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रियासतकालीन कस्बे भैंसरोड़गढ़ में गणगौर महोत्सव की धूम। दूसरे दिन हल्दी रस्म के साथ निकली शोभायात्रा। भैंसरोड़गढ़ में त्रिदिवसीय गणगौर महोत्सव 21, 22 व 23 मार्च तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गणगौर महोत्सव के दूसरे दिन रविवार, 22 मार्च को ऊपरलागढ़ स्थित बड़ा मंदिर से ईसर जी व गणगौर की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा भैंसरोड़गढ़ स्थित बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी चौक पहुंची, जहां पुष्पवर्षा के बीच पारंपरिक हल्दी रस्म अदा की गई। इसके बाद शोभायात्रा केशव बाजार होते हुए निचला चौगान पहुंची, जहां पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर उत्सव की शोभा बढ़ाई। शोभायात्रा में गणगौर महोत्सव समिति के सदस्य, समस्त भैंसरोड़गढ़ वासी एवं पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से शामिल रहा।
Pawan Mehar
रियासतकालीन कस्बे भैंसरोड़गढ़ में गणगौर महोत्सव की धूम। दूसरे दिन हल्दी रस्म के साथ निकली शोभायात्रा। भैंसरोड़गढ़ में त्रिदिवसीय गणगौर महोत्सव 21, 22 व 23 मार्च तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गणगौर महोत्सव के दूसरे दिन रविवार, 22 मार्च को ऊपरलागढ़ स्थित बड़ा मंदिर से ईसर जी व गणगौर की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा भैंसरोड़गढ़ स्थित बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी चौक पहुंची, जहां पुष्पवर्षा के बीच पारंपरिक हल्दी रस्म अदा की गई। इसके बाद शोभायात्रा केशव बाजार होते हुए निचला चौगान पहुंची, जहां पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर उत्सव की शोभा बढ़ाई। शोभायात्रा में गणगौर महोत्सव समिति के सदस्य, समस्त भैंसरोड़गढ़ वासी एवं पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से शामिल रहा।
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- भैंसरोड़गढ़ में त्रिदिवसीय गणगौर महोत्सव 21, 22 व 23 मार्च तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गणगौर महोत्सव के दूसरे दिन रविवार, 22 मार्च को ऊपरलागढ़ स्थित बड़ा मंदिर से ईसर जी व गणगौर की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा भैंसरोड़गढ़ स्थित बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी चौक पहुंची, जहां पुष्पवर्षा के बीच पारंपरिक हल्दी रस्म अदा की गई। इसके बाद शोभायात्रा केशव बाजार होते हुए निचला चौगान पहुंची, जहां पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर उत्सव की शोभा बढ़ाई। शोभायात्रा में गणगौर महोत्सव समिति के सदस्य, समस्त भैंसरोड़गढ़ वासी एवं पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से शामिल रहा।1
- Post by अप्सरा अंसारी जिलाप्रभारी कोटा उत्तर महिला कांग्रेस सेवादल Ansari2
- कोटा शहर में एक बार फिर शिक्षा की रौनक लौटती नजर आ रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का रुझान दोबारा कोटा की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट: कोटा शहर में इन दिनों कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए देशभर से छात्र-छात्राएं फिर से कोटा का रुख कर रहे हैं। कोचिंग हब के रूप में पहचान रखने वाले कोटा में लंबे समय बाद फिर से रौनक लौटती नजर आ रही है। विभिन्न कोचिंग संस्थानों में छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। छात्रों का कहना है कि कोटा में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी फैकल्टी और प्रतियोगी माहौल उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित करता है। वहीं अभिभावक भी कोटा को अभी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक भरोसेमंद केंद्र मानते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कोटा में छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे एक बार फिर शहर अपनी पुरानी पहचान के साथ पूरी तरह सक्रिय होता नजर आए गा कोटा शैक्षणिक नगरी3
- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 95वीं शहादत वर्षगांठ पर निकाली प्रभात फेरी -माकपा, सीटू, किसान सभा और नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि -विचार गोष्ठी का किया आयोजन इटावा/ कोटा। कोटा जिले के इटावा में सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 95 वें शहादत दिवस (23 मार्च) पर जोरदार प्रभात फेरी निकाली गई। मजदूर बस्तियों से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरती यह फेरी शहीद भगत सिंह स्मारक पर समाप्त हुई, जहां प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यकर्ताओं ने शहीदों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प लिया। प्रभात फेरी का नेतृत्व नौजवान सभा के भूतपूर्व सचिव कमल बागड़ी ने किया। यह फेरी मजदूर किसान भवन (नेता रोड, वार्ड नंबर 6) से शुरू होकर अशोकनगर (वार्ड नंबर 5), कोटा रोड, पुराना बाजार, सरोवर नगर, चंद्रा मार्केट, पुलिस थाना इटावा के सामने से होती हुई अंबेडकर सर्किल होते हुए सरकारी स्कूल प्रांगण (पीपल्दा रोड) स्थित शहीद भगत सिंह स्मारक पर पहुंची।