मऊ के घोसी में साइबर अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए, घोसी पुलिस की साइबर टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में ठगी के शिकार लोगों को कुल 6.93 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। यह कार्रवाई साइबर टीम की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिस पर पीड़ितों ने पुलिस टीम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोहम्मदपुर उर्फ काजीपुर निवासी रामदेव प्रसाद के साथ अज्ञात साइबर ठगों ने फोन कॉल के जरिए 1,00,980 रुपये की धोखाधड़ी की थी, जिसमें से टीम ने 70,000 रुपये वापस दिलाए। इसी तरह गोफा निवासी विनोद पुत्र दयानन्द भी साइबर ठगी का शिकार हुए थे, जिनसे 6.50 लाख रुपये ठगे गए थे। साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद, टीम ने संबंधित खातों को होल्ड कराते हुए विनोद के खाते में 5,81,575.46 रुपये वापस कराए। जमालपुर मिर्जापुर निवासी कल्पनाथ सिंह के मामले में, फोनपे के माध्यम से 42,000 रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें साइबर टीम ने पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई। इस प्रकार, एक ही दिन में तीनों पीड़ितों को कुल 6,93,575.46 रुपये वापस कराए गए हैं। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर फ्रॉड रोकथाम एवं जागरूकता अभियान के तहत, घोसी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह और अपराध निरीक्षक मोतीलाल पटेल के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी जांच और लगातार पैरवी के बाद यह सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह (नोडल अधिकारी), उपनिरीक्षक दिनेश यादव (सहायक नोडल अधिकारी), हेड ऑपरेटर अरविंद यादव, महिला आरक्षी काजल सिंह एवं महिला आरक्षी पुष्पलता पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, क्यूआर कोड या ओटीपी को साझा करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
मऊ के घोसी में साइबर अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए, घोसी पुलिस की साइबर टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में ठगी के शिकार लोगों को कुल 6.93 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। यह कार्रवाई साइबर टीम की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिस पर पीड़ितों ने पुलिस टीम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोहम्मदपुर उर्फ काजीपुर निवासी रामदेव प्रसाद के साथ अज्ञात साइबर ठगों ने फोन कॉल के जरिए 1,00,980 रुपये की धोखाधड़ी की थी, जिसमें से टीम ने 70,000 रुपये वापस दिलाए। इसी तरह गोफा निवासी विनोद पुत्र दयानन्द भी साइबर ठगी का शिकार हुए थे, जिनसे 6.50 लाख रुपये ठगे गए थे। साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद, टीम ने संबंधित खातों को होल्ड कराते हुए विनोद के खाते में 5,81,575.46 रुपये वापस कराए। जमालपुर मिर्जापुर निवासी कल्पनाथ सिंह के मामले में, फोनपे के माध्यम से 42,000 रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें साइबर टीम ने पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई। इस प्रकार, एक ही दिन में तीनों पीड़ितों को कुल 6,93,575.46 रुपये वापस कराए गए हैं। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर फ्रॉड रोकथाम एवं जागरूकता अभियान के तहत, घोसी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह और अपराध निरीक्षक मोतीलाल पटेल के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी जांच और लगातार पैरवी के बाद यह सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह (नोडल अधिकारी), उपनिरीक्षक दिनेश यादव (सहायक नोडल अधिकारी), हेड ऑपरेटर अरविंद यादव, महिला आरक्षी काजल सिंह एवं महिला आरक्षी पुष्पलता पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, क्यूआर कोड या ओटीपी को साझा करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
- समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ देवरिया जिले की बरहज विधानसभा के बरहज देवरिया मार्ग पर थाली बजाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बिजली बिल में दस प्रतिशत सरचार्ज बढ़ाने और बेलगाम महंगाई के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने भाजपा सरकार पर जनता को महंगाई की आग में झोंकने और उन्हें ठगने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, महंगाई आसमान छू रही है, और उत्तर प्रदेश में बिजली 10% और महंगी हो गई है। रावत ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बिजली कटौती अलग और महंगा बिल अलग, यही भाजपा का "डबल इंजन मॉडल" है। विजय रावत ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से प्रदेश और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार है, लेकिन महंगाई कम करने के बजाय जनता को लगातार महंगाई के दलदल में धकेला जा रहा है और उन्हें धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महंगाई कम करने का वादा कर सरकार बनाई थी, पर सत्ता में आने के बाद महंगाई को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश और देश की जनता खुद को भाजपा को वोट देकर ठगा हुआ महसूस कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य सजीव तिवारी, राहुल सिंह, पवन पांडेय, अजीत सिंह, अमित प्रधान, प्रदीप सिंह, विरेंद्र चौधरी, विजय यादव समेत कई अन्य सपा नेता उपस्थित रहे। श्री रावत ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई कम नहीं हुई और बिजली बिल में बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस नहीं लिया गया, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जन जागरूकता अभियान चलाकर पूरे जनपद के गांवों में धरना देंगे और जन आंदोलन छेड़ेंगे।2
- सकरापर गाँव के वार्ड नंबर 8 में स्थित शिव जी के मंदिर में 31 मई 2026 को एक शिव चर्चा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक चर्चा इसी निर्धारित तिथि पर शिव मंदिर परिसर में संपन्न होगी।1
- पीड़ित पति मनीष कुमार ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस भिजवाने की गुहार लगाई है। मनीष कुमार के अनुसार, उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी और उनका दाम्पत्य जीवन काफी खुशहाल चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एक लड़का भी हुआ। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क करते रहे, जिसके कारण उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गई। मनीष कुमार का कहना है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद भी उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और वह तथा उनका परिवार पत्नी व बच्चे के लिए तड़प रहा है।1
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया जिले में धनगर समाज के लोगों ने अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाई। इस अवसर पर, समाज के सदस्यों ने डोल नगारों के साथ एक पैदल यात्रा निकाली। यह यात्रा जिला कलेक्ट्रेट पहुँची, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।2
- देवरिया के डीएम ने तीन कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।1
- म्यानमार के गृह-युद्ध प्रभावित शान प्रांत में एक गोला-बारूद भंडार में भीषण विस्फोट हुआ है। इस हृदय विदारक घटना में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे महत्वपूर्ण समय में सामने आई है जब म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, जिन्हें पूर्व सैन्य तानाशाह के रूप में भी जाना जाता है, भारत के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा 30 मई से 3 जून तक निर्धारित है।1