Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिलासपुर जिला प्रशासन ने आगामी खरीफ सीजन 2026 को लेकर दावा किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, जिले में 49,772 टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31% अधिक है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 26,131 टन से ज्यादा खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। हालांकि, प्रशासन के इन दावों के विपरीत, कई किसान पर्याप्त खाद नहीं मिलने की आशंका जता रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो उनकी खेती और पैदावार प्रभावित हो सकती है।
द संक्षेप
बिलासपुर जिला प्रशासन ने आगामी खरीफ सीजन 2026 को लेकर दावा किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, जिले में 49,772 टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31% अधिक है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 26,131 टन से ज्यादा खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। हालांकि, प्रशासन के इन दावों के विपरीत, कई किसान पर्याप्त खाद नहीं मिलने की आशंका जता रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो उनकी खेती और पैदावार प्रभावित हो सकती है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- बिलासपुर के बेहतराई स्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) कार्यालय में पार्टी का 27वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने तथा जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेताओं और दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके अतिरिक्त, पार्टी के विस्तार, जनसंपर्क अभियानों को तेज करने और संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस आयोजन में प्रदेश यूथ अध्यक्ष रावस्कर गोरख और हिमांशु राज सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर जिला प्रशासन ने आगामी खरीफ सीजन 2026 को लेकर दावा किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, जिले में 49,772 टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31% अधिक है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 26,131 टन से ज्यादा खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। हालांकि, प्रशासन के इन दावों के विपरीत, कई किसान पर्याप्त खाद नहीं मिलने की आशंका जता रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो उनकी खेती और पैदावार प्रभावित हो सकती है।1
- बिलासपुर/कोटा में बहुचर्चित निखिल भारती गोस्वामी हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार ने न्याय की लड़ाई तेज कर दी है। मृतक के बड़े भाई और अधिवक्ता लेख भारती गोस्वामी ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को 6 पेज का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन, सभी षड्यंत्रकारियों की तत्काल गिरफ्तारी और आरोपियों को कठोरतम दंड दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में परिवार ने दावा किया है कि 4 जून की रात हुई यह वारदात कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि एक पूरी तरह पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम है। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले निखिल की रेकी कर उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी और फिर सुनियोजित तरीके से घात लगाकर हमला किया। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि हत्या में सीधे शामिल लोगों के अलावा रेकी करने वाले, सूचना देने वाले और अन्य प्रकार से सहायता पहुंचाने वाले सभी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया जाए। इसके साथ ही, आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को केस डायरी और चार्जशीट में शामिल करने की मांग करते हुए इसे “दुर्लभ से दुर्लभतम” श्रेणी का मामला बताया गया है, ताकि पुलिस मजबूत साक्ष्य जुटाकर दोषियों को कठोरतम सजा दिला सके। परिवार ने सोशल मीडिया और कुछ यूट्यूब चैनलों पर चल रहे कथित “मीडिया ट्रायल” पर भी आपत्ति जताई है, उनका कहना है कि पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बिना प्रसारित की जा रही अप्रमाणित कहानियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं और मृतक की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। परिजनों ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने, गवाहों और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने जैसी अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई हैं। पीड़ित परिवार ने बिलासपुर पुलिस की निष्पक्षता पर विश्वास व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर निखिल गोस्वामी को न्याय दिलाएगी।1
- बिलासपुर में पदस्थ तहसीलदार प्रकृति ध्रुव के खिलाफ तत्काल जाँच के आदेश दिए जाने की कड़ी माँग की जा रही है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जाँच के दौरान उन्हें दोषी पाया जाता है, तो उन्हें उनके पद से तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। यह माँग तहसीलदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है।1
- मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे एनएच बाईपास सड़क पर नगरौड़ी और हरदी गांव के बीच एक मोटरसाइकिल डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें अग्नि वीर परीक्षा देकर दुर्ग से कोरबा लौट रहे दो युवक घायल हो गए। इस घटना की सूचना कड़ार गांव के एक कॉलर ने मंगलवार रात 9:00 बजे डायल 112 को दी। घटनास्थल पर एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 12 बीयू 1782 पर सवार दो युवक घायल अवस्था में पड़े मिले। इनमें दीपिका ज्योति नगर, जिला कोरबा निवासी 19 वर्षीय अमन कुमार सिंह पिता फुलेंद्र सिंह को ज्यादा चोटें आई थीं, जबकि उनके साथी दीपिका कोरबा बस्ती निवासी 19 वर्षीय समीर कुमार आजाद पिता हमीर कुमार आजाद को हल्की चोटें लगी थीं। युवकों ने बताया कि उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल दोनों युवकों को सिम्स अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज जारी है।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना में एक प्रधान आरक्षक का पैसा लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक को पैसे लेते हुए देखा जा सकता है।1
- दीपका में एक स्नेह मिलन कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस की एक बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश सचिव तनवीर अहमद विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर में किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें खाद, बिजली, पानी, बीज और डीजल की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल किया गया। इस प्रदर्शन की खासियत यह रही कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बैलगाड़ियों में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लिए सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक संसाधनों की भारी कमी है। उनका कहना था कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के लिए पानी की कमी ने उनकी चिंताएँ और बढ़ा दी हैं। किसानों ने डीजल की बढ़ती कीमतों और उसकी अनुपलब्धता को लेकर भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात की थी। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार और एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और सीधे कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद कलेक्टर को बाहर आकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन स्वीकार करना पड़ा। कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग करते हुए खाद, बिजली, पानी और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों के इस मुद्दे ने बिलासपुर में सियासी माहौल को गरमा दिया है, जबकि प्रशासन ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1