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दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय छात्र-युवा प्रदर्शन आयोजित किया गया। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के करीब 30 जिलों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, युवा और नर्सिंग छात्र शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं, ठेका प्रथा, नर्सिंग छात्रों की समस्याओं और सरकारी पदों पर भर्ती न होने को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं, जिनमें सबसे चर्चित पोस्टर पर लिखा था—"ये पेपर लीक नहीं, सिस्टम का लीकेज है।" इसके अलावा कई छात्र सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सांसद चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लेकर पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "मन की बात तो करते हैं, मगर सरकार हमारी बात क्यों नहीं सुनती", "जंतर-मंतर के शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज के दोषियों को सजा दो", "प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार बंद करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के मध्य प्रदेश संयोजक प्रमोद नामदेव ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिसकी न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। एडवोकेट श्रीराम ने कहा कि देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सोनम वांगचुक देश की धरोहर हैं, जिनकी जान बचाना सबकी जिम्मेदारी है। वहीं नर्सिंग छात्रा लक्ष्मी ने शिक्षा प्रणाली और धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि जंतर-मंतर पर हुई बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले को जंतर-मंतर बना दिया जाएगा। आंदोलन से जुड़े मनोज रजक ने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के बाद भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से युवाओं का विश्वास टूटा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों सरकारी पद रिक्त होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही है, जबकि नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों और समय पर परीक्षाएं, परिणाम व छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र परेशान हैं।

5 hrs ago
user_Abid Mumtaz journalist
Abid Mumtaz journalist
हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय छात्र-युवा प्रदर्शन आयोजित किया गया। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के करीब 30 जिलों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, युवा और नर्सिंग छात्र शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं, ठेका प्रथा, नर्सिंग छात्रों की समस्याओं और सरकारी पदों पर भर्ती न होने को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं, जिनमें सबसे चर्चित पोस्टर पर लिखा था—"ये पेपर लीक नहीं, सिस्टम का लीकेज है।" इसके अलावा कई छात्र सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सांसद चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लेकर पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "मन की बात तो करते हैं, मगर सरकार हमारी बात क्यों नहीं सुनती", "जंतर-मंतर के शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज के दोषियों को सजा दो", "प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार बंद करो" और "धर्मेंद्र

प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के मध्य प्रदेश संयोजक प्रमोद नामदेव ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिसकी न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। एडवोकेट श्रीराम ने कहा कि देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सोनम वांगचुक देश की धरोहर हैं, जिनकी जान बचाना सबकी जिम्मेदारी है। वहीं नर्सिंग छात्रा लक्ष्मी ने शिक्षा प्रणाली और धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि जंतर-मंतर पर हुई बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले को जंतर-मंतर बना दिया जाएगा। आंदोलन से जुड़े मनोज रजक ने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के बाद भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से युवाओं का विश्वास टूटा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों सरकारी पद रिक्त होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही है, जबकि नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों और समय पर परीक्षाएं, परिणाम व छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र परेशान हैं।

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  • पीएम मोदी ने देर रात एक वीडियो जारी कर छात्रों के हित की बात कही है।
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    पीएम मोदी ने देर रात एक वीडियो जारी कर छात्रों के हित की बात कही है।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    39 min ago
  • भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में पहली बार 'त्रिवेणी नृत्य' का आयोजन किया गया है। इस खास आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए पूरी खबर अवश्य देखें।
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    भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में पहली बार 'त्रिवेणी नृत्य' का आयोजन किया गया है। इस खास आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए पूरी खबर अवश्य देखें।
    user_D K G Pradesh Prasar
    D K G Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शायर गंगाधर मलाजपुरे की पंक्तियों में दर्द और जज्बातों का गहरा अहसास देखने को मिलता है। उन्होंने लिखा, "अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे, अब के बरस तेरे सांसों में पानी भर देंगे।" अपनी इन पंक्तियों के साथ ही उन्होंने यह दर्द व्यक्त किया कि उन्हें मोहब्बत रास नहीं आई।
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    शायर गंगाधर मलाजपुरे की पंक्तियों में दर्द और जज्बातों का गहरा अहसास देखने को मिलता है। उन्होंने लिखा, "अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे, अब के बरस तेरे सांसों में पानी भर देंगे।" अपनी इन पंक्तियों के साथ ही उन्होंने यह दर्द व्यक्त किया कि उन्हें मोहब्बत रास नहीं आई।
    user_Mohabbat Raas Na Aayi
    Mohabbat Raas Na Aayi
    Artist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के दतिया में एक बुजुर्ग आदिवासी महिला की 2 एकड़ ज़मीन महज़ ₹3,500 में हड़पने का दावा सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने इसे आदिवासियों के अधिकारों पर हमला बताते हुए मोहन यादव सरकार को घेरा है। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है। मामले में सरकार या संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
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    मध्य प्रदेश के दतिया में एक बुजुर्ग आदिवासी महिला की 2 एकड़ ज़मीन महज़ ₹3,500 में हड़पने का दावा सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने इसे आदिवासियों के अधिकारों पर हमला बताते हुए मोहन यादव सरकार को घेरा है।

यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है। मामले में सरकार या संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश पुलिस की जीआरपी ने अपने 'ऑपरेशन हमदर्द' अभियान के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन पर 11 दिन पहले लावारिस मिली एक माह की बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला है। गत 10 जुलाई को भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 स्थित ऑटो स्टैंड पर खड़े एक खाली ऑटो में यह मासूम मिली थी, जिसे रोने की आवाज सुनकर लोगों की सूचना पर पुलिस ने अपने संरक्षण में लिया और तत्काल मेडिकल चेकअप कराया। बच्ची को लावारिस छोड़ने के इस मामले में अब पुलिस आरोपी माता-पिता को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ और कानूनी कार्रवाई कर रही है। जीआरपी थाना प्रभारी ज़हीर खान के अनुसार, स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक महिला, उसके पति और बड़ी बेटी को बच्ची को ऑटो में छोड़कर जाते देखा गया था। तीनों रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से पुणे का जनरल टिकट खरीदकर ट्रेन से रवाना हुए थे। इसके बाद भोपाल जीआरपी की टीम ने पुणे की जीआरपी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से तलाश शुरू की। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद जब माता-पिता को पता चला कि पुलिस पुणे आ गई है, तो वे बिहार जाने के लिए ट्रेन पकड़कर भोपाल पहुंचे, जहाँ स्टेशन पर उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में माता-पिता ने स्वीकार किया कि अत्यधिक आर्थिक तंगी और परिवार का खर्च उठाने में असमर्थता के कारण ही उन्होंने अपनी नवजात बच्ची को स्टेशन पर छोड़ दिया था। पुणे में मजदूरी करने वाले इस दंपति के कुल पांच बच्चे हैं, जिनमें से तीन बच्चे बिहार के गांव में दादी के पास रहते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे केवल आर्थिक मजबूरी थी या कोई अन्य कारण भी शामिल है। जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक 'ऑपरेशन हमदर्द' का उद्देश्य रेलवे परिसरों में मिलने वाले लावारिस, बिछड़े या असहाय लोगों को सुरक्षित संरक्षण देकर उनके परिजनों से मिलाना है।
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    मध्य प्रदेश पुलिस की जीआरपी ने अपने 'ऑपरेशन हमदर्द' अभियान के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन पर 11 दिन पहले लावारिस मिली एक माह की बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला है। गत 10 जुलाई को भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 स्थित ऑटो स्टैंड पर खड़े एक खाली ऑटो में यह मासूम मिली थी, जिसे रोने की आवाज सुनकर लोगों की सूचना पर पुलिस ने अपने संरक्षण में लिया और तत्काल मेडिकल चेकअप कराया। बच्ची को लावारिस छोड़ने के इस मामले में अब पुलिस आरोपी माता-पिता को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ और कानूनी कार्रवाई कर रही है।

जीआरपी थाना प्रभारी ज़हीर खान के अनुसार, स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक महिला, उसके पति और बड़ी बेटी को बच्ची को ऑटो में छोड़कर जाते देखा गया था। तीनों रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से पुणे का जनरल टिकट खरीदकर ट्रेन से रवाना हुए थे। इसके बाद भोपाल जीआरपी की टीम ने पुणे की जीआरपी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से तलाश शुरू की। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद जब माता-पिता को पता चला कि पुलिस पुणे आ गई है, तो वे बिहार जाने के लिए ट्रेन पकड़कर भोपाल पहुंचे, जहाँ स्टेशन पर उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में माता-पिता ने स्वीकार किया कि अत्यधिक आर्थिक तंगी और परिवार का खर्च उठाने में असमर्थता के कारण ही उन्होंने अपनी नवजात बच्ची को स्टेशन पर छोड़ दिया था। पुणे में मजदूरी करने वाले इस दंपति के कुल पांच बच्चे हैं, जिनमें से तीन बच्चे बिहार के गांव में दादी के पास रहते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे केवल आर्थिक मजबूरी थी या कोई अन्य कारण भी शामिल है। जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक 'ऑपरेशन हमदर्द' का उद्देश्य रेलवे परिसरों में मिलने वाले लावारिस, बिछड़े या असहाय लोगों को सुरक्षित संरक्षण देकर उनके परिजनों से मिलाना है।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भोपाल के कोतवाली थाने के सामने स्थित करीब 90 साल पुरानी एक तीन मंजिला इमारत का छज्जा देर रात अचानक गिर गया। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए भवन में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरी जगह भेजा। इसके बाद आज दिन में इस पूरी तरह जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी इमारत को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के चलते इलाके का यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। इब्राहिमपुर से लेकर चार बत्ती चौराहे तक लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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    भोपाल के कोतवाली थाने के सामने स्थित करीब 90 साल पुरानी एक तीन मंजिला इमारत का छज्जा देर रात अचानक गिर गया। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए भवन में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरी जगह भेजा। इसके बाद आज दिन में इस पूरी तरह जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी इमारत को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के चलते इलाके का यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। इब्राहिमपुर से लेकर चार बत्ती चौराहे तक लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
    user_ST NEWS
    ST NEWS
    Rajdhani bhopal Huzur, Bhopal•
    24 min ago
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