इसमें माकपा तहसील सचिव मुकुट बिहारी जंगम, सीटू निर्माण मजदूर यूनियन अध्यक्ष गोपाल लाल, किसान सभा के संयुक्त सचिव कमल बागड़ी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विचार गोष्ठी हुई, जिसमें वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ताओं ने 1857 की क्रांति से भगत सिंह के दौर तक के क्रांतिकारी आंदोलनों का विस्तार से जिक्र किया। मुकुट बिहारी जंगम, गोपाल लाल महावर, कमल बागड़ी, मुरारी लाल बैरवा (सीटू महामंत्री) और प्रेम पेंटर ने संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि भगत सिंह और साथियों का लक्ष्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि वर्गविहीन, जातिविहीन और भेदभाव मुक्त समाज की स्थापना था। रूसी क्रांति और विश्व युद्धों के संदर्भ में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अंतरराष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डाला गया। वर्तमान चुनौतियों पर जताई चिंता सीटू महामंत्री मुरारी लाल बैरवा ने वर्तमान चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि द्विध्रुवीय व्यवस्था खत्म होने के बाद अमेरिकी साम्राज्यवाद फिर से उभर रहा है। विकासशील देशों के संसाधनों पर कब्जे की होड़, युद्धों और पर्यावरण विनाश से मानवता व प्रकृति खतरे में है। वैश्विक तापमान वृद्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। कार्यक्रम में छीतर लाल बैरवा, चेतन प्रकाश मीणा, बद्रीलाल ऐरवाल, बालमुकुंद बैरवा, सूरजमल बेरवा, अमोलकचंद महावर सहित अन्य मौजूद रहे। सभी ने "शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव अमर रहे", "साम्राज्यवाद मुर्दाबाद", "साम्यवाद जिंदाबाद" के नारे लगाए। भगतसिंह के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प कमल बागड़ी ने कार्यक्रम समाप्त करते हुए कहा कि शहीदों के 95 वें शहादत दिवस पर शपथ ली जाती है कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। 24 मार्च 2026 को माकपा की जन आक्रोश रैली में भाग लेने के लिए इटावा-पीपल्दा क्षेत्र सहित कोटा जिले के सैकड़ों कार्यकर्ता, मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र और नौजवान दिल्ली रवाना होंगे। इसकी अगुवाई कोटा जिला सचिव हबीब खान और सीटू महामंत्री मुरारी लाल बैरवा करेंगे।4
- Post by Mahendar.merotha1
- शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर शहर में क्रांतिकारी विचारों का प्रसार करने का अनूठा प्रयास कोटा। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के बलिदान दिवस की पूर्व बेला में शहर में क्रांतिकारी विचारों का प्रसार करने का एक अनूठा प्रयास देखने को मिला। जन सांस्कृतिक मंच ‘विकल्प’ ने तालाब की पाल, बारादरी में शहीद भगत सिंह विचार पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य भगत सिंह के साम्राज्यवाद-विरोधी, शोषण-मुक्त समाज निर्माण से जुड़े क्रांतिकारी विचारों को आम जनता तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाना था। बड़ी संख्या में पहुंचे बुद्धिजीवी, छात्र-युवा एवं कलाकार विकल्प के अध्यक्ष दिनेश राय द्विवेदी ने बताया कि प्रदर्शनी स्थल पर नगर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, कला कर्मियों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं की खासी भीड़ उमड़ी। लोग घंटों पोस्टरों के समक्ष खड़े होकर भगत सिंह के विचारों को पढ़ते और चर्चा करते दिखे। पोस्टरों में शामिल प्रमुख विषय प्रदर्शनी में लगाए गए पोस्टरों में भगत सिंह के विचारों को केंद्र में रखा गया। जिनमें सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन की आवश्यकता, साम्राज्यवाद का कड़ा विरोध जातिवाद और सामाजिक असमानता का अंत, शोषण-रहित व्यवस्था का निर्माण, क्रांतिकारी चेतना का प्रसार आदि प्रमुख थे। आयोजन में ये रहे शामिल प्रदर्शनी की सफलता में कई कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें प्रमुख रूप से अंबिका दत्त, बिगुल जैन, राजेन्द्र जैन, अब्दुल गफूर, महेन्द्र नेह, नंद किशोर महावर, विजय राघव, विवेक चतुर्वेदी, विजय सिंह पालीवाल शामिल रहे। आज भी प्रासंगिक हैं भगत सिंह के विचार ‘विकल्प’ जन सांस्कृतिक मंच ने इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर सिद्ध किया कि भगत सिंह के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस दौर में थे। संगठन ने संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे ताकि नई पीढ़ी क्रांतिकारी मूल्यों से जुड़ सके।1
- युवा विधानसभा में गूंजी इंकलाब की आवाजः आदित्य राज सिंह ने यूजीसी मुद्दे पर घेरा, बिहार की यूथ विधानसभा में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब युवा प्रतिनिधि आदित्य राज सिंह ने शिक्षा व्यवस्था और यूजीसी की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उनके तेवर इतने सख्त थे कि पूरी सभा दंग रह गई1
- Post by Mahendar.merotha1