सिद्धार्थनगर जिले के बांसी विकास खंड परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "विकसित भारत संकल्प एवं जनकल्याणकारी योजनाओं" पर आधारित एक भव्य विकास मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अन्नप्राशन संस्कार के साथ हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिनके साथ बांसी विधायक जय प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास लगातार जारी है। पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया, और कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की भावना के साथ विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मेले में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पूर्ति, शिक्षा, वन, पंचायती राज एवं महिला कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक वितरित किए गए, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को सम्मानित भी किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद, ब्लॉक क्षेत्र के 84 गांवों से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ और ग्रामीण इस मेले में शामिल होने पहुँचे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी, रेंजर बांसी शिवकुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। राजेंद्र पांडेय, संजय श्रीवास्तव, जितेंद्र मिश्रा, जोगी बाबा, शिव प्रसाद कनौजिया, संजय चौरसिया और जयंत्री मिश्रा जैसे अन्य लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी विकास खंड परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "विकसित भारत संकल्प एवं जनकल्याणकारी योजनाओं" पर आधारित एक भव्य विकास मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अन्नप्राशन संस्कार के साथ हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिनके साथ बांसी विधायक जय प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास लगातार जारी है। पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया, और कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की भावना के साथ विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मेले में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पूर्ति, शिक्षा, वन, पंचायती राज एवं महिला कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक वितरित किए गए, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को सम्मानित भी किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद, ब्लॉक क्षेत्र के 84 गांवों से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ और ग्रामीण इस मेले में शामिल होने पहुँचे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी, रेंजर बांसी शिवकुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। राजेंद्र पांडेय, संजय श्रीवास्तव, जितेंद्र मिश्रा, जोगी बाबा, शिव प्रसाद कनौजिया, संजय चौरसिया और जयंत्री मिश्रा जैसे अन्य लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
- सिद्धार्थनगर जिले में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसके उपरांत उन्हें सम्मानित भी किया गया। समारोह में एक मुख्य अतिथि के साथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन, वरिष्ठ चिकित्सक और ब्लड बैंक के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रक्तदान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और वर्ष 1901 में एबीओ रक्त समूह प्रणाली की खोज करने वाले ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस खोज को सुरक्षित रक्ताधान और आधुनिक ब्लड बैंकिंग की नींव बताया गया, जिसने चिकित्सा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाया। सांसद जगदंबिका पाल ने इस अवसर पर रक्तदान को 'महादान' बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की, जोर देते हुए कहा कि आपात स्थिति में रक्त की उपलब्धता अनेक परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित होती है। सांसद ने यह भी रेखांकित किया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान न केवल सामाजिक दायित्व है, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा भी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ना था। समारोह के समापन पर, सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, साथ ही समाज में रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में धार्मिक झंडे को लेकर हिंदू और दलित समाज आमने-सामने आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह मामला देश के झंडे से संबंधित नहीं है, बल्कि धर्म के झंडे को लेकर दोनों समुदायों के बीच गतिरोध उत्पन्न हुआ है।1
- सिद्धार्थनगर के विद्या हॉस्पिटल में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ, जहाँ मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद हॉस्पिटल में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, विद्या हॉस्पिटल के डॉ. अजय यादव ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया है कि मरीज एक गंभीर संक्रामक बीमारी से पीड़ित था।1
- पासी समाज की दृढ़ता और अमरता का उद्घोष करते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि 'पासी समाज जिंदाबाद था, जिंदाबाद रहेगा।' इस सशक्त भावना के साथ, सूरज पासी को समाज का 'शेर' बताया गया है, जो उनकी शक्ति और नेतृत्व का प्रतीक है।1
- सिद्धार्थनगर जिले में चिल्हीया से बर्डपुर को जोड़ने वाले मार्ग की मौजूदा स्थिति को दिखाया गया है। इस मार्ग की हालत को देखते हुए, लोगों से इसकी दयनीय दशा पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- विश्व रक्तदान दिवस, जो प्रतिवर्ष 14 जून 2026 को मनाया जाता है, के अवसर पर जनपद संतकबीरनगर में एक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव सहित अनेक अधिकारियों ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया। इन संस्थाओं ने समय-समय पर रक्तदान शिविरों के माध्यम से समाज को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। समारोह के दौरान रक्तदाताओं और लॉर्ड बुद्ध जी फाउंडेशन सहित सभी समाजसेवी संस्थाओं को उनके योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे उनके मनोबल में वृद्धि हुई और उन्हें संचालित करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन हुआ। इस सम्मान को प्राप्त करने वाले लॉर्ड बुद्ध जी फाउंडेशन के पदाधिकारी राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वे इसे पाकर बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाज सेवा के कार्य से मन को सुकून मिलता है और जनसेवा ही उनके जीवन का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में कई अधिकारी और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।2
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी विकास खंड परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "विकसित भारत संकल्प एवं जनकल्याणकारी योजनाओं" पर आधारित एक भव्य विकास मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अन्नप्राशन संस्कार के साथ हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिनके साथ बांसी विधायक जय प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास लगातार जारी है। पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया, और कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की भावना के साथ विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मेले में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पूर्ति, शिक्षा, वन, पंचायती राज एवं महिला कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक वितरित किए गए, साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को सम्मानित भी किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद, ब्लॉक क्षेत्र के 84 गांवों से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ और ग्रामीण इस मेले में शामिल होने पहुँचे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी, रेंजर बांसी शिवकुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। राजेंद्र पांडेय, संजय श्रीवास्तव, जितेंद्र मिश्रा, जोगी बाबा, शिव प्रसाद कनौजिया, संजय चौरसिया और जयंत्री मिश्रा जैसे अन्य लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया।1
- महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के पिपरा ब्राह्मण उर्फ बरीगांव में एक बंद कमरे में अचानक आग लग गई। इस भीषण आग के कारण लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। घटना स्थल से उठता घना धुआँ और आग की ऊँची लपटें देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से फर्नीचर, कपड़े, बिस्तर और अनाज समेत लाखों की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने पानी और अन्य स्थानीय संसाधनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।1