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बिहार में बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि पिछले 3-4 महीने से पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में नहीं पहुँची है। इस स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है और यह पूछा जा रहा है कि आखिर भुगतान में यह विलंब क्यों हो रहा है तथा इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा।
Supaul Media ( Dev Raj )
बिहार में बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि पिछले 3-4 महीने से पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में नहीं पहुँची है। इस स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है और यह पूछा जा रहा है कि आखिर भुगतान में यह विलंब क्यों हो रहा है तथा इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा।
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- बिहार में बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि पिछले 3-4 महीने से पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में नहीं पहुँची है। इस स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है और यह पूछा जा रहा है कि आखिर भुगतान में यह विलंब क्यों हो रहा है तथा इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा।1
- एक नशेड़ी व्यक्ति को गांजा का सेवन करते हुए पकड़ा गया है।1
- नोहट्टा प्रखंड में मंगलवार को चार पंचायतों में एक संयुक्त 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुंचाना था। दिनभर चले इस विशेष शिविर में कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निष्पादन कर ग्रामीणों को तत्काल राहत प्रदान की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रिया भारती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का प्रमुख लक्ष्य जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना था। शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को गंभीरता से देखते हुए सभी 75 आवेदनों का तत्काल निपटारा किया गया। शिविर के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित कई मामले प्रमुखता से सामने आए। इस पर संज्ञान लेते हुए वीडियो प्रिया भारती ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि क्षेत्र में पेंशन को लेकर कुछ तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियां आ रही थीं, जिसके कारण लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आगामी 10 दिनों के भीतर सभी योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि भेज दी जाएगी। प्रिया भारती ने यह भी भरोसा दिलाया कि पेंशन से जुड़ी तकनीकी खामियां जल्द दूर कर दी जाएंगी। प्रशासन के इस त्वरित कदम से शिविर में पहुंचे ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष देखा गया। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों पर काफी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है और उनकी समस्याओं का पारदर्शी तरीके से समाधान होता है। इस शिविर में प्रखंड स्तर के कई अन्य अधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे।1
- Post by Aman Jha1
- Post by Birendra Kumar ray1
- सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मूसहर्नियां गांव में सोमवार देर रात अज्ञात चोरों ने दरवाजे पर बंधी तीन भैंसें चोरी कर लीं। इस घटना से पशुपालक धीरेन्द्र यादव के परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि भैंसें ही उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य जरिया थीं। बताया गया कि धीरेन्द्र यादव की पत्नी किरण कुमारी मंगलवार सुबह जब भैंसों को चारा देने पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि दरवाजे से तीनों भैंसें गायब थीं। उन्होंने तत्काल परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद गांव में भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में गहन खोजबीन की, लेकिन चोरी हुई भैंसों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पीड़ित परिवार ने अपनी भैंसों की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई है, और इस चोरी से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चिंता है; उनका कहना है कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को एक विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। अन्य पशुपालकों में भी गहरा भय व्याप्त है, उन्हें डर है कि वे भी ऐसी किसी चोरी का शिकार न हो जाएं। चोरी की इस घटना को लेकर सौर बाजार थाना में आवेदन दिया गया है, और उम्मीद है कि आवेदन के बाद ही पुलिस इस मामले का उद्भेदन कर पाएगी।1
- एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर देने की घोषणा की है। उन्होंने पत्रकार मनीष चौधरी पर सीधा सवाल उठाया है, जिन्होंने कथित तौर पर बिना उनका पक्ष जाने और बिना किसी निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग के उनके खिलाफ खबर प्रकाशित की। कार्यकर्ता ने पत्रकारिता के धर्म पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या एक पक्ष की बात सुनकर फैसला सुना देना ही पत्रकारिता है? कार्यकर्ता ने जोर देकर कहा कि वे अपने लगाए गए हर आरोप को साक्ष्यों के साथ साबित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तारडीह प्रखंड और महथौर पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना अपना सामाजिक दायित्व बताया, यह कहते हुए कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के जवाब में, सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि वे इन्हें न्यायालय और संबंधित सक्षम प्राधिकरण के समक्ष देंगे। इसके साथ ही, उन्होंने बिना उनका पक्ष लिए तथ्यात्मक निष्कर्ष प्रकाशित करने वालों के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी उपायों पर विचार करने की बात भी कही है। उन्होंने अंत में कहा कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता; यदि वे गलत हैं तो कानून उन्हें सज़ा दे, और यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों को भी कानून के कटघरे में आना होगा।1
- सहरसा जिले के नौहट्टा में पुलिस ने एक सील किए गए मकान पर छापा मारा है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इस मकान में, जिसे पहले अवैध गतिविधियों के कारण सील किया गया था, एक बार फिर से अवैध धंधा संचालित हो रहा था।1