी, न देखरेख। सुबह होते ही 50 से 100 गायें इस कचरे के ढेर पर टूट पड़ती हैं। भूख से मजबूर गौ माता को रोटी के साथ प्लास्टिक भी निगलना पड़ता है। स्थानीय
लोगों का कहना है कि प्लास्टिक खा-खा कर कई गायों की आंते बंद हो जाती हैं, वे तड़प-तड़प कर मर जाती हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार एक गाय के पेट से 20 से 40 किलो तक प्लास्टिक निकलता है। यह धीरे-धीरे उसकी जान ले लेता है। कुशलगढ़ डंपिंग यार्ड में तो ऐसी कई गायें बीमार और लाचार घूमती दिखती हैं। *धिक्कार है इंसान की सोच पर* हम एक तरफ गौशाला के नाम पर चंदा इकट्ठा करते हैं, गौ रक्षा के नारे लगाते हैं, सोशल मीडिया पर गाय की फोटो डालकर जय गौ माता लिखते हैं। दूसरी तरफ उसी गौ माता को हम अपने ही हाथों से जहर खिला रहे हैं। सब्जी लेते समय पॉलिथीन, कचरा फेंकते समय पॉलिथीन, मंदिर में प्रसाद भी पॉलिथीन में। यही पॉलिथीन अंत में गाय के पेट में जाती है। नगर पालिका की भी जिम्मेदारी है। कचरा प्रबंधन के लिए बजट आता है, लेकिन उसका उपयोग नहीं होता। न गीला-सूखा कचरा अलग होता है, न डंपिंग यार्ड पर गायों को रोकने की व्यवस्था। *कौन जिम्मेदार?* 1. *नगर पालिका कुशलगढ़:* डंपिंग
यार्ड की चारदीवारी नहीं, कचरा अलग करने की मशीन नहीं, गौवंश को रोकने के लिए कोई कर्मचारी नहीं। 2. *हम लोग:* हमने गायों को आवारा छोड़ दिया। दूध लेना बंद तो गाय को सड़क पर छोड़ दिया। अब वह कचरा खाने को मजबूर है। 3. *प्रशासन:* पॉलिथीन बैन का कानून है पर पालन नहीं। दुकानों पर आज भी खुलेआम पॉलिथीन मिल रही है। *समाधान क्या है?* कुशलगढ़ को बचाना है तो तुरंत कदम उठाने होंगे। पहला, डंपिंग यार्ड को चारदीवारी से बंद किया जाए और वहां गायों के जाने पर रोक लगे। दूसरा, कचरा घर-घर से अलग-अलग लिया जाए - गीला कचरा और सूखा कचरा। गीला कचरे से खाद बने और सूखे कचरे को रिसाइकिल किया जाए। तीसरा, कुशलगढ़ में एक बड़ी गौशाला और कांजी हाउस बनाया जाए जहां आवारा गौवंश को रखा जा सके। चौथा, पॉलिथीन पर सख्ती से रोक लगे और लोगों को कपड़े के थैले दिए जाएं। पांचवां, पशु चिकित्सा शिविर लगाकर डंपिंग यार्ड की गायों का इलाज किया जाए। *अंत में* गौ माता सिर्फ वोट और नोट का मुद्दा नहीं है। वह हमारी आस्था है।
अगर कुशलगढ़ में ही गौ माता प्लास्टिक खाकर मरेगी तो हमारे मंदिर, हमारी पूजा सब व्यर्थ है। आज जरूरत है कि नगर पालिका, प्रशासन और हम सभी नागरिक मिलकर इस पाप से मुक्ति पाएं। नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब कुशलगढ़ का डंपिंग यार्ड गौ माताओं का श्मशान बन जाएगा। धिक्कार है ऐसी व्यवस्था पर जहां गौ माता भगवान भरोसे है और इंसान मूकदर्शक। क्यों बना हुआ है हमने जब राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के प्रमुख संत नरसिंह गीरी महाराज व किन्नर समाज की गादी पती किन्नर गोरी बुआ से सवाल किया तो दोनों कुशलगढ़ स्थित यंपीग यार्ड में पंहुचे तथा दोनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज गौ माता प्लास्टिक का विचरण कर रहीं हैं गेट पर दरवाजा व जाली नहीं होने से मंदिरों में गंदगी उड़ कर आ रही है संक्रमण फेलने का डर बना रहता है देखना यह होगा कि क्या नगरपालिका प्रशासन उपखंड प्रषासन व विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि इस और कब ध्यान देंगे यह तो वक्त ही बताएगा!
