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केक खाने वाले सावधान हो जाओ यह देखो वीडियो
Govind Singj
केक खाने वाले सावधान हो जाओ यह देखो वीडियो
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- पाली,मनीष राठौड़। शहर के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र स्थित आशापुरा टाउनशिप में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद मकान में मां और उसके दो बेटों के शव संदिग्ध अवस्था में पाए गए। मृतकों की पहचान शांति देवी (65) और उनके दो पुत्रों नरपत लाल (34) एवं रघुवीर (26) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई दो दिन से बंद था घर, बदबू आने पर खुला राज जानकारी के अनुसार, मकान पिछले दो दिनों से अंदर से बंद था। जब पड़ोसियों को घर से तीखी दुर्गंध महसूस हुई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य भयावह था; तीनों के शव फर्श पर पड़े हुए थे। पुलिस को मौके से दो मोबाइल फोन और एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। रिश्तेदारों को भेजे थे फोटो और दस्तावेज मामले में एक चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि मौत से पहले तीनों ने अपने रिश्तेदारों को अपनी तस्वीरें और महत्वपूर्ण दस्तावेज भेजे थे। मृतकों के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने बताया कि उन्हें 8 अप्रैल की सुबह फोन कर अस्पताल ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो घर अंदर से बंद मिला। पुलिस फिलहाल सुसाइड नोट और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है। **बीमारी और भविष्य की चिंता बनी वजह?** प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बड़ा बेटा नरपत सीने की बीमारी से ग्रसित था, जिसके कारण उसने काम पर जाना छोड़ दिया था। दोनों बेटों के अविवाहित होने और उनके भविष्य को लेकर मां शांति देवी अक्सर चिंतित रहती थीं। पुलिस ने तीनों शवों को बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया है। **CO सिटी मदन सिंह के अनुसार:* हमें शाम करीब 5 बजे सूचना मिली थी कि परिवार फोन नहीं उठा रहा है। मौके पर पहुंचने पर तीनों के शव मिले हैं। FSL और MOB की टीमें साक्ष्य जुटा रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।"1
- बनाड़। क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने और एक सुरक्षित, जागरूक समाज के निर्माण के लिए पुलिस और जनता ने हाथ मिलाया है। आरपीएस अधिकारी वीरेंद्र सिंह और थानाधिकारी लेखराज सियाग व राजुराम SI के नेतृत्व में आयोजित विशेष जनसंवाद बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव को अपराध मुक्त और नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा का नया चक्रव्यूह: अब CCTV की नजर में होगा बनाड़ बैठक में पुलिस अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव के मुख्य बाजारों, चौराहों और संवेदनशील रास्तों पर CCTV कैमरे लगाना वक्त की जरूरत है। यह न केवल अपराधियों में भय पैदा करेगा, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस के लिए अहम सबूत भी साबित होगा। नशे के सौदागरों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी नशे को समाज की सबसे बड़ी जड़ बताते हुए पुलिस ने सख्त तेवर दिखाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे के वितरण और प्रचार-प्रसार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। "नशे के सौदागरों की सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। जागरूक नागरिक ही पुलिस की असली आंख और कान हैं।" – पुलिस प्रशासन जनता के लिए पुलिस के मुख्य दिशा-निर्देश: संदिग्धों की सूचना: किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बीट कांस्टेबल बीरमाराम चौधरी या सीधे थाना पुलिस को सूचित करें। सामुदायिक तालमेल: पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद ही अपराध मुक्त गांव का आधार बनेगा। सतर्कता: "सुरक्षित समाज के लिए सजग नागरिक सबसे बड़ी शक्ति हैं।" प्रमुख उपस्थिति इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि चौथाराम तांडी, राजेन्द्र छबरवाल, ओमाराम प्रजापत, कालुराम दैदड, भंवरलाल, मांगीलाल, वीरेंद्र थाकण, सादीक खान, भंवरलाल मेघवाल, चौथाराम धुंधावाल, भुराराम मेघवाल, पुखाराज, श्रवण, महेंद्र, और गोविंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। निष्कर्ष: इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि बनाड़ की सुरक्षा के लिए अब पुलिस और आमजन एक टीम की तरह काम करेंगे। तकनीक और सतर्कता के मेल से बनाड़ को एक आदर्श और सुरक्षित क्षेत्र बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।2
- जोधपुर में कलेक्ट्रेट के सामने 15 दिनों से देश का राष्ट्रीय ध्वज पुरी तरह से पट गया है महावीर उधियान प्रशासन आखो पर पटी बांध कर बेटा है एक समाज सेवक धनराज दाधीच जोधपुर मदेरणा कोलोनी1