बिहार के मधेपुरा जिले में शिक्षा विभाग के एक फैसले के खिलाफ छात्रों ने सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। घैलाढ़ प्रखंड के भान टेकती स्थित इस सरकारी स्कूल में छात्रों ने मंगलवार की सुबह नए प्रभारी प्रधानाध्यापक को प्रभार सौंपने की तैयारी शुरू होते ही मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक पढ़ाई ठप रही और शिक्षक विद्यालय के बाहर इंतजार करते रहे। छात्रों की स्पष्ट मांग थी कि स्थायी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होने तक वर्तमान प्रभारी मुकेश कुमार को ही पद पर बनाए रखा जाए। छात्रों और ग्रामीणों (जैसे छात्रा अंतरा कुमारी और छात्र बादल कुमार) का आरोप है कि पिछले आठ महीनों में मुकेश कुमार के नेतृत्व में विद्यालय की पढ़ाई, अनुशासन और शैक्षणिक माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनका कहना है कि विभाग ने केवल वरीयता के आधार पर प्रभारी बदलने का फैसला लिया, जो छात्रों और विद्यालय के हित को नजरअंदाज करता है। बताया गया कि पूर्व प्रभारी अजय कुमार के प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद मुकेश कुमार को प्रभार मिला था, लेकिन बाद में शिक्षक अशोक कुमार अमर के आवेदन पर विभाग ने वरीयता के आधार पर मोहम्मद इमरान आलम को नया प्रभारी बनाने का आदेश जारी कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही घैलाढ़ के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह विद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की, शिक्षकों के बारे में फीडबैक लिया और कुछ शिक्षकों को फटकार भी लगाई। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले से जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने तालाबंदी समाप्त कर दी, लेकिन तब तक विद्यालय में पढ़ाई बाधित रही, जिसकी पुष्टि शिक्षक दिलीप कुमार ने भी की। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों (जैसे अखिलेश कुमार) ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं होता है, तो वे सड़क जाम सहित एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह घटना अब सिर्फ प्रभारी बदलने का मामला नहीं रही, बल्कि इस बात पर भी सवाल उठाती है कि क्या विद्यालयों से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में छात्रों और अभिभावकों की राय को भी महत्व मिलना चाहिए, या केवल विभागीय आदेश ही अंतिम होगा।
बिहार के मधेपुरा जिले में शिक्षा विभाग के एक फैसले के खिलाफ छात्रों ने सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। घैलाढ़ प्रखंड के भान टेकती स्थित इस सरकारी स्कूल में छात्रों ने मंगलवार की सुबह नए प्रभारी प्रधानाध्यापक को प्रभार सौंपने की तैयारी शुरू होते ही मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक पढ़ाई ठप रही और शिक्षक विद्यालय के बाहर इंतजार करते रहे। छात्रों की स्पष्ट मांग थी कि स्थायी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होने तक वर्तमान प्रभारी
मुकेश कुमार को ही पद पर बनाए रखा जाए। छात्रों और ग्रामीणों (जैसे छात्रा अंतरा कुमारी और छात्र बादल कुमार) का आरोप है कि पिछले आठ महीनों में मुकेश कुमार के नेतृत्व में विद्यालय की पढ़ाई, अनुशासन और शैक्षणिक माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनका कहना है कि विभाग ने केवल वरीयता के आधार पर प्रभारी बदलने का फैसला लिया, जो छात्रों और विद्यालय के हित को नजरअंदाज करता है। बताया गया कि पूर्व प्रभारी अजय कुमार के प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद मुकेश कुमार को प्रभार मिला था,
लेकिन बाद में शिक्षक अशोक कुमार अमर के आवेदन पर विभाग ने वरीयता के आधार पर मोहम्मद इमरान आलम को नया प्रभारी बनाने का आदेश जारी कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही घैलाढ़ के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह विद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की, शिक्षकों के बारे में फीडबैक लिया और कुछ शिक्षकों को फटकार भी लगाई। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले से जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने तालाबंदी समाप्त कर दी, लेकिन तब
तक विद्यालय में पढ़ाई बाधित रही, जिसकी पुष्टि शिक्षक दिलीप कुमार ने भी की। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों (जैसे अखिलेश कुमार) ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं होता है, तो वे सड़क जाम सहित एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह घटना अब सिर्फ प्रभारी बदलने का मामला नहीं रही, बल्कि इस बात पर भी सवाल उठाती है कि क्या विद्यालयों से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में छात्रों और अभिभावकों की राय को भी महत्व मिलना चाहिए, या केवल विभागीय आदेश ही अंतिम होगा।
- Ranjan kumarSaur Bazar, Saharsa😢2 hrs ago
- बिहार में बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि पिछले 3-4 महीने से पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में नहीं पहुँची है। इस स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है और यह पूछा जा रहा है कि आखिर भुगतान में यह विलंब क्यों हो रहा है तथा इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा।1
- नोहट्टा प्रखंड में मंगलवार को चार पंचायतों में एक संयुक्त 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुंचाना था। दिनभर चले इस विशेष शिविर में कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निष्पादन कर ग्रामीणों को तत्काल राहत प्रदान की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रिया भारती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का प्रमुख लक्ष्य जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना था। शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को गंभीरता से देखते हुए सभी 75 आवेदनों का तत्काल निपटारा किया गया। शिविर के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित कई मामले प्रमुखता से सामने आए। इस पर संज्ञान लेते हुए वीडियो प्रिया भारती ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि क्षेत्र में पेंशन को लेकर कुछ तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियां आ रही थीं, जिसके कारण लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आगामी 10 दिनों के भीतर सभी योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि भेज दी जाएगी। प्रिया भारती ने यह भी भरोसा दिलाया कि पेंशन से जुड़ी तकनीकी खामियां जल्द दूर कर दी जाएंगी। प्रशासन के इस त्वरित कदम से शिविर में पहुंचे ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष देखा गया। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों पर काफी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है और उनकी समस्याओं का पारदर्शी तरीके से समाधान होता है। इस शिविर में प्रखंड स्तर के कई अन्य अधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे।1
- महिषी प्रखंड की महिसरोह पंचायत में एक दिवसीय सहयोग शिविर का आयोजन किया गया।1
- Post by Aman Jha1
- Post by Birendra Kumar ray1
- fasal shati karte hue kisanon ka jabardasti chudai Jagran samachar kisanon ka fasal kheti karte hain Aaye kahane pay Nahin mante Mal Mana karne per Nahin Mana jata hai1
- सहरसा जिले के नौहट्टा में पुलिस ने एक सील किए गए मकान पर छापा मारा है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इस मकान में, जिसे पहले अवैध गतिविधियों के कारण सील किया गया था, एक बार फिर से अवैध धंधा संचालित हो रहा था।1