- कुशलगढ़ में चुनावी घमासान तेज, कांग्रेस के जनसंपर्क के बीच भाजपा खेमे को झटका! कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव को लेकर चुनावी माहौल पूरे शबाब पर पहुंच गया है। विभिन्न वार्डों में चुनाव कार्यालय खुलने के साथ ही नगर में झंडे-बैनरों से चुनावी रंग नजर आने लगा है। वहीं, दोनों प्रमुख दलों में एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अपने पाले में लाने की कवायद भी तेज हो गई है। शनिवार दोपहर क्षेत्रीय विधायक रमिला खड़िया ने कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में विभिन्न वार्डों में जनसंपर्क किया। उन्होंने वार्ड नंबर 1 के कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र परमार, वार्ड नंबर 2 के उम्मीदवार दीपेश पांचाल सहित अन्य प्रत्याशियों के समर्थन में मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की। जनसंपर्क के दौरान विधायक खड़िया सब्जी मंडी पहुंचीं और सब्जी विक्रेताओं से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का बोर्ड बनने पर व्यवस्थित सब्जी मंडी का निर्माण कराया जाएगा और खुले में लगने वाली मंडी को सुव्यवस्थित किया जाएगा। मंडी में गंदगी की समस्या को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। विधायक ने कहा कि कांग्रेस का बोर्ड बनने पर नगर की जीवनरेखा हिरण नदी का गहरीकरण, आवश्यक पुलिया निर्माण और नदी के दोनों किनारों पर घाटों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इसी दौरान भाजपा की ओर से चुनावी आवेदन करने वाले मोनू उर्फ जीतू पडियार तथा कुछ समय पूर्व भाजपा में शामिल हुए सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक जोशी ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके कांग्रेस में शामिल होने पर कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाए। जनसंपर्क अभियान में जनपद सदस्य विजय सिंह खड़िया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हंसमुखलाल सेठ, ब्लॉक अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या, जिला उपाध्यक्ष मांगीलाल नायक, युवा नेता रोहित खड़िया, रितेश रावत, प्रीति तलेसरा, कमलेश खेमीसरा और सुरेश गादिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- अरनोद नगर पालिका चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, किया मतदान केन्द्रो का निरिक्षण1
- सड़क से निकली कंक्रीट बनी हादसे का कारण, रोज गिर रहे वाहन चालक धंबोला। कुंवाडिया फला उच्च प्राथमिक विद्यालय से बॉडमली रोड धंबोला तक जाने वाली डामरीकरण सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क की डामर परत जगह-जगह से उखड़ चुकी है और बड़ी-बड़ी कंक्रीट बाहर निकल आई हैं। ये कंक्रीट अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक इनसे असंतुलित होकर सड़क पर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग विद्यालय सहित आसपास के फलों और गांवों को धंबोला कस्बे से जोड़ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, ग्रामीण और वाहन चालक इस सड़क से गुजरते हैं। सड़क पर उभरी कंक्रीट और गड्ढों के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से सड़क से निकली कंक्रीट दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली की जानकारी संबंधित विभाग को होने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने तत्काल सड़क का निरीक्षण करवाकर बाहर निकली कंक्रीट हटाने, गड्ढों की मरम्मत करने और गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सड़क नहीं सुधारी गई तो भविष्य में होने वाले हादसों की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। #धंबोला #Dungarpur #डूंगरपुर #राजस्थान #सड़क #सड़क_हादसा #RoadSafety #RoadAccident #NewsUpdate #RajasthanNews #LocalNews #BreakingNews #ग्रामीण_समस्या #जनसमस्या1
- कतीसौर के दो भाई बहिन के महू के लोधिया कुंड में डूबने से मौत , मचा हाहाकार ,पैर फिसलने से बच्ची कुंड में गिरी, बचाने गया था भाई कतीसौर के दो भाई बहिन के महू के लोधिया कुंड में डूबने से मौत , मचा हाहाकार ,पैर फिसलने से बच्ची कुंड में गिरी, बचाने गया था भाई कतीसौर निवासी दो चचेरे भाई बहिन की सोमवार को एमपी के महू के सिमरोल थाना क्षेत्र के लोधिया कुंड में डूबने से मौत हो गई। मृतक अपने परिवार के साथ घूमने पहुंचे थे और बहिन के कुंड में पैर फिसलने से बचाने दौड़े भाई सहित दोनों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान कतीसोर निवासी अजीत सिंह(26) पुत्र भूपेंद्र सिंह चौहान एवं अंजली पुत्री देवीसिंह चौहान के रूप में हुई ।दोनो मृतक चचेरे भाई बहिन थे। जो इंदौर में परिवार के साथ रहते थे । कैसे हुआ हादसा_जांच में सामने आया कि महेंद्र सिंह अपने भाई रोहित सिंह राठौड, कजिन अभिराज सिंह चौहान , अजीतसिंह , अंजली और अश्विनी चौहान सभी मिल कर महू के लोधिया कुंड में घूमने गए थे।दोपहर करीब 1:30 बजे सभी कुंड के आसपास घूम रहे थे। इसी दौरान अंजली, अश्विनी और अजीत एक साथ हाथ पकड़कर आगे चल रहे थे। तभी अंजली का पैर पत्थर से फिसल गया और तीनों कुंड में गिरने लगे।पीछे चल रहे महेंद्र और अभिराज ने दौड़कर अश्विनी को तो बाहर निकाल लिया। लेकिन अंजली और अजीत सिंह गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों को बुलाया गया। ग्रामीणों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों शवों को 108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।मामले की जांच उपनिरीक्षक महेश खरते को सौंपी गई है। घटना की जानकारी एसडीएम, डॉ. अंबेडकर नगर महू को भी दी गई है। इधर दोनों बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही इंदौर, रतलाम और कतीसोर से परिजन मौके पर पहुंचे और पीएम करवाने के बाद दोनों शवों को पैतृक गांव लाया गया ।इधर परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। अंजली अपने पिता की इकलौती बेटी थी । और कॉल सेंटर में जॉब कर रही थी और अजीत के इंदौर में एम वाय हॉस्पिटल के सामने मेडिकल स्टोर था।1
- मुक्तिधाम भी अस्त-व्यस्त र वास भड़के कांग्रेस के पार्षद के ऊपर तो वार्ड 26 को छोड़कर वार्ड नंबर 2 से बने दावेदार पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह वार्ड 26 की जमीनी हकीकत, वार्ड 2 में टिकट पर बड़ा सवाल मुक्तिधाम भी अस्त-व्यस्त र वास भड़के कांग्रेस के पार्षद के ऊपर तो वार्ड 26 को छोड़कर वार्ड नंबर 2 से बने दावेदार पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह ब्यूरो चीफ अनिल जटिया प्रतापगढ़। वार्ड नंबर 26 के रहवासियों ने पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह राणावत के कार्यकाल को लेकर नाराजगी जताई है। रहवासियों का कहना है कि वार्ड में मुक्तिधाम तक की व्यवस्था नहीं हो पाई, स्ट्रीट लाइट की समस्या बनी रही, कई जगह सड़कें बदहाल रहीं और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पांच साल के कार्यकाल में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इन मुद्दों को लेकर रहवासियों में नाराजगी दिखाई दे रही है। अब सवाल यह है कि वार्ड 26 में मूलभूत सुविधाओं को लेकर उठे सवालों के बीच दिग्विजय सिंह राणावत को कांग्रेस ने वार्ड नंबर 2 से टिकट दिया है। वार्ड नंबर 2 के मतदाताओं के सामने सवाल क्या वार्ड 26 जैसी समस्याएं वार्ड नंबर 2 में भी दोहराई जाएंगी? पांच साल के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हिसाब जनता के सामने कौन रखेगा? क्या इस बार जनता मुद्दों और काम के आधार पर अपना फैसला करेगी?2
- "ऑपरेशन हेलो" के अंतर्गत 101 गुम मोबाइल फोन बरामद लगभग ₹17 लाख मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक स्वामित्वों को लौटाए इमरान खत्री अलीराजपुर ऑपरेशन हेलो" के अंतर्गत 101 गुम मोबाइल फोन बरामद लगभग ₹17 लाख मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह के नेतृत्व में जिला पुलिस आलीराजपुर द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में मोबाइल गुम होने संबंधी प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा सायबर सेल, आलीराजपुर को गुम मोबाइल फोन की खोज एवं बरामदगी हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशानुसार सायबर सेल द्वारा "ऑपरेशन हेलो" अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों का उपयोग करते हुए पूर्व में भी 1037 से अधिक गुम मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाए जा चुके हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल SDOP जोबट आशुतोष पटेल व SDOP आलीजपुर डॉ. शक्तिसिंह चौहान के मार्गदर्शन में सायबर सेल टीम द्वारा पुनः तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग एवं CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के कुल 101 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत लगभग ₹17 लाख है। बरामद किए गए मोबाइल फोन नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गये। इस कार्यवाही से मोबाइल धारकों को महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है तथा जिला पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। इस उल्लेखनीय सफलता में सायबर सेल के निम्न अधिकारी/कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा— • प्र.आर. 06 दिलीप चौहान • आर. 105 प्रमोद भयडिया • आर. 42 राहुल तोमर • आर. 465 नागरसिंह सोलांकी साथ ही जिले के समस्त थानों के सायबर मित्रों द्वारा भी मोबाइल ट्रेसिंग एवं समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। जिला पुलिस आलीराजपुर नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने अथवा किसी भी प्रकार की सायबर संबंधी घटना होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना, सायबर सेल अथवा राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। — जिला पुलिस आलीराजपुर4
- बाजना जिला रतलाम मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ भोपाल हमारे समाचार रतलाम नामली से खबर हमारे समाचार भारत1
- वार्ड 14 में अनुभव बनाम नया चेहरा! खाब्या-कलीमुद्दीन के बीच किसके सिर सजेगा जीत का ताज? कुशलगढ़। नगर पालिका चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 14 में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा और दिलचस्प मुकाबला है। वार्ड में कुल 408 मतदाता हैं, जिनमें 198 पुरुष और 210 महिला मतदाता हैं। जैन, बोहरा और ब्राह्मण समाज के साथ ठाकुर, सेन सहित अन्य समाजों के मतदाता भी परिणाम में अहम भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस ने ब्लॉक अध्यक्ष एवं अनुभवी प्रत्याशी रजनीकांत खाब्या को मैदान में उतारा है। वे पांचवीं बार पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं और इससे पहले लगातार चार बार विभिन्न वार्डों से जीत हासिल कर चुके हैं। इस बार वे अपने स्वयं के वार्ड से समर्थन मांग रहे हैं। वहीं भाजपा ने कलीमुद्दीन बाबूजी को प्रत्याशी बनाया है। दोनों प्रत्याशियों ने हिरन नदी के गहरीकरण, पुलिया को बड़ा करने, सड़क-नाली, सफाई, बिजली व्यवस्था और नदी के सौंदर्यीकरण को प्रमुख मुद्दा बनाया है। रजनीकांत खाब्या ने कहा कि जीत मिलने पर हिरन नदी का गहरीकरण, दोनों ओर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण और सफाई उनकी प्राथमिकता होगी। वहीं कलीमुद्दीन बाबूजी ने सभी समाजों को साथ लेकर वार्ड के विकास का संकल्प जताया। अब वार्ड नंबर 14 के 408 मतदाता तय करेंगे कि भरोसा अनुभव पर जताया जाएगा या नए प्रत्याशी को अवसर मिलेगा।2
- *खाखलेश्वर धाम में आस्था का अनूठा संगम, जगन्नाथ स्वरूप में सजे महादेव, गरबा से गूंजा मंदिर परिसर* धम्बोला। श्रावण मास के अवसर पर रविवार को कस्बे के खाखलेश्वर महादेव मंदिर में युवाओं ने भगवान महादेव को जगन्नाथ महाप्रभु के स्वरूप में आकर्षक ढंग से सजाया। विशेष शृंगार और झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु महिलाओं ने भक्ति गीतों पर गरबा खेलकर भगवान की आराधना की। इसके बाद महादेव की आरती की गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। श्रावण मास में युवाओं की ओर से प्रतिदिन खाखलेश्वर महादेव का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष शृंगार किया जा रहा है। प्रतिदिन हो रहे शृंगार को देखने के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। युवाओं की इस पहल से मंदिर परिसर में पूरे श्रावण मास भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